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Famous Temple: पुष्कर में विराजते हैं ‘नगर सेठ’ महादेव, सतयुग से जुड़ा है मंदिर का रहस्य, सावन में उमड़ते हैं भक्त

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पुष्कर में विराजते हैं ‘नगर सेठ’ महादेव, सतयुग से जुड़ा है मंदिर का रहस्य

Last Updated:August 14, 2026, 07:25 IST

Atmateshwar Mahadev Temple Pushkar: राजस्थान का पुष्कर केवल ब्रह्मा मंदिर के लिए ही नहीं, बल्कि अपने प्राचीन शिवालयों के लिए भी खास पहचान रखता है. सावन के महीने में यहां स्थित अठमटेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है. ब्रह्मा मंदिर के पास स्थित इस मंदिर को नगर सेठ के नाम से भी जाना जाता है. मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार इसका अस्तित्व सतयुग काल से माना जाता है और पद्म पुराण के पुष्कर महात्म्य में इसकी महिमा का उल्लेख मिलता है. धार्मिक कथा के अनुसार ब्रह्मा जी द्वारा आयोजित यज्ञ में भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया गया था. इससे नाराज होकर भगवान शिव कपाल स्वरूप में यहां प्रकट हुए. मंदिर का शिवलिंग स्वयंभू माना जाता है और इसका स्वरूप अन्य शिव मंदिरों से अलग है. सावन में भक्त यहां जलाभिषेक कर मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं.

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अजमेर. हिंदू धर्म में सावन महीने का विशेष महत्व माना जाता है, इस पवित्र माह में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक के लिए देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. अजमेर जिले का पुष्कर भी ऐसे कई प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, इन्हीं में से एक है अठमटेश्वर महादेव जिसे नगर सेठ के नाम से जाना जाता है. यह मंदिर ब्रह्मा मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है.पुजारी बताते हैं कि यह मंदिर सतयुग काल से अस्तित्व में है.

पद्म पुराण के पुष्कर महात्म्य के छठे अध्याय में इस शिवलिंग की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है. कथा के अनुसार, जब ब्रह्मा जी ने पुष्कर में विशाल यज्ञ का आयोजन किया, तब भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया गया. इससे क्रोधित होकर भोलेनाथ ने कपाल स्वरूप धारण कर यहां प्रकट होकर अपनी शक्ति का परिचय दिया. बाद में ब्रह्मा जी ने अपनी भूल स्वीकार की और भगवान शिव से क्षमा याचना की. तभी से यह स्थान अठमटेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ.

अन्य शिवालयों से भिन्न है यहां का स्वयंभू शिवलिंग

मंदिर के पुजारी आगे बताते हैं कि यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है और इसका स्वरूप अन्य शिवालयों से भिन्न है. यही वजह है कि लोगों के बीच आस्था का केन्द्र बना हुआ है. सावन माह में यहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन और अभिषेक के लिए पहुंचते हैं. यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना से जीवन के कष्ट दूर होने और मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है.

कैसे पहुंचे पुष्कर ?

पुष्कर का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अजमेर रेलवे स्टेशन है, जो यहां से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अजमेर से आप पुष्कर बस या टैक्सी से आसानी से पहुंच सकते हैं. हवाई यात्रा के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा किशनगढ़ हवाई अड्डा है जो पुष्कर से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Ajmer,Rajasthan

First Published :

August 14, 2026, 07:25 IST

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