विदेश में नौकरी का सपना पड़ सकता है भारी, पासपोर्ट छीनकर कराते हैं ठगी, जानें क्या है मामला

Jaipur: राजस्थान में विदेश जाकर मोटी तनख्वाह वाली नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए एक बेहद गंभीर चेतावनी सामने आई है. अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह आजकल भारतीय युवाओं को ‘साइबर स्लेवरी’ यानी डिजिटल गुलामी के भयानक जाल में फंसा रहे हैं. इस स्थिति को देखते हुए राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एक विशेष एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने युवाओं और उनके परिवारों से अपील की है कि वे आकर्षक विदेशी जॉब ऑफर्स के जाल में फंसने से बचें.
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्कैम सिंडिकेट बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रहे हैं. कंबोडिया, म्यांमार, लाओस और थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में आकर्षक वेतन, फ्री रहने की जगह और कई सुविधाओं का लालच दिया जाता है. युवा जैसे ही इन देशों में पहुंचते हैं, गिरोह के सदस्य उनके पासपोर्ट, मोबाइल और अन्य जरूरी कागजात छीन लेते हैं. इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर जबरन ऑनलाइन ठगी के काम में धकेल दिया जाता है.
सोशल मीडिया और विज्ञापनों से बिछाया जाता है जालसाइबर अपराधी युवाओं तक पहुंचने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेते हैं. इसके अलावा समाचार पत्रों में भी फर्जी विज्ञापन दिए जाते हैं. इनमें डेटा एंट्री ऑपरेटर, कस्टमर सपोर्ट, आईटी जॉब, होटल वेटर और वर्क फ्रॉम होम जैसी नौकरियों का झांसा दिया जाता है. बिना किसी जांच-परख के युवाओं को रोजगार वीजा की जगह टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेज दिया जाता है, जहां पहुंचते ही उनका उत्पीड़न शुरू होता है.
जबरन कराया जाता है डिजिटल फ्रॉड और मांगते हैं फिरौतीपासपोर्ट जब्त करने के बाद इन युवाओं से जबरन विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन अपराध करवाए जाते हैं. इनमें मैट्रिमोनियल फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, क्रिप्टो फ्रॉड और सोशल मीडिया स्कैम शामिल हैं. यदि कोई युवा दिए गए टारगेट को पूरा नहीं कर पाता, तो उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है. इतना ही नहीं, कई मामलों में भारत में मौजूद उनके परिजनों से मोटी रकम की फिरौती भी मांगी जाती है.
सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये जरूरी कदमराजस्थान पुलिस ने विदेश जाने के इच्छुक युवाओं को सलाह दी है कि वे किसी भी रिक्रूटमेंट एजेंसी की वैधता मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स से जरूर जांचें.
हमेशा वैध एम्प्लॉयमेंट वीजा पर ही विदेश यात्रा करें, टूरिस्ट वीजा पर काम करने कभी न जाएं.
अपने पासपोर्ट, वीजा और कॉन्ट्रैक्ट लेटर की डिजिटल कॉपी अपने परिवार के साथ जरूर शेयर करें.
जिस देश में जा रहे हैं, वहां स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) का इमरजेंसी नंबर हमेशा पास रखें.
किसी भी गैर-पंजीकृत एजेंट को नौकरी के नाम पर एडवांस पैसा न दें.
बिना किसी इंटरव्यू या स्किल टेस्ट के भारी वेतन देने वाले ऑफर से दूर रहें.
मुसीबत में फंसने पर कहां करें संपर्कयदि कोई व्यक्ति या उसका परिचित इस प्रकार की साइबर गुलामी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत संबंधित भारतीय दूतावास या विदेश मंत्रालय से संपर्क करें. इसके अलावा भारत सरकार के ‘मदद’ (MADAD) पोर्टल (madad.gov.in) पर भी सहायता मांगी जा सकती है. भारत में साइबर अपराध की शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन, cybercrime.gov.in पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है. राजस्थान पुलिस ने विशेष साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 भी जारी किए हैं.



