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किसानों के लिए सुनहरा मौका! 7 दिन की ट्रेनिंग से सीखिए वैज्ञानिक बकरी पालन, खेती के साथ कमाएं अतिरिक्त मुनाफा

Last Updated:August 06, 2026, 15:47 IST

Goat Farming Tips: खेती की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के बीच वैज्ञानिक बकरी पालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है. इसी उद्देश्य से कृषि विश्वविद्यालय में सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें किसानों और युवाओं को आधुनिक बकरी पालन, बेहतर नस्ल प्रबंधन, पोषण, टीकाकरण और व्यवसायिक तकनीकों की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने कृषि और पशुपालन को साथ अपनाने तथा उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर सीधे बाजार तक पहुंचने पर जोर दिया. इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा. सरकार भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों और किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दे रही है.

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जोधपुर: खेती में बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के बीच अब किसानों के लिए केवल फसल उत्पादन ही नहीं, बल्कि पशुपालन भी आय बढ़ाने का मजबूत विकल्प बनकर सामने आ रहा है. खासकर वैज्ञानिक तरीके से किया गया बकरी पालन किसानों की आर्थिक स्थिति बदल सकता है. इसी उद्देश्य से कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में किसानों और युवाओं को आधुनिक बकरी पालन की ऐसी तकनीकों से परिचित कराया गया, जिनसे कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी हासिल की जा सकती है.

प्रशिक्षण शिविर में किसानों को बताया गया कि केवल परंपरागत खेती पर निर्भर रहने के बजाय कृषि और पशुपालन को एक साथ अपनाना आज की जरूरत है. विशेषज्ञों ने समझाया कि यदि किसान अपने उत्पादों को सीधे बाजार तक पहुंचाने और उनका मूल्य संवर्धन करने पर ध्यान दें तो बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और मेहनत का उचित लाभ सीधे किसानों को मिलेगा. सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ऐसे प्रयासों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है.

सिर्फ दूध नहीं, प्रोसेसिंग से बनेगी कमाई की नई राहप्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया गया कि बकरी पालन को केवल दूध उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहिए. बकरी के दूध से साबुन, कॉस्मेटिक और अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है. साथ ही वैज्ञानिक आहार प्रबंधन, उन्नत नस्लों का चयन, समय पर टीकाकरण और बेहतर आवास व्यवस्था जैसी तकनीकों को अपनाने से उत्पादन क्षमता और मुनाफा दोनों बढ़ाए जा सकते हैं. किसानों को समूह बनाकर ब्रांडिंग और मार्केटिंग करने की भी सलाह दी गई.

प्रशिक्षण से बढ़ा किसानों का आत्मविश्वासप्रशिक्षण में शामिल किसानों और युवाओं ने बताया कि पहले वे पारंपरिक तरीके से बकरी पालन करते थे, लेकिन अब वैज्ञानिक जानकारी मिलने के बाद उन्हें कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं. कृषि विश्वविद्यालय के किसान कौशल विकास केंद्र द्वारा अब तक एक हजार से अधिक किसानों और युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्रामीण युवा वैज्ञानिक बकरी पालन और मूल्य संवर्धन को अपनाएं तो यह स्वरोजगार के साथ-साथ गांवों से पलायन रोकने और किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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Jodhpur,Rajasthan

First Published :

August 06, 2026, 15:47 IST

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