जिस चीज पर माथापच्ची कर रहे दुनिया के बड़े-बड़े साइंटिस्ट, उसे बना रहे भारत के स्टूडेंट, 13 लाख करोड़ पहुंच गया बाजार

Last Updated:July 11, 2026, 18:13 IST
Semiconductor Manufacturing : केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विणी वैष्णव ने कहा है कि भारत के 315 से ज्यादा विश्वविद्यालयों में आज स्टूडेंट सेमीकंडक्टर डिजाइन पर काम कर रहे हैं. इनके डिजाइन किए गए चिप पर एससीएल मोहाली में काम भी चल रहा है. पिछले साल ही एससीएल मोहाली में ऐसे 56 डिजाइन पर काम शुरू किया गया था.एससीएल मोहाली में स्टूडेंट के डिजाइन किए गए चिप बनाए जाते हैं.
नई दिल्ली. आत्मनिर्भर भारत की मुहिम में सबसे बड़ा पड़ाव सेमीकंडक्टर के आयात को खत्म करना है. देश में जितनी तेजी से इलेक्ट्रॉनिक्स का विकास हो रहा है, उतना ही ज्यादा सेमीकंडक्टर यानी चिप का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है. जाहिर है कि इस डिमांड को पूरी करने के लिए भारत को बड़ी मात्रा में चिप का आयात करना पड़ता है. लेकिन, मोदी सरकार ने इस दिशा में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़ी मुहिम शुरू की थी. अब यह मुहिम अपना रंग दिखाने लगी है और आज जिस चीज को बनाने के लिए दुनिया के बड़े-बड़े साइंटिस्ट माथापच्ची कर रहे हैं, उसे भारतीय यूनिवर्सिटीज के स्टूडेंड ने तैयार दिया. इन छात्रों के डिजाइन किए गए चिप का निर्माण मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL) में हो रहा है. यह जानकारी खुद केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विणी वैष्णव ने दी है.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत को साल 2047 तक टेक्नोलॉजी सुपरपावर बनाने का प्लान है, जिसके लिए एआई और सेमीकंडक्टर पर बड़े निवेश की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कंपनियों को कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के साथ मिलकर पढ़ाई का सिलेबस इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना चाहिए. इस काम के लिए सरकार ने IIT हैदराबाद में सेक्टर-आधारित Data Trust का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे स्टार्टअप, रिसर्चर और कंपनियां सुरक्षित तरीके से भारतीय डेटा का इस्तेमाल कर सकें.
315 विश्वविद्यालय में डिजाइन हो रही चिपकेंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार की कोशिशों से आज देश की 315 यूनिवर्सिटीज़ में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन किए जा रहे हैं. इसके लिए आधुनिक EDA टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं. छात्रों द्वारा डिजाइन की गई चिप्स का निर्माण SCL मोहाली में किया जा रहा है, ताकि उन्हें डिजाइन से लेकर टेस्टिंग तक का व्यावहारिक अनुभव मिले. केंद्रीय मंत्री का कहना है कि हजारों छात्र आज डिजाइन में हाथ आजमा रहे हैं और इसका फायदा देश को आत्मनिर्भर बनाने में मिल रहा है.
एससीएल में बनाए जा रहे 56 चिप28 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव ने एससीएल मोहाली का दौरा किया था, तब इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन के तहत चिप टू स्टार्टअप प्रोग्राम के जरिये विश्वविद्यालय के छात्रों के डिजाइन पर सेमीकंडक्टर बनाना शुरू किया गया था. तब केंद्रीय मंत्री ने बताया था कि छात्रों की ओर से डिजाइन किए गए 56 चिप को एससीएल में बनाने पर काम शुरू किया जा चुका है. इसमें से 28 चिप को तो 17 संस्थानों के छात्रों ने डिजाइन किया है. सरकार ने एससीएल को आधुनिक बनाने के लिए 4,500 करोड़ रुपये का फंड भी दिया है.
नई तकनीक विकसित करें उद्योगकेंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ बैठक में कहा कि Artificial Intelligence (AI) दुनिया की IT इंडस्ट्री को तेजी से बदल रहा है और भारत को इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए. उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि नई तकनीक विकसित करें और भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर बनाने में साझेदार बनें. मंत्री ने बताया कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 13 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है और लगातार तेजी से बढ़ रहा है. मोबाइल फोन अब भारत का सबसे बड़ा सिंगल निर्यात (Single Export Product) बन चुका है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स देश का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र है.
About the AuthorPramod Kumar Tiwari
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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