जहां से घूस केस में जेल गई वहीं पोस्टिंग, फिर ज्वाइन करने से पहले ही सरकार की ओर से APO

दौसा. राजस्थान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी पिंकी मीणा एक बार फिर चर्चा में हैं. वजह है दौसा में सहायक कलेक्टर के पद पर उनकी पोस्टिंग और उसके बाद ज्वाइन करने से पहले ही सरकार की ओर से APO किया जाना. खास बात यह है कि दौसा वही जिला है, जहां वर्ष 2021 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे निर्माण कंपनी से जुड़े 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में पिंकी मीणा को गिरफ्तार किया गया था. करीब साढ़े पांच साल तक निलंबन में रहने के बाद मई 2026 में सेवा में वापसी हुई और अगस्त में उन्हें फिर दौसा में पोस्टिंग मिली. लेकिन इस बार वह पद संभाल पातीं, उससे पहले ही सरकार ने उन्हें APO कर दिया.
पिंकी मीणा वर्ष 2017 बैच की RAS अधिकारी हैं. उनका संबंध जयपुर जिले के चौमू के पास चिथवाड़ी गांव से बताया जाता है. वह किसान परिवार से आती हैं. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में RAS परीक्षा पास की थी. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग दौसा जिले के बांदीकुई में SDM के रूप में हुई थी. यानी प्रशासनिक सेवा में अधिकारी के तौर पर उनके सफर की शुरुआत ही दौसा जिले से हुई. उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि कुछ साल बाद यही जिला उनके करियर के सबसे बड़े विवादों से भी जुड़ जाएगा.
2021 में रिश्वत मामले में गिरफ्तारी से बदली कहानीसाल 2021 में पिंकी मीणा का नाम दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़े रिश्वत मामले में सामने आया. आरोप था कि एक्सप्रेसवे निर्माण कंपनी से 10 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई थी. इस मामले में एसीबी ने कार्रवाई करते हुए पिंकी मीणा को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा और इसके बाद उनकी सरकारी सेवा पर भी असर पड़ा. मामले के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया. इसके बाद लंबे समय तक उनकी नौकरी और मामले की कानूनी लड़ाई साथ-साथ चलती रही.
जेल में रहते हुए हुई शादी
पिंकी मीणा के मामले में एक और बात उस समय चर्चा में आई थी. फरवरी 2021 में घाटगेट जेल में रहने के दौरान उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट से 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी. इसी दौरान 16 फरवरी 2021 को उनकी शादी RJS अधिकारी नरेंद्र सिंह से हुई. शादी के बाद उन्होंने वापस जेल में सरेंडर कर दिया था. इसके बाद उनका निलंबन जारी रहा और मामला लंबे समय तक अदालत में चलता रहा.
करीब साढ़े पांच साल बाद सेवा में वापसीइस पूरे घटनाक्रम के बाद पिंकी मीणा करीब साढ़े पांच साल तक निलंबित रहीं. मई 2026 में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी सरकारी सेवा में वापसी का रास्ता साफ हुआ. बहाली के बाद एक बार फिर उनकी पोस्टिंग को लेकर चर्चा शुरू हुई. अगस्त 2026 में सरकार ने उन्हें दौसा जिले में सहायक कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया. यह नियुक्ति इसलिए भी चर्चा में आ गई क्योंकि रिश्वत मामले में गिरफ्तारी भी दौसा जिले से जुड़े मामले में हुई थी.
जिस जिले से गिरफ्तार हुईं, वहीं फिर मिली पोस्टिंगपिंकी मीणा की दौसा में दोबारा पोस्टिंग सामने आने के बाद सवाल उठने लगे. एक तरफ वह अधिकारी थीं जो लंबे निलंबन के बाद सेवा में लौटी थीं, वहीं दूसरी तरफ उनकी नई पोस्टिंग उसी जिले में हुई, जहां उनके खिलाफ रिश्वत का मामला सामने आया था. उनकी पोस्टिंग सहायक कलेक्टर के तौर पर हुई थी, लेकिन उन्होंने अभी दौसा में पदभार संभाला भी नहीं था कि सरकार ने उन्हें APO कर दिया. यानी जिस जिले में उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर चर्चा शुरू हुई थी, वहीं ज्वाइन करने से पहले ही उनका पदस्थापन रोक दिया गया.
अब आगे क्या होगा, इसी पर नजरपिंकी मीणा के मामले में कहानी अभी यहीं खत्म नहीं होती. 2021 के रिश्वत मामले से लेकर लंबे निलंबन, हाईकोर्ट से राहत, सेवा में वापसी, दौसा में पोस्टिंग और फिर APO तक घटनाक्रम लगातार बदलता रहा है. फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि अगस्त 2026 में दौसा में सहायक कलेक्टर के पद पर नियुक्ति मिलने के बाद पिंकी मीणा को ज्वाइन करने से पहले ही APO कर दिया गया. इससे उनकी नई पोस्टिंग को लेकर चल रही चर्चा पर फिलहाल विराम लग गया है.



