जिंदा नास्त्रेदमस की 2 भविष्यवाणियां हुईं सच! अब तीसरी पर टिकीं निगाहें, पूरी दुनिया पर मंडराएगा खतरा

‘लिविंग नास्त्रेदमस’ के नाम से मशहूर ब्राजील के भविष्यवक्ता एथोस सालोमे इन दिनों फिर चर्चा में हैं. उसकी वजह है साल 2026 की उनकी वो 3 भविष्यवाणियां. उनका दावा है कि उनमें से 2 सच साबित हो चुकी हैं. उनकी तीसरी भविष्यवाणी अब सच साबित होने के करीब दिख रही है.
पहली भविष्यवाणी मिडिल ईस्ट, दूसरी स्पेन को लेकर थी. तीसरी भविष्यणाणी रूस को लेकर की है, जो तेजी से सच होती दिख रही है और उसके असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता हैं. एक-एक करके डिटेल में उन तीनों भविष्यवाणियों की बात करते हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध को लेकर कही थी ये बात
हाल के महीनों में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने इस भविष्यवाणी को फिर चर्चा में ला दिया था. सालोमे ने कहा था कि 2026 में मिडिल ईस्ट का तनाव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगा. ईरान के यूरेनियम इनरिचमेंट को लेकर विवाद पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करेगा. हाल के महीनों में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बाद उनके समर्थक इस भविष्यवाणी को सही बता रहे हैं.
स्पेन की जीत का भी किया दावा
सालोमे का कहना है कि उन्होंने 2026 फीफा वर्ल्ड कप के विजेता की भी सही भविष्यवाणी की थी. उनका दावा है कि उन्होंने पहले ही कहा था कि आग के रंग वाली टीम चैंपियन बनेगी, जिसे उन्होंने बाद में स्पेन से जोड़ा. उन्होंने लगातार स्पेन को सबसे मजबूत दावेदार बताया था और आखिरकार स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब जीत लिया.
हालांकि, कई लोगों का कहना है कि उनकी यह भविष्यवाणी काफी सामान्य थी, क्योंकि आग के रंग वाली कई टीमें इस दायरे में आती थीं.
अब रूस और नाटो को लेकर नई चेतावनी
सालोमे की एक और भविष्यवाणी अब चर्चा में है. उनका दावा है कि रूस आर्कटिक क्षेत्र में अपनी मिसाइल प्रणालियां तैनात कर रहा है. इससे 2026 में बर्फ पिघलने के दौरान नाटो के साथ सीधा टकराव होने का खतरा बढ़ सकता है.
उन्होंने कहा कि आर्कटिक में नए समुद्री रास्ते और ऊर्जा संसाधनों पर कंट्रोल को लेकर बड़ी ताकतों के बीच तेज दौड़ शुरू होगी. हाल ही में एक परमाणु जोखिम विशेषज्ञ ने भी चेतावनी दी है कि आर्कटिक की बर्फ तेजी से पिघलने के कारण रूस अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बर्फ पिघलने से रूस के परमाणु हथियार पहले की तुलना में अधिक असुरक्षित भी हो सकते हैं.
अफ्रीका और एशिया को लेकर भी चेतावनी
सालोमे ने अफ्रीका के साहेल क्षेत्र को भी तनाव का केंद्र बताया है. इसमें नाइजर का एरिया मुख्य है. उनके मुताबिक पश्चिमी देशों की सेनाओं की वापसी के बाद वहां चरमपंथी संगठनों के बीच हिंसा बढ़ सकती है.
इसके अलावा उन्होंने कुछ दावा किया
रूस-यूक्रेन युद्ध किसी नतीजे पर नहीं पहुंचेगा.
चीन और ताइवान के बीच तनाव बढ़ेगा, लेकिन पूर्ण युद्ध नहीं होगा.
दुनिया में बर्ड फ्लू, डेंगू और एमपॉक्स जैसी बीमारियों के नए प्रकोप देखने को मिल सकते हैं.
कौन हैं एथोस सालोमे
सालोमे खुद को पैरासाइकोलॉजिस्ट बताते हैं. पैरासाइकोलॉजिस्ट वह रिसर्चर होता है जो असाधारण मानसिक घटनाओं का अध्ययन करता है, जिनकी व्याख्या सामान्य विज्ञान या मनोविज्ञान से नहीं हो पाती. यह मुख्य रूप से टेलीपैथी, और पुनर्जन्म या मृत्यु के बाद के क्या होता है जैसी असामान्य चीजों की जांच करते हैं.
सालोमे कहना है कि उन्होंने पहले ही कोविड-19 महामारी और ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत जैसी घटनाओं की भविष्यवाणी कर दी थी. दिसंबर 2025 में उन्होंने 2026 के लिए 10 बड़ी भविष्यवाणियां जारी की थीं.
सालोमे ने दिसंबर 2025 में अपनी भविष्यवाणियां जारी की थीं. इनमें सबसे अहम भविष्यवाणी ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर थी. उन्होंने कहा था कि 2026 की दूसरी तिमाही में ईरान के यूरेनियम इनरिचमेंट को लेकर हालात बेहद गंभीर हो जाएंगे. इसकी वजह से पूरा मिडिल ईस्ट अस्थिरता हो जाएगा.
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि एथोस सालोमे की भविष्यवाणियों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. उनके दावे व्यक्तिगत भविष्यवाणियों पर आधारित हैं और इन्हें तथ्य या निश्चित भविष्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. कई भविष्यवाणियां इतनी व्यापक होती हैं कि बाद की घटनाओं से उन्हें जोड़कर देखा जा सकता है.



