झालावाड़ में मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात, नदियां उफान पर, सैकड़ों गांवों में जलभराव, स्कूल में फंसे बच्चे

Last Updated:August 10, 2026, 19:50 IST
झालावाड़ में लंबे इंतजार के बाद हुई मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए. कालीसिंध और छापी डैम के कई गेट खोलकर लाखों क्यूसेक पानी की निकासी की गई. जलभराव के बीच कचराखेड़ी और झीकनी गांव के स्कूलों में बच्चे व शिक्षक फंस गए, जिन्हें पुलिस और ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला. तेज बहाव में फंसे युवक और श्रमिकों का भी रेस्क्यू किया, बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है.
झालावाड़. जिले में लंबे समय के बाद सोमवार तड़के मानसून मेहरबान हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए. तेज बारिश और सीमावर्ती मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश के चलते जिले की कालीसिंध, परवन, चंवली और छापी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. नदियों और बरसाती नालों के उफान पर आने से कई गांवों और कस्बों की निचली बस्तियों में पानी भर गया. नदियों में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने बांधों का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए कालीसिंध डैम के 13 गेट खोल दिए.
यहां से करीब 2 लाख 2 हजार 681 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. वहीं छापी डैम के भी 12 गेट खोलकर करीब 1 लाख 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. मध्य प्रदेश में हुई बारिश का असर मनोहरथाना क्षेत्र के कालीखाड़ डैम पर भी देखने को मिला, जो लबालब होकर छलक उठा. मनोहरथाना क्षेत्र में परवन नदी के उफान पर आने से नदी के बीच स्थित थानेश्वर महादेव मंदिर भी पानी में डूब गया. वहीं घाटोली, भालता सहित जिले के कई गांवों और कस्बों की निचली बस्तियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
कचराखेड़ी में स्कूल बना टापू, 40 बच्चे और शिक्षक फंसे
रायपुर थाना क्षेत्र के कचराखेड़ी गांव में बरसाती नाले का पानी अचानक बढ़ने से राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चारों तरफ से पानी से घिर गया और देखते ही देखते टापू में तब्दील हो गया. स्कूल परिसर में करीब 40 बच्चे और शिक्षक फंस गए। सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे. सिविल डिफेंस पुलिस जवानों, ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से सभी बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. मनोहरथाना क्षेत्र की टोडरी मीरा पंचायत के झीकनी गांव में भी बरसाती नाला उफान पर आने से स्कूल परिसर में पानी भर गया. ग्रामीणों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद सभी स्कूली बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला.
नाले के तेज बहाव में फंसे युवक और श्रमिकों को बचाया
भालता क्षेत्र के बोरखेड़ी गुजरान गांव में एक युवक बरसाती नाले के तेज बहाव में फंस गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से युवक को सुरक्षित बाहर निकाला. वहीं घाटोली क्षेत्र के केलखोयरा में निर्माणाधीन पुलिया पर काम कर रहे कुछ श्रमिक भी पानी के तेज बहाव में फंस गए. ठेकेदार के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. भारी बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जिले के सरकारी एवं निजी स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में भी सोमवार को अवकाश घोषित किया. प्रशासन की ओर से लोगों से नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है.
किसानों को मिली बड़ी राहत
लंबे समय से बारिश की कमी झेल रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है. खेतों में मुरझाई फसलों को पानी मिलने से उनमें फिर से जान लौटने की उम्मीद जगी है. हालांकि प्रशासन के सामने फिलहाल जलभराव और उफनती नदियों के कारण प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
और पढ़ेंLocation :
Jhalawar,Rajasthan
First Published :
August 10, 2026, 19:47 IST



