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सीने में दर्द हमेशा गैस नहीं…महिलाओं को बिना दर्द भी हो सकता है हार्ट अटैक, कार्डियोलॉजिस्ट से जानिए ऐसा क्यों?

Last Updated:July 10, 2026, 21:57 IST

Heart Attack Prevention : हार्ट अटैक से पहले शरीर कई संकेत देता है, लेकिन लोग अक्सर इन्हें गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. फरीदाबाद के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि छाती में दर्द, पसीना, घबराहट और सांस फूलना गंभीर संकेत हो सकते हैं. 90 फीसदी मरीजों में सबसे पहले छाती में दर्द होता है. यह दर्द कंधे, हाथ या पेट के ऊपरी हिस्से तक भी जा सकता है. कुछ लोगों के पैरों में सूजन भी देखने को मिलती है. हर मरीज में लक्षण एक जैसे नहीं होते. हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी लाइफस्टाइल सबसे जरूरी है. स्मोकिंग से पूरी तरह दूरी बनाएं. शराब की थोड़ी मात्रा भी सुरक्षित नहीं.

फरीदाबाद. हार्ट अटैक का नाम सुनते ही ज्यादातर लोग डर जाते हैं. कई बार लोगों को समझ ही नहीं आता कि सीने में हो रहा दर्द गैस की वजह से है या फिर हार्ट अटैक का संकेत है. कुछ लोग दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं, तो कुछ इसे सिर्फ एसिडिटी समझकर दवा खा लेते हैं. लेकिन कई मामलों में यही लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत क्या होते हैं, महिलाओं और पुरुषों में इसके लक्षण कैसे अलग हो सकते हैं और किस समय बिना देरी किए अस्पताल पहुंचना चाहिए. लोकल 18 से फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष कुमार बताते हैं कि हार्ट अटैक अपने आप में एक बड़ा सिंड्रोम है. करीब 90 फीसदी मरीजों में सबसे पहले छाती में दर्द होता है. यह दर्द कंधे, हाथ या पेट के ऊपरी हिस्से तक भी जा सकता है. इसके साथ घबराहट, पसीना आना और सांस फूलने जैसी दिक्कत भी हो सकती है. कुछ लोगों के पैरों में सूजन भी देखने को मिलती है. हर मरीज में लक्षण एक जैसे नहीं होते और कई बार हार्ट अटैक अलग तरीके से भी सामने आता है.

महिलाओं में हार्ट अटैक की पहचान देरी से क्यों?

डॉ. आशीष के मुताबिक, महिलाओं और शुगर के मरीजों में हार्ट अटैक के लक्षण कई बार अलग होते हैं. ऐसे मरीजों को हमेशा तेज छाती का दर्द नहीं होता. कई बार सिर्फ सांस फूलती है, पैरों में सूजन आती है या मरीज अचानक बेहोश होकर गिर जाता है. इसलिए ऐसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर समय रहते जांच हो जाए तो बड़ा खतरा टाला जा सकता है. पुरुषों में हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण पूरी छाती में तेज दर्द, घबराहट और पसीना आना होता है. महिलाओं में कई बार दर्द छाती की बजाय पेट के ऊपरी हिस्से में होता है या बिल्कुल दर्द नहीं होता. कई महिलाएं इसे एसिडिटी समझकर कई दिनों तक दवा लेती रहती हैं और बाद में पता चलता है कि उन्हें हार्ट अटैक हो चुका था. इसी वजह से महिलाओं में हार्ट अटैक की पहचान कई बार देर से होती है.

दवा लेने के बाद भी आराम न मिले तो?

डॉ. आशीष बताते हैं कि गैस और हार्ट अटैक के दर्द में फर्क समझना भी जरूरी है. गैस का दर्द आमतौर पर पेट के ऊपरी हिस्से में होता है, जबकि हार्ट अटैक का दर्द छाती में होता है. कई बार हार्ट अटैक में दर्द की जगह सिर्फ छाती में जलन होती है. लोग इसे बाहर का खाना खाने से हुई एसिडिटी समझ लेते हैं. अगर एसिडिटी की दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है तो बिना देरी किए ईसीजी जरूर करवानी चाहिए. अगर किसी को अचानक छाती में दर्द, ज्यादा पसीना, घबराहट या सांस लेने में परेशानी हो रही है तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाना चाहिए. वहां सबसे पहले ईसीजी और जरूरी ब्लड टेस्ट, खासकर ट्रोपोनिन टेस्ट करवाना चाहिए. सही समय पर जांच और इलाज शुरू होने से जान बचने की संभावना बढ़ जाती है.

इतने घंटे में इलाज जरूरी

डॉ. आशीष के मुताबिक, हार्ट अटैक में गोल्डन ऑवर सबसे अहम होता है. अगर मरीज तीन घंटे के अंदर अस्पताल पहुंच जाए और समय पर एंजियोप्लास्टी हो जाए या जहां यह सुविधा नहीं है, वहां थ्रोम्बोलाइसिस का इंजेक्शन मिल जाए तो मरीज की जान बचने की संभावना करीब 95 फीसदी तक रहती है. इससे हार्ट की मांसपेशियों को भी कम नुकसान होता है. अगर तीन से 12 घंटे के अंदर भी इलाज शुरू हो जाए तब भी मरीज को काफी फायदा मिल सकता है. हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी लाइफस्टाइल सबसे जरूरी है. बाहर का फास्ट फूड कम खाएं, अच्छे तेल का इस्तेमाल करें और स्मोकिंग व शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं. नई रिसर्च के मुताबिक शराब की थोड़ी मात्रा भी सुरक्षित नहीं मानी जाती. खाने में घी, चीनी और कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए. जितना हो सके घर का ताजा और संतुलित खाना खाएं. इससे हार्ट अटैक का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है.

About the AuthorPriyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें

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