डायरिया को न्योता दे रही हैं आपकी ये रोजमर्रा की गलतियां! बच्चों को बचाने के लिए तुरंत बदलें आदतें

Last Updated:August 09, 2026, 16:06 IST
बच्चों में डायरिया का खतरा बढ़ाने वाली रोजमर्रा की छोटी-छोटी गलतियों से बचना बेहद जरूरी है. साफ हाथ, सुरक्षित पानी, पौष्टिक आहार और घर की स्वच्छता का ध्यान रखकर डायरिया से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है. आइए जानते हैं विस्तार से…डायरिया का खतरा.
बच्चों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है. हालांकि डायरिया से बचाव कोई मुश्किल काम नहीं है. हमारी रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें बच्चों और पूरे परिवार को इस बीमारी से काफी हद तक सुरक्षित रख सकती हैं. डायरिया के दौरान शरीर से पानी और जरूरी लवण तेजी से बाहर निकलते हैं, इसलिए साफ-सफाई के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना और शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है.
सबसे जरूरी है हाथों की सफाई. खाना खाने या खिलाने से पहले और शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद साबुन और साफ पानी से हाथ जरूर धोने चाहिए. छोटे बच्चों को खाना खिलाने, उनकी बोतल या खाने के बर्तन छूने और शौच के बाद हाथ साफ करने की आदत शुरू से ही डालनी चाहिए. कई बार गंदे हाथों के जरिए कीटाणु खाने और पानी तक पहुंच जाते हैं और यही डायरिया की बड़ी वजह बनते हैं. इसलिए घर में सभी सदस्यों के लिए हाथ धोने की आदत संक्रमण से बचाव का आसान और प्रभावी तरीका है.
साफ पानी बेहद जरूरी
साफ और सुरक्षित पीने का पानी भी बेहद जरूरी है. घर में इस्तेमाल होने वाले पानी को साफ और ढककर रखे गए बर्तनों में रखना चाहिए. बच्चों को हमेशा साफ और सुरक्षित पानी ही पिलाएं. पानी को खुले बर्तन में रखने से उसमें गंदगी और कीटाणु पहुंच सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. अगर पानी की शुद्धता को लेकर किसी तरह का संदेह हो तो उसे उचित तरीके से साफ करके या उबालकर इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही पानी रखने वाले बर्तन और गिलास की नियमित सफाई भी जरूरी है.
6 महीने तक केवल मां का दूध
छोटे बच्चों के लिए जन्म के बाद पहले 6 महीने तक केवल मां का दूध दिया जाता है. इसके बाद उम्र के हिसाब से पौष्टिक और सही पूरक आहार देना चाहिए. मां का दूध बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है और कई संक्रमणों से बचाव करता है. बच्चों को खाना खिलाते समय भोजन की साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें. खाना ताजा हो, अच्छी तरह पका हुआ हो और बच्चे के बर्तन साफ हों, यह सुनिश्चित करना जरूरी है.
खाने की चीजों को ढककर रखें
घर और आसपास की साफ-सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है. शौच के लिए हमेशा शौचालय का इस्तेमाल करें और बच्चों को भी इसकी आदत डालें. नालियों और आसपास जमा गंदगी की नियमित सफाई करें, क्योंकि गंदा वातावरण बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है. खाने की चीजों को ढककर रखें और कच्चे तथा पके भोजन को अलग-अलग रखें. घर में कूड़ा-कचरा खुले में न छोड़ें, क्योंकि इससे मक्खियां और दूसरे कीटाणु फैलाने वाले जीव भोजन और पानी को दूषित कर सकते हैं.
About the AuthorVividha SinghSub Editor
विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…
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August 09, 2026, 16:06 IST



