Diabetes Control Tips : क्या होती है ABCDE ट्रिक? डायबिटीज रोगियों के लिए वरदान, बिना दवा कंट्रोल रहेगा शुगर

चंदौली. डायबिटीज (मधुमेह) अब सिर्फ उम्रदराज लोगों की बीमारी नहीं रह गई है, ये बात सभी को पता है. बदलती जीवनशैली, खान-पान की आदतों, शारीरिक गतिविधियों की कमी और बढ़ते तनाव के कारण युवाओं में भी ब्लड शुगर बढ़ने के मामले सामने आ रहे हैं. कई लोग शिकायत करते हैं कि वे सावधानी बरतने के बावजूद डायबिटीज की चपेट में आ गए. डॉक्टरों का कहना है कि दवाओं के साथ सही खान-पान और नियमित दिनचर्या भी जरूरी है. चंदौली की डॉ. रिद्धी पांडे डायबिटीज मैनेज करने के लिए ‘ABCDE मंत्र’ अपनाने की सलाह देती हैं. डॉ. रिद्धी के मुताबिक, डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए कुछ बातों को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना जरूरी है. ABCDE फॉर्मूला में ब्लड शुगर की नियमित निगरानी से लेकर डाइट और एक्सरसाइज तक को शामिल किया गया है.
A यानी HbA1c पर रखें नजर
डॉ. रिद्धी बताती हैं कि डायबिटीज की निगरानी में HbA1c टेस्ट को महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पिछले करीब 3 से 4 महीनों के औसत ब्लड शुगर का अंदाजा देता है. मरीजों को अपने HbA1c स्तर की नियमित जांच करानी चाहिए. इसे नियंत्रित रखने का प्रयास करना चाहिए. B यानी ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों और मिठाइयों से दूरी बना लें. समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करते रहना चाहिए, ताकि स्थिति पर नजर बनी रहे.
C यानी कोलेस्ट्रॉल
डायबिटीज के मरीजों के लिए सिर्फ शुगर कंट्रोल करना ही पर्याप्त नहीं है. कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित रखना जरूरी है. इसके लिए अत्यधिक तेल-मसाले और तले हुए भोजन से बचने तथा संतुलित आहार लेने की सलाह दी जाती है.
D यानी डाइट
डॉ. रिद्धी बताती हैं कि डायबिटीज मैनेजमेंट में डाइट की अहम भूमिका है. हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करने और मीठे खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी गई है. सफेद चावल और आलू जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें. अगर चावल खाने की बहुत ज्यादा इच्छा हो, तो सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस जैसे विकल्प पर विचार किया जा सकता है.
E यानी एक्सरसाइज
नियमित व्यायाम डायबिटीज मैनेजमेंट का हिस्सा है. डॉ. रिद्धी के मुताबिक, इसके लिए जरूरी नहीं कि सुबह ही एक्सरसाइज की जाए. समय मिलने पर दिन में व्यायाम किया जा सकता है. घर पर रहने वाले लोग वॉकिंग, योग या सूर्य नमस्कार जैसी गतिविधियों को अपनी क्षमता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं. व्यायाम के लिए समय का सही इस्तेमाल करना जरूरी है. भोजन के करीब 1 से 1.5 घंटे बाद हल्की शारीरिक गतिविधि या वॉकिंग की जा सकती है. इससे शरीर को सक्रिय रखने में मदद मिलती है.
इसका ध्यान रखना जरूरी
डॉ. रिद्धी बताती हैं कि डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है. नियमित जांच, संतुलित भोजन, शारीरिक गतिविधि और अनुशासित जीवनशैली को उपचार का हिस्सा बनाना जरूरी है. हालांकि, डाइट या एक्सरसाइज में बड़ा बदलाव करने से पहले मरीज को अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.



