Sports

भारत के 5 सबसे सफल कप्तान…जिन्होंने सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैचों में की कप्तानी, जानें कौन है नंबर 1

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट का इतिहास महान कप्तानों की गाथाओं से भरा पड़ा है. मैदान पर 11 खिलाड़ियों की टीम को एक सूत्र में पिरोकर जीत की इबारत लिखना कभी आसान नहीं रहा, लेकिन देश के कुछ दिग्गजों ने इस जिम्मेदारी को न केवल बखूबी निभाया, बल्कि भारतीय क्रिकेट का चेहरा ही बदलकर रख दिया. तीनों फॉर्मेट टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल को मिलाकर भारत के लिए सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले टॉप-5 कप्तानों की अपनी एक अलग कहानी और अपना एक खास दौर रहा है.

जब भारतीय क्रिकेट में कप्तानी के सबसे सुनहरे दौर का जिक्र होता है, तो सबसे पहला नाम महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का आता है. साल 2007 से 2018 के बीच धोनी ने भारत के लिए रिकॉर्ड 332 मैचों में कप्तानी की. धोनी सिर्फ सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले भारतीय कप्तान ही नहीं हैं, बल्कि वे सफलता के उस शिखर पर पहुंचे जहां कोई दूसरा कप्तान नहीं पहुंच सका. उनके नेतृत्व में भारत ने 178 मैचों में शानदार जीत दर्ज की, जबकि 120 मुकाबलों में टीम को हार का सामना करना पड़ा. धोनी की कप्तानी में 6 मैच टाई रहे, 15 मुकाबले ड्रा पर छूटे और 13 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल सका.

धोनी का जीत-हार का अनुपात 1.480 रहा और उनका कुल जीत प्रतिशत 53.61 दर्ज किया गया. ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर धोनी ने 2007 टी20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर भारत को आईसीसी की तीनों ट्रॉफी दिलाने वाले दुनिया के एकमात्र कप्तान बनने का गौरव हासिल किया.

90 के दशक का भरोसा मोहम्मद अजहरुद्दीनधोनी के इस विशाल रिकॉर्ड से पहले, 1990 के दशक में भारतीय टीम की कमान संभालने वाले मोहम्मद अज़हरुद्दीन (Mohammad Azaharuddin) के नाम सबसे लंबे समय तक सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड दर्ज था. 1990 से 1999 के दौरान अज़हरुद्दीन ने कुल 221 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया. उनकी कप्तानी में भारत ने 104 मैच जीते और 90 मैचों में शिकस्त झेली. इसके अलावा 2 मुकाबले टाई रहे, 19 टेस्ट मैच ड्रा रहे और 6 मैचों में कोई नतीजा नहीं निकल सका. अजहरुद्दीन का जीत-हार का अनुपात 1.150 और जीत प्रतिशत 47.05 रहा. उनके दौर में भारत ने विशेष रूप से अपनी घरेलू सरजमीं पर टेस्ट श्रृंखलाओं में एकतरफा दबदबा बनाने की शुरुआत की थी.

विराट कोहली आक्रामकता और विदेशों में जीत की नई परिभाषा2013 से 2022 के बीच भारतीय क्रिकेट ने विराट कोहली (Virat Kohli) के रूप में एक ऐसा कप्तान देखा, जिसने टीम में एक नया जज्बा, फिटनेस कल्चर और आक्रामक मानसिकता भरी. कोहली ने तीनों प्रारूपों को मिलाकर 213 मैचों में भारत का नेतृत्व किया. मैचों की संख्या के मामले में वे भले ही सूची में तीसरे स्थान पर हों, लेकिन उनकी सफलता का ग्राफ बेहद शानदार रहा. विराट की कप्तानी में भारत ने 135 मुकाबलों में जीत का परचम लहराया, जबकि केवल 60 मैचों में टीम को हार मिली. इस दौरान 3 मैच टाई रहे, 11 मैच ड्रा रहे और 4 मैचों का परिणाम नहीं निकल सका. कोहली का जीत-हार का अनुपात 2.250 और जीत का प्रतिशत 63.38 रहा. विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी विदेशी पिचों पर भारत को जीत का जज्बा देने का श्रेय विराट कोहली को ही जाता है.

दादा का दौर और नए भारत का उदयजब भारतीय क्रिकेट मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब 1999 से 2005 के बीच सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने टीम की बागडोर संभाली. ‘दादा’ के नाम से मशहूर गांगुली ने कुल 195 मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की. उनके कार्यकाल में भारत ने 97 मैच जीते और 78 मैचों में हार झेली. गांगुली की कप्तानी में कोई भी मैच टाई नहीं हुआ, जबकि 15 मैच ड्रा रहे और 5 मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला. गांगुली का जीत-हार का अनुपात 1.240 और जीत प्रतिशत 49.74 रहा. आंकड़ों से परे, गांगुली की कप्तानी का असली योगदान यह था कि उन्होंने युवराज सिंह, हरभजन सिंह, ज़हीर खान और एमएस धोनी जैसे युवाओं पर भरोसा जताया और टीम को विरोधी के घर में जाकर उसकी आंखों में आंखें डालकर जीतना सिखाया.

रोहित शर्मा रिकॉर्ड तोड़ जीत प्रतिशत का नया दौरइस लिस्ट में पांचवां नाम आधुनिक दौर के दिग्गज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का आता है. 2017 से 2025 के बीच रोहित ने 142 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है. मैच संख्या के मामले में वे पांचवें स्थान पर हो सकते हैं, लेकिन सफलता के प्रतिशत के मामले में वे इस सूची के सभी कप्तानों से काफी आगे नजर आते हैं. रोहित की कप्तानी में भारत ने 142 में से रिकॉर्ड 103 मैचों में जीत दर्ज की, जबकि टीम को महज 33 मैचों में हार का सामना करना पड़ा. इस दौरान 2 मैच टाई रहे, 3 टेस्ट मैच ड्रा रहे और केवल 1 मैच बिना नतीजे के समाप्त हुआ. रोहित का जीत-हार का अनुपात 3.120 का अद्भुत आंकड़ा छूता है, वहीं उनका जीत प्रतिशत 72.53 रहा, जो इन सभी दिग्गज कप्तानों में सबसे ज्यादा है. उनके शांत स्वभाव और रणनीतिक कौशल ने भारत को 2024 टी20 विश्व कप का खिताब भी दिलाया.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj