Talcum powder cause cancer: टैल्कम पाउडर से कैंसर होता है? जानें टाटा मेमोरियल सेंटर के एक्सपर्ट ने क्या कहा

Last Updated:August 07, 2026, 11:09 IST
Talcum Powder And Cancer: टैल्कम पाउडर से कैंसर होता है, ये दावा अभी तक साबित नहीं हो पाया है. ऐसे में इसे यूज करने को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन समझदारी और सावधानी के साथ इसका उपयोग करना सबसे सेफ तरीका माना जाता है. मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर के एक्सपर्ट ने टैल्कम पाउडर के रिस्क और इस्तेमाल के सही तरीके के बारे में क्या सलाह दी है, यहां आप जान सकते हैं.
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टैल्क जमीन से निकाला जाने वाला एक मिनरल है. नमी सोखने और इरिटेशन कम करने में बहुत असरदार होने के कारण, कॉस्मेटिक कंपनियां अक्सर इसका इस्तेमाल बेबी पाउडर, ब्लश, आई शैडो और दूसरे प्रोडक्ट्स में करती हैं. ऐसे में जानें अनजानें टैल्कम पाउडर (Talcum Powder) सालों से लोगों की डेली का लाइफ का अहम हिस्सा बना हुआ है.
लेकिन हाल के सालों में टैल्कम पाउडर और कैंसर होने के रिस्क के बीच के कनेक्शन को लेकर चर्चा काफी सुर्खियों में रही है. दावा है कि इसमें एस्बेस्टोस नामक तत्व काफी मात्रा में होता है, जो कि कैंसर का कारक है. हाल ही में जॉनसन एंड जॉनसन ने टैल्कम पाउडर से जुड़े मुकदमे को निपटाने के लिए 5.5 अरब डॉलर का भुगतान किया. हालांकि कंपनी ने कैंसर होने के दावे को बेबुनियाद बताया है. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि कुछ मामलों में टैल्कम पाउडर को इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी जरूरी है.
टाटा मेमोरियल सेंटर के एक्सपर्ट क्या कहते हैं?टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के कैंसर महामारी विज्ञान केंद्र (सीई) की उप निदेशक दे गौरावी मिश्रा ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए कहा कि चिंता का मुख्य कारण टैल्क नहीं, बल्कि उसमें संभावित रूप से मौजूद एस्बेस्टस है. एस्बेस्टस एक ऐसा पदार्थ है जिसे कैंसर पैदा करने वाला माना जाता है. टैल्क और एस्बेस्टस प्राकृतिक रूप से एक ही प्रकार की चट्टानों में पाए जा सकते हैं. यदि खनन और जांच की प्रक्रिया पर्याप्त सख्त न हो, तो टैल्क में एस्बेस्टस की मिलावट होने की आशंका रहती है. हालांकि ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है जो यह साबित करे कि टैल्कम पाउडर का सामान्य उपयोग निश्चित रूप से ओवेरियन कैंसर का कारण बनता है.
टैल्कम पाउडर यूज कर रहे लोग खतरे में?डॉक्टरों के मुताबिक लंबे समय से टैल्कम पाउडर इस्तेमाल कर रहे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. पुराने उपयोग को किसी बीमारी का सीधा कारण मान लेना सही नहीं होगा. यदि कोई स्वास्थ्य समस्या या असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.
सावधानी जरूरी है!एक्सपर्ट बताती हैं कि जिन महिलाओं के परिवार में ओवेरियन या स्तन कैंसर का इतिहास रहा हो, उन्हें अपने डॉक्टर से इस विषय पर चर्चा करनी चाहिए. इसके अलावा शिशुओं, अस्थमा या सांस की पुरानी बीमारी वाले लोगों तथा संवेदनशील त्वचा वाले व्यक्तियों को भी टैल्कम पाउडर का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए. विशेषज्ञ खुले घाव, संक्रमित त्वचा, ऑपरेशन के बाद के घाव या जननांग क्षेत्र में टैल्कम पाउडर लगाने से बचने की सलाह देते हैं. बच्चों के चेहरे, नाक और मुंह के आसपास भी इसका उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि पाउडर के कण सांस के जरिए शरीर में जा सकते हैं.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 07, 2026, 11:09 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



