बरसात में उगने वाला यह पौधा है औषधियों का खजाना, घाव और सूजन में आता है काम, जानिए इस्तेमाल का तरीका

Last Updated:July 10, 2026, 16:51 IST
लाजवंती यानी छुईमुई का पौधा अपनी अनोखी खूबी के लिए जाना जाता है. इसकी पत्तियों को छूने पर यह तुरंत सिकुड़ जाती हैं. आयुर्वेद में इस पौधे का उपयोग घाव, सूजन और कई पारंपरिक उपचारों में किया जाता रहा है.
एक ऐसा भी अजब-गजब पौधा पाया जाता है जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं. इस पौधे की विशेषता यह होती है कि इसकी पत्तियों को छूने से यह सिकुड़ जाती है. साथ ही इसका औषधि के तौर पर भी उपयोग होता है. लाजवंती (छुईमुई) पौधा अपनी अनोखी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है. यह औषधीय गुणों से भरपूर है. बरसात के मौसम में यह पौधा अधिक मात्रा में उगता है.
दरअसल रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय) लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा में इसे कई रोगों, जैसे घाव भरने और सूजन कम करने के लिए उपयोग किया जाता है. छुईमुई झाड़ियों या घास वाली जगहों पर तेजी से फैलता है. आयुर्वेद चिकित्सक के अनुसार, छुईमुई के पत्तों का पेस्ट बहुत काम का होता है.
यह पेस्ट घाव, सूजन और त्वचा की समस्याओं से राहत दिलाने में बेहद कारगर है. इसके अलावा इसके जड़ का काढ़ा बनाकर सेवन करने से आंतरिक समस्याओं जैसे पाचन और मूत्र विकारों से राहत दिलाने में मददगार है. वहीं सूखे पत्ते का चूर्ण बनाकर भी उपयोग में लाया जा सकता है.
Add as Preferred Source on Google
छुईमुई के पत्तों और जड़ों का उपयोग घावों और चोटों को जल्दी ठीक करने में किया जाता है. इसके एंटीसेप्टिक गुण संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं. इसके अलावा इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन को कम करने में प्रभावी होते हैं.
इसे सूजन वाले क्षेत्रों पर लगाने से आराम मिलता है. वहीं छुईमुई का सेवन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है.
छुईमुई के सेवन से कब्ज, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इसके अलावा छुई-मुई के पत्तों का पेस्ट मसूड़ों और दांतों की समस्याओं के लिए उपयोगी है. यह दर्द और सूजन को कम करता है.
इसके अलावा छुईमुई मूत्रवर्धक गुणों से भरपूर है, जिससे यह मूत्र मार्ग की समस्याओं और संक्रमण को दूर करने में मदद करता है. इसके अलावा डिप्रेशन और चिंता में राहत, बवासीर का उपचार, संक्रमण और बैक्टीरिया से बचाव, प्रजनन स्वास्थ्य में मदद भी छुईमुई का पौधा मदद करता है.
छुईमुई का पौधा यूरिन इंफेक्शन संबंधी समस्याओं, जैसे यूरिन संक्रमण और पेशाब में जलन को कम करने में सहायक होता है. इसके लिए छुईमुई के पत्तों को धोकर साफ कर लें. फिर इन्हें पानी में उबालें और तब तक उबालें जब तक पानी आधा न हो जाए फिर इस काढ़े को छानकर दिन में दो बार पिएं तो यूरिन इंफेक्शन से राहत मिलती है
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



