राजस्थान के लिए अगले 48 घंटे भारी, 7 जिलों में ऑरेंज तो 30 में येलो अलर्ट, भारी बारिश का खतरा

जयपुर. राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और 10 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. आईएमडी ने पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. खासतौर पर कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, करौली और चित्तौड़गढ़ में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है.
वहीं जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, उदयपुर, टोंक, दौसा, सीकर, झुंझुनूं, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा समेत कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. पिछले 24 घंटे में भी राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है. डीग के पहाड़ी क्षेत्र में 158 मिमी, जयपुर के शाहपुरा में 90 मिमी, नीमकाथाना में 80 मिमी और भरतपुर नगर में 80 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. लगातार बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है.
बीकानेर से गुजर रही मानसून ट्रफ राजस्थान में बारिश की गतिविधियों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है
बीकानेर से गुजर रही मानसून ट्रफ
10 अगस्त को पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी.
इन 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केप्द्र जयपुर के अनुसार पूर्वी राजस्थान के बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, करौली, कोटा और सवाई माधोपुर में भारी बारिश की संभावना है. इन जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
इन जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केप्द्र जयपुर के अनुसार पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद और सलूम्बर में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इन जिलों में येलो अलर्ट है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा, बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जोधपुर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर में भी मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.
बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, करौली, कोटा और सवाई माधोपुर में भारी बारिश का अलर्ट
12 अगस्त तक बारिश, फिर घटेगी गतिविधि
आईएमडी के अनुसार 10 से 12 अगस्त के दौरान दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. वहीं जोधपुर और बीकानेर संभाग के सीमावर्ती क्षेत्रों को छोड़कर पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले 3 से 4 दिन हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके बाद पश्चिमी राजस्थान में 14 अगस्त से और पूर्वी राजस्थान में 15 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की प्रबल संभावना जताई गई है.
पूर्वी राजस्थान में 10 से 12 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने का अनुमान
पश्चिमी राजस्थान में अगले 3 से 4 दिनों तक बारिश के आसार
• राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय, 10 अगस्त को पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी.
• बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, करौली, कोटा और सवाई माधोपुर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट.
• जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, सीकर, झुंझुनूं और उदयपुर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया.
• पूर्वी राजस्थान में 10 से 12 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की मौसम विभाग ने संभावना जताई.
• पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में भी अगले 3 से 4 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं.
पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में भी अगले 3 से 4 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार
• बीकानेर से गुजर रही मानसून ट्रफ राजस्थान में बारिश की गतिविधियों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है.
• डीग के पहाड़ी क्षेत्र में 158 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि शाहपुरा में 90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई.
• लगातार बारिश के कारण चूरू, अलवर, भरतपुर और अन्य जिलों के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी.
• पश्चिमी राजस्थान में 14 अगस्त और पूर्वी राजस्थान में 15 अगस्त से बारिश की गतिविधियां घटने की संभावना है.
• भारी बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचना चाहिए.
कई जिलों में जलभराव की स्थिति
लगातार बारिश और बादल छाए रहने से प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. चूरू, सीकर, पिलानी, हनुमानगढ़, सिरोही और झुंझुनूं में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा. राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आईएमडी ने लोगों को भारी बारिश और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है.
लगातार बारिश के कारण चूरू, अलवर, भरतपुर और अन्य जिलों के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी.
10 अगस्त को राजस्थान में किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट है?10 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के सात जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इनमें बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, करौली, कोटा और सवाई माधोपुर शामिल हैं. इन जिलों में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.
राजस्थान में बारिश का दौर कब तक जारी रहने की संभावना है?
आईएमडी के अनुसार 10 से 12 अगस्त तक दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के सीमावर्ती क्षेत्रों को छोड़कर कई हिस्सों में अगले 3 से 4 दिन हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है.
राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कम कब होंगी?आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में 14 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की प्रबल संभावना है. वहीं पूर्वी राजस्थान में बारिश का असर 15 अगस्त से कमजोर पड़ सकता है. हालांकि इससे पहले 10 से 12 अगस्त के दौरान पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर बारिश जारी रहने और कुछ जगहों पर भारी बारिश होने के आसार हैं. स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है.
राजस्थान में भारी बारिश की वजह क्या है?
राजस्थान में बारिश की सक्रियता के पीछे कई मौसमी प्रणालियां जिम्मेदार हैं. मानसून ट्रफ इस समय बीकानेर से होते हुए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र से गुजर रही है. यह आगे पुरी और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है. इसके अलावा मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ भी ट्रफ के रूप में सक्रिय है. इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां मजबूत हुई हैं.
भारी बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?भारी बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए. पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान आकाशीय बिजली के समय सुरक्षित स्थान नहीं हैं. तेज बारिश में नदी, नाले और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि अचानक जलभराव या तेज बहाव की स्थिति बन सकती है. किसानों को भी खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए.



