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Assam Flood Photos: हाथ में चप्पल, सीने से लिपटी किताबें… असम में बाढ़ के दर्द को बयां करती 7 तस्वीरें

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हाथ में चप्पल, सीने से लिपटी किताबें… असम में बाढ़ के दर्द की 7 तस्वीरें

Last Updated:August 06, 2026, 22:21 IST

Assam Flood Crisis: असम में बाढ़ का कहर जारी है, जहां 14 जिलों के 1.6 लाख से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं और 95 लोगों की जान जा चुकी है. उफनती नदियों और डूबते आशियानों के बीच जिंदगी बचाने की जंग जारी है. हाथ में चप्पल लिए और सीने से किताबें चिपकाए पानी में उतरती मासूम बच्चियों से लेकर बांस के बेड़े पर खड़े बेबस ग्रामीणों तक, ये 7 तस्वीरें बाढ़ की भयानक बाढ़ और इंसानी संघर्ष की बेहद मार्मिक दास्तान बयां करती हैं.

बाढ़ से भारी तबाही और 95 लोगों की मौत: असम में जारी विनाशकारी बाढ़ से अब तक मौतों का आंकड़ा बढ़कर 95 हो गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान 6 और लोगों की जान चली गई. इनमें बिस्वनाथ और शिवसागर जिले से दो-दो, जबकि गोलाघाट और मोरीगांव जिले से एक-एक व्यक्ति शामिल है.

14 जिलों के 1.6 लाख से अधिक नागरिक प्रभावित: राज्य के 14 जिलों में करीब 1.6 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं. प्रभावित इलाकों में शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है जहां 57,000 लोग संकट में हैं. इसके अलावा गोलाघाट में 34,000 और जोरहाट में 25,000 लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

राहत और बचाव कार्य में जुटी प्रशासन की टीम: प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में 100 से अधिक राहत शिविर और डिस्ट्रीब्यूशन केंद्र चलाए जा रहे हैं. इन शिविरों में वर्तमान में 44,000 से अधिक लोगों को आश्रय दिया गया है. पीड़ितों तक बड़ी मात्रा में चावल, दाल, नमक और सरसों का तेल पहुंचाया जा रहा है.

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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने किया निरीक्षण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ शिवसागर के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने भारी तबाही पर चिंता जताते हुए स्थिति को सामान्य होने में समय लगने की बात कही और केंद्र से पूर्ण मदद का आश्वासन दिया.

हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न और बुनियादी ढांचा तबाह: बाढ़ के कारण राज्य में लगभग 16,951 हेक्टेयर कृषि फसल जलमग्न होकर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है. इसके अलावा बिस्वनाथ और दरांग में तटबंध टूट गए हैं. कई स्थानों पर पुलों, सड़कों और बुनियादी ढांचों को भी पानी के तेज बहाव से भारी नुकसान पहुंचा है.

35 हजार से अधिक मवेशी और पशु-पक्षी प्रभावित: बाढ़ का असर आम जनजीवन के साथ-साथ बेजुबान जानवरों पर भी गंभीर रूप से पड़ा है. राज्य में 35,000 से अधिक मवेशी और घरेलू पशु प्रभावित हुए हैं. वहीं, बाढ़ के तेज पानी के बहाव में करीब 8,500 से अधिक पशु बह गए हैं, जिनमें से ज्यादातर शिवसागर जिले के हैं.

शहरी क्षेत्रों में जलभराव और नदियों का उफान जारी: कई शहरी इलाकों जैसे गुवाहाटी, कामरूप और जोरहाट में जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें नावों का उपयोग करके बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाल रही हैं.

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August 06, 2026, 22:18 IST

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