राजस्थान हाईकोर्ट से आसाराम को बड़ी राहत, सरकार की आपत्तियों के बावजूद मिली 20 दिन की पैरोल

Last Updated:August 04, 2026, 11:01 IST
Asaram Parole News: राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को 20 दिन की पैरोल देने के आदेश दिए हैं. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया. राज्य सरकार और पुलिस ने फरार होने की आशंका, अन्य राज्यों में दर्ज मामलों और शिकायतकर्ता परिवार की सुरक्षा का हवाला देकर पैरोल का विरोध किया था. हालांकि अदालत ने कहा कि 13 वर्षों की कैद और अंतरिम जमानत के दौरान आसाराम ने किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया. केवल आशंका के आधार पर पैरोल से इनकार उचित नहीं है.
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम को 20 दिन की पैरोल देने का दिया आदेश. (फाइल फोटो)
जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने उसे 20 दिन की पैरोल देने के आदेश दिए हैं. यह फैसला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने सुनाया. इससे पहले जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में हुई पैरोल समिति की बैठक में आसाराम के पैरोल आवेदन को खारिज कर दिया गया था. समिति ने पुलिस और प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर पैरोल देने से इनकार किया था.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैरोल का विरोध किया गया. सरकार ने अदालत को बताया कि आसाराम के खिलाफ राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं. साथ ही गुजरात के गांधीनगर की अदालत भी उसे एक मामले में दोषी ठहरा चुकी है. सरकार ने यह भी दलील दी कि पैरोल के लिए आवश्यक फिटनेस प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है. इसके अलावा शिकायतकर्ता परिवार की सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई गई और कहा गया कि पैरोल मिलने पर कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.
पैरोल को लेकर राज्य सरकार और पुलिस ने दी ये दलील
पुलिस ने भी अदालत में रिपोर्ट पेश करते हुए आशंका जताई कि पैरोल मिलने पर आसाराम के फरार होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इसी आधार पर जिला स्तर की पैरोल समिति ने उसका आवेदन निरस्त कर दिया था. हालांकि, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस की इन दलीलों को पर्याप्त आधार नहीं माना. अदालत ने कहा कि आसाराम पिछले करीब 13 वर्षों से जेल में बंद है. इस दौरान उसे कई बार अंतरिम जमानत भी मिली, लेकिन उसके द्वारा जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने, फरार होने, गवाहों को प्रभावित करने या समाज के लिए खतरा पैदा करने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई. ऐसे में केवल आशंकाओं के आधार पर पैरोल से इनकार करना उचित नहीं माना जा सकता.
इस आधार पर आसाराम को 20 दिन की पैरोल मिली
खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पैरोल पर निर्णय तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर होना चाहिए, न कि केवल संभावनाओं या आशंकाओं के आधार पर. इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आसाराम को 20 दिन की पैरोल देने का आदेश दिया. आसाराम की ओर से अधिवक्ता कालूराम भाटी और अधिवक्ता यशपाल सिंह राजपुरोहित ने पैरवी की. हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर रिहा किया जाएगा.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Location :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 04, 2026, 11:01 IST



