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गुटखा खाने वालों सावधान! अब युवाओं को भी घेर रहा मुंह का कैंसर, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

Last Updated:September 30, 2026, 14:08 IST

कानपुर में अब कम उम्र के मरीज भी मुंह के कैंसर की जांच और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, गुटखा, सुपारी और तंबाकू को लंबे समय तक मुंह में रखने से अंदर की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है. मुंह में लंबे समय तक रहने वाला छाला, लाल-सफेद पैच या अन्य बदलाव दिखने पर जांच कराना जरूरी है.

कानपुर. कभी मुंह का कैंसर 40 से 50 साल की उम्र के लोगों में अधिक देखने को मिलता था, लेकिन अब कम उम्र के मरीज भी सामने आ रहे हैं. कानपुर के जेके कैंसर संस्थान में 20 से 30 साल की उम्र के मरीज भी मुंह के कैंसर की जांच और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, गुटखा, सुपारी और तंबाकू को लंबे समय तक मुंह में दबाकर रखने से मुंह की अंदरूनी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है. शुरुआत में छोटे छाले और घाव बनते हैं, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकते हैं.

लोकल 18 ने पनकी, सचेंडी समेत ग्रामीण परिवेश वाले इलाकों में गुटखे की बिक्री की जमीनी हकीकत देखी. यहां दुकानों पर पान मसाला और तंबाकू के अलग-अलग पाउच आसानी से बिकते मिले. विशेषज्ञों से बातचीत में सामने आया कि कम उम्र में मुंह के कैंसर के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं.

जेके कैंसर संस्थान में पिछले 13 साल से कार्यरत वरिष्ठ ओंकोलॉजिस्ट डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि पहले 40 से 60 साल की उम्र के मरीज मुंह के कैंसर के लिए आते थे. अब 20 से 35 साल की उम्र के मरीज भी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं. डॉ. वर्मा के मुताबिक, गुटखा, सुपारी और पान मसाला को घंटों मुंह में रखने से केमिकल रिलीज होते हैं. इससे जीभ और गाल की त्वचा में घाव बनने लगते हैं. अगर मुंह में हुआ छाला या घाव 15 दिन में ठीक नहीं हो रहा है, तो उसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे में तुरंत कैंसर विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए. समय रहते बीमारी पकड़ में आने पर इलाज आसान हो सकता है.

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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि गुटखा मुंह के कैंसर का अहम कारण है. उनके मुताबिक, गुटखा, खैनी, सुपारी और लंबे समय तक शराब का सेवन करने से भी मुंह का कैंसर हो सकता है. लगातार गुटखा खाने से मुंह के अंदर सबम्यूकस फाइब्रोसिस बन सकता है. इससे गालों के किनारे और जीभ पर लाल और सफेद पैच दिखाई देने लगते हैं. कई बार नुकीले दांतों से जीभ पर लगातार चोट लगने से भी घाव बन सकते हैं. अगर ऐसे घाव लंबे समय तक बने रहें तो कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. डॉ. संजय काला ने कहा कि मुंह में किसी भी तरह का घाव या बदलाव दिखाई दे तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज- मुंह में छाला 15 दिन से ज्यादा समय तक रहे. जीभ या गाल पर लाल या सफेद पैच दिखाई दे. मुंह खोलने में परेशानी हो. घाव से खून आए या दर्द बना रहे. साल 2012 में गुटखे पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन आज भी पान मसाला और तंबाकू अलग-अलग पाउच में बिक रहे हैं. पनकी जवाहरपुरम निवासी दुकानदार आशीष विश्वकर्मा ने बताया कि थोक विक्रेता से पूरा माल मिलता है, जिसमें गुटखा भी शामिल होता है. ग्राहक मांगते हैं तो उन्हें दे देते हैं. उनका कहना है कि अगर इस पर लगाम लगे तो सभी जगह बिक्री बंद हो जाएगी. गड़रियन पुरवा के दुकानदार रमेश ने बताया कि छोटे दुकानदारों के लिए पान मसाला बेचना मजबूरी है और इसी से घर चलता है.

सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय संजय प्रताप सिंह ने बताया कि समय-समय पर पान मसाला के नमूने लिए जाते हैं. पिछले छह महीने में शहर के 50 स्थानों से सैंपलिंग कराई गई है. उन्होंने कहा कि गुटखे की बिक्री पर बैन नहीं है, इसलिए पान मसाला और तंबाकू अलग-अलग पाउच में बिकते हैं.

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September 30, 2026, 14:08 IST

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