सावन में शिवभक्त भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, पूजा का फल हो सकता है प्रभावित, जानें शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं

Last Updated:August 10, 2026, 17:27 IST
Sawan Puja Tips: सावन महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है.इस दौरान श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ और व्रत करते हैं. लेकिन शिवभक्तों को पूजा के साथ कुछ नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए. ज्योतिषी के अनुसार सावन में विशेष रूप से तीन गलतियों से बचने की सलाह दी है.
सावन का पवित्र महीना शुरू हुए कई दिन बीत चुके है. भगवान शिव की भक्ति में लीन श्रद्धालु मंदिरों में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के साथ विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं. कई भक्त सोमवार का व्रत रख रहे हैं तो कुछ शिवलिंग पर बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भोलेनाथ की कृपा पाने की कामना कर रहे हैं.
शिव पूजा में केवल श्रद्धा ही नहीं, बल्कि कुछ धार्मिक नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी माना गया है. ऐसी ही तीन गलतियां हैं, जिन्हें सावन में करने से भक्तों को बचना चाहिए. करौली के कर्मकांड ज्योतिषी एवं भागवताचार्य पंडित मनीष उपाध्याय बताते हैं कि सावन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है.
इस दौरान भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा, व्रत और अनुष्ठान करते हैं. लेकिन कुछ पूजन सामग्री और खान-पान को लेकर सावन के महीने में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. अगर यह सावधानी नहीं रखी जाएं तो कई बार हमें आराधना का पुण्य फल नहीं मिल पाता है. और इसके विपरीत प्रभाव भी पड़ सकते है.
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पंडित उपाध्याय के अनुसार भगवान शिव की पूजा में तुलसी पत्र अर्पित नहीं किया जाता. कई बार श्रद्धालु बेलपत्र के साथ तुलसी पत्र भी शिवलिंग पर चढ़ा देते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में शिवपूजन करते समय तुलसी पत्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए. शिवजी को बेलपत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है.
सावन में भगवान शिव का श्रृंगार करते समय सिंदूर का प्रयोग नहीं करना चाहिए. इसके अलावा शिवलिंग पर केतकी का फूल चढ़ाना भी धार्मिक मान्यताओं में वर्जित माना गया है. पंडित उपाध्याय के अनुसार केतकी का इत्र या केतकी युक्त जल भी भगवान शिव को अर्पित करने से बचना चाहिए.
सावन में शिवभक्तों को सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है. खासकर व्रत और अनुष्ठान करने वाले श्रद्धालुओं को लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए. इस महीने में खान-पान में संयम को भी पूजा-पाठ का हिस्सा माना जाता है.
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August 10, 2026, 17:27 IST



