Indonesia Drought Crisis : इस मुस्लिम देश में सूखे का कहर, तालाब के अंदर से निकला पूरा गांव, घर-मस्जिद सब वैसे के वैसे

थाईलैंड: जिस जगह पर सालों से सिर्फ पानी ही पानी तैर रहा था, जहां मछलियां तैरती थीं और बोट्स चलती थीं, अचानक वहां पानी सूख गया. जैसे ही पानी की लेवल नीचे गया वहां एक पूरा का पूरा गांव निकल कर खड़ा हो गया. जिसमें घर, सड़कें, मस्जिद और गलियां…सब कुछ वैसे ही मिला बस वहां इंसान नहीं दिखे. ये गांव ऐसा था जैसे किसी हॉरर मूवी से निकल आया हो. सुनने में ये किसी हॉलीवुड फिल्म का सीन लग सकता है, लेकिन सीन लोगों ने असलियत में देखा है. इंडोनेशिया के बांटेन प्रांत में कुदरत का एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला है.
इंडोनेशिया के तलाब सूखते ही गांव से निकला पूरा गांव
बीते चार महीनों से जारी भीषण सूखे के कारण जब ‘कारियान जलाशय’ के पानी का स्तर रिकॉर्ड स्तर तक नीचे गिरा तो उसके पेट में छिपा ‘सोमांग’ गांव अचानक पानी से बाहर आ गया. ये नजारा देखकर जहां एक तरफ लोग हैरान रह गए. वहीं, दूसरी तरफ इंडोनेशिया में गहराते सूखे के कहर ने लोगों को डरा दिया है.
ये पूरी कहानी शुरू होती है साल 2015 में. इंडोनेशियाई सरकार ने देश की राजधानी जकार्ता और उसके आसपास के इलाकों में पीने के पानी और सिंचाई की किल्लत को दूर करने के लिए एक महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत की- ‘कारियान जलाशय प्रोजेक्ट’.
2015 से लेकर 2023 तक चले इस बड़े बांध परियोजना के निर्माण के लिए कई गावों को खाली कराया गया था. इन्हीं में से एक था ‘सोमांग’ गांव. सालों तक फलने-फूलने वाले इस गांव के लोगों को अपने पुश्तैनी घरों, खेतों और यादों को छोड़कर दूसरी जगह बसना पड़ा.
2023 तक जब ये बांध पूरी तरह बनकर तैयार हुआ तो सोमांग गांव पूरी तरह से पानी के गर्त में समा गया. जहां कभी बच्चों की हंसी और गलियों की चहल-पहल हुआ करती थी, वहां केवल गहरा पानी नजर आने लगा.
चार महीने की भयानक धूप और पानी के नीचे से निकला गांव
किसे पता था कि महज कुछ ही महीनों बाद कुदरत का मिजाज ऐसा बदलेगा कि इतिहास खुद को दोहराएगा. इंडोनेशिया में पिछले चार महीनों से बारिश की एक बूंद नहीं पड़ी है. कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी के चलते कारियान जलाशय के पानी का स्तर हर दिन तेजी से घटता चला गया.
जैसे-जैसे पानी पीछे हटा, पानी के नीचे छिपा सोमांग गांव धीरे-धीरे आकार लेने लगा. देखते ही देखते पानी के ऊपर पुरानी कंक्रीट की दीवारें, बिना छत के टूटे-फूट घर, एक मस्जिद का ढांचा, जर्जर सड़कें और पेड़-पौधों के अवशेष साफ नजर आने लगे. जो गांव पानी में पूरी तरह डूब चुका था, वो अब सूखे की वजह से एक कंकाल की तरह पानी के ऊपर खड़ा है. ये नजारा देखकर वहां रहने वाले पुराने ग्रामीण अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं और अपने पुराने आशियाने को देखने खिंचे चले आ रहे हैं.
The remnants of a submerged Indonesian village have reemerged after months of drought caused water levels at the Karian reservoir to fall dramatically.
Somang village, in Banten province, was submerged during the construction of the reservoir, which was built between 2015 and… pic.twitter.com/iwV4soEHJe



