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Aaj Ka Mausam | Today Weather | IMD Heavy Rainfall Alert: बंगाल की खाड़ी से लेकर राजस्थान तक फैली टर्फ, 48 घंटे 18 राज्यों में आंधी और मूसलाधार बारिश

Today Weather: देश में इस समय मानसून कहर मचा रखा है. मानसून ने पूरे देश में दस्तक दे दी है और हर तरफ पानी और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. दिल्ली-NCR से लेकर मुंबई और सूरत तक हर तरफ सड़क जलमग्न है. नाले और नदियां उफान पर हैं. इस बीच मौसम विभाग (IMD) का ताजा बुलेटिन बताता है कि अगले 48 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं. बंगाल की खाड़ी से लेकर उत्तर-पश्चिम राजस्थान तक फैली मानसूनी ट्रफ, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र तथा सक्रिय मानसूनी हवाएं पूरे उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में व्यापक असर डाल रही हैं. यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान तक भारी बारिश, तेज आंधी और कई जगह ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है.

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए देश के 18 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है. दूसरी ओर स्काईमेट ने भी महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है. समुद्री इलाकों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. साफ है कि अगले दो दिन देश के बड़े हिस्से में मौसम की गतिविधियां सामान्य नहीं रहने वाली हैं.

महाराष्ट्र में मानसून का असर सबसे अधिक मुंबई, पुणे, रत्नागिरी और कोंकण क्षेत्र में दिखाई दे रहा है. (AP)

18 राज्यों पर मौसम का डबल अटैक

IMD के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र और केरल में भारी बारिश के साथ तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. कई स्थानों पर बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से सक्रिय नमी लगातार उत्तर भारत तक पहुंच रही है, इससे बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़े हैं.
उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना लो प्रेशर एरिया लगातार मजबूत बना हुआ है. इसके साथ ही समुद्र तल पर मानसून ट्रफ उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. यही दोनों सिस्टम देश के बड़े हिस्से में बारिश को लगातार ऊर्जा दे रहे हैं. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जहां-जहां यह ट्रफ सक्रिय रहेगी, वहां अगले 48 घंटे तक भारी वर्षा और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है.

दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश और 70 KM/H की हवा का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में 10 जुलाई को मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है. आईएमडी ने राजधानी में भारी बारिश, गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में जलभराव, अंडरपास में पानी भरने और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है. अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा टालने, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और कमजोर पेड़ों या ढांचों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है. गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है.

उत्तर प्रदेश में पश्चिम से पूर्व तक बारिश और तेज आंधी का दौर

उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, बांदा, बिजनौर, पीलीभीत, बरेली, बहराइच, सीतापुर, बलरामपुर, कुशीनगर, हरदोई, अयोध्या, उन्नाव, सुल्तानपुर, अमेठी और आजमगढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों के उफान पर आने और ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है.

बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा

बिहार में गया, पटना, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सारण, भोजपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, भागलपुर, कटिहार और किशनगंज सहित कई जिलों के लिए भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है. पटना में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है.

पंजाब और हरियाणा में लंबे समय से पड़ रही उमस और गर्मी पर अब मानसून भारी पड़ने वाला है. (AP)

रांची समेत कई जिलों में मूसलाधार बारिश के आसार

झारखंड में रांची, हजारीबाग, रामगढ़, जामताड़ा, बोकारो, गिरिडीह, गुमला, खूंटी, धनबाद, देवघर, दुमका और सरायकेला-खरसावां सहित कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. रांची का अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. लगातार बारिश से शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है.

दक्षिण और उत्तर बंगाल दोनों में बारिश का जोर

पश्चिम बंगाल में झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया, अलीपुरद्वार, नादिया, मालदा, हुगली, कूचबिहार और कालिम्पोंग सहित कई जिलों में 10 और 11 जुलाई के लिए बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. कोलकाता में अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. वहीं उत्तर बंगाल के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है. दक्षिण बंगाल के कई जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है.

राजस्थान: पूर्वी जिलों में तेज बारिश, पश्चिम में भी बदलेगा मौसम

राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. मौसम विभाग ने अलवर, करौली, अजमेर, बूंदी, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, सवाई माधोपुर और कोटा सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वी राजस्थान में लगातार बारिश का असर अधिक देखने को मिलेगा, जबकि पश्चिमी हिस्सों में भी कई दिनों से बनी गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. जयपुर में 10 जुलाई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को नुकसान की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.

मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया से कई जिलों में भारी बारिश

उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र प्रदेश में बारिश का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है. सागर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, खरगोन, मुरैना, इंदौर, छतरपुर, बालाघाट, विदिशा, रीवा, ग्वालियर और दमोह सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल में अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण कई नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ सकता है. किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है.

पंजाब-हरियाणा: आंधी के साथ बारिश, गर्मी से मिलेगी राहत

पंजाब और हरियाणा में लंबे समय से पड़ रही उमस और गर्मी पर अब मानसून भारी पड़ने वाला है. जालंधर, पटियाला, अमृतसर, संगरूर, बठिंडा, फाजिल्का, मोगा, मुक्तसर और रूपनगर सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इससे बिजली आपूर्ति और यातायात प्रभावित होने की आशंका है.
हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, अंबाला, पानीपत, हिसार और रोहतक समेत कई जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है. दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्रों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है.

पहाड़ों में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा

उत्तराखंड में हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर और टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कई संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है. देहरादून में अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
हिमाचल प्रदेश में सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना, किन्नौर, बिलासपुर, चंबा और लाहौल-स्पीति में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मनाली में अधिकतम तापमान 15 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले लोगों को भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाओं को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

अरुणाचल से मेघालय तक मूसलाधार बारिश का दौर

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है. आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है. कई नदियों का जलस्तर बढ़ने, भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका के चलते स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है. लोगों से नदी और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है.

केरल से तमिलनाडु तक भारी बारिश और समुद्र में हाई अलर्ट

दक्षिण भारत में भी मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है. केरल के मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड में येलो अलर्ट लागू है. कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है.
वहीं तमिलनाडु के नीलगिरि और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है. दक्षिण गुजरात से मध्य केरल तक फैली लो-प्रेशर ट्रफ का असर तमिलनाडु और पुडुचेरी पर भी दिखाई देगा. समुद्र में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और तटीय क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.

महाराष्ट्र: लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित

महाराष्ट्र में मानसून का असर सबसे अधिक मुंबई, पुणे, रत्नागिरी और कोंकण क्षेत्र में दिखाई दे रहा है. मुंबई में दिनभर बादल छाए रहने, रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है. बीएमसी के अनुसार बिजली चमकने, बादल गरजने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पुणे, रत्नागिरी और आसपास के जिलों में लगातार हो रही बारिश से कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. निचले इलाकों में जलभराव और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे नहीं जाने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.

मानसून ट्रफ क्या होती है और इसका मौसम पर इतना बड़ा असर क्यों पड़ता है?

मानसून ट्रफ एक कम दबाव वाली लंबी पट्टी होती है, जो सामान्य तौर पर उत्तर-पश्चिम भारत से बंगाल की खाड़ी तक फैली रहती है. जब यह ट्रफ सक्रिय होती है या अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण या उत्तर की ओर खिसकती है, तब बारिश की तीव्रता और क्षेत्र दोनों बदल जाते हैं. वर्तमान में ट्रफ उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जिसके कारण उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में लगातार नमी पहुंच रही है. यही वजह है कि कई राज्यों में एक साथ भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है.

क्या 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं सामान्य मानसूनी हवाएं मानी जाती हैं?

नहीं. मानसून के दौरान सामान्य रूप से इतनी तेज हवाएं नहीं चलतीं. जब किसी सक्रिय लो प्रेशर एरिया, चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी ट्रफ का संयुक्त प्रभाव बनता है, तब तेज आंधी और तूफानी हवाओं की संभावना बढ़ जाती है. 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा पेड़ों को गिरा सकती है, बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती है और कच्चे मकानों तथा खेतों में खड़ी फसलों को भी प्रभावित कर सकती है. इसलिए मौसम विभाग ऐसी स्थिति में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देता है.

पहाड़ी राज्यों में बारिश के दौरान सबसे बड़ा खतरा क्या होता है?

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में लगातार भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, चट्टानें गिरना, बादल फटना और नदियों का अचानक उफान पर आना सबसे बड़ा खतरा होता है. इससे सड़कें बंद हो सकती हैं, बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. यही कारण है कि चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय मार्गों पर प्रशासन लगातार निगरानी रखता है और मौसम खराब होने पर यात्रा टालने की सलाह देता है.

किसानों के लिए मौसम विभाग की सबसे अहम सलाह क्या है?

लगातार भारी बारिश को देखते हुए आईएमडी ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी है. खुले में रखी फसल, बीज और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए भी कहा गया है. जिन क्षेत्रों में तेज हवा और ओलावृष्टि का अलर्ट है, वहां बागवानी और सब्जी की फसलों को विशेष सुरक्षा देने की जरूरत है. पशुपालकों को भी मवेशियों को खुले स्थान पर नहीं छोड़ने और सुरक्षित शेड में रखने की सलाह दी गई है.

अगले 48 घंटे आम लोगों को किन बातों का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए?

मौसम विभाग ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने, जलभराव वाले इलाकों और अंडरपास से दूर रहने, बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने और मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर लगातार नजर रखने की अपील की है. पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को भूस्खलन संभावित मार्गों से बचना चाहिए. समुद्री इलाकों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना इस समय सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है.

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