Barmer News: स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर भाग्यम वेलपैड-15 के बाहर ग्रामीणों का धरना

बाड़मेर. भूमिगत तेल एवं गैस परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्र में एक बार फिर स्थानीय रोजगार का मुद्दा गरमा गया है. बाड़मेर जिले के भाग्यम वेलपैड-15 के बाहर बुधवार सुबह से बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा धरने पर बैठ गए. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी ने पहले भूमि गंवाने वाले परिवारों (लैंड लूजर) और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब उस वादे से पीछे हट रही है. इसी के विरोध में ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए वेलपैड के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना शुरू कर दिया.
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6 बजे से ही युवा और प्रभावित परिवार वेलपैड के बाहर एकत्रित हो गए. प्रदर्शनकारियों ने कंपनी में आने-जाने वाले वाहनों और कर्मचारियों को रोककर शांतिपूर्ण धरना शुरू किया. धरने के कारण कंपनी के दैनिक कार्यों पर भी असर देखने को मिला और कई कर्मचारी व अधिकारी वेलपैड के बाहर ही रुके रहे.
कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप
धरने पर बैठे युवाओं का कहना है कि परियोजना शुरू होने के दौरान कंपनी ने स्पष्ट रूप से भरोसा दिलाया था कि जिन परिवारों की भूमि परियोजना के लिए प्रभावित हुई है, उनके सदस्यों और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी. लेकिन अब भर्ती प्रक्रिया में बाहरी लोगों को अवसर दिए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय योग्य युवाओं की अनदेखी की जा रही है, इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है.
प्रशासन और कंपनी के अधिकारी नहीं पहुंचे
धरना शुरू होने के करीब चार घंटे बाद भी न तो प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही कंपनी की ओर से किसी जिम्मेदार अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
कामकाज भी हुआ प्रभावित
धरने के चलते वेलपैड में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई कार्मिक समय पर कार्यस्थल तक नहीं पहुंच सके, जिससे संचालन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि प्रदर्शनकारी लगातार यह कह रहे हैं कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और उनका उद्देश्य केवल स्थानीय युवाओं को उनका हक दिलाना है.
मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ग्रामीणों और युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी स्थानीय युवाओं और लैंड लूजर परिवारों को रोजगार देने के अपने वादे को पूरा नहीं करती तथा प्रशासन जल्द हस्तक्षेप नहीं करता, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें प्रशासन और कंपनी के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.



