खैरथल महिला सुरक्षा केंद्र ने बचाया टूटता परिवार, 2 माह की काउंसलिंग से लौटी रिश्तों में मिठास

Last Updated:August 14, 2026, 08:02 IST
Alwar News: खैरथल तिजारा जिले में महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र, खैरथल महिलाओं के लिए बेहतरीन कार्य कर रहा है. केंद्र पर तैनात सोशल काउंसलर दीपिका जांगिड़ और लीगल काउंसलर कोयल जाटव केंद्र पर आने वाली महिलाओं को समझाइश कर परिवार में संवाद का अभाव, गलतफहमियां और क्षणिक आवेश के कारण टूटते परिवार को बचाने का काम कर रही है.
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Alwar News: अलवर के खैरथल-तिजारा जिले से पारिवारिक रिश्तों को टूटने से बचाने और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बेहद सराहनीय खबर सामने आई है. खैरथल स्थित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र में तैनात सोशल काउंसलर दीपिका जांगिड़ और लीगल काउंसलर कोयल जाटव की संवेदनशील पहल से एक बार फिर एक बिखरता परिवार बज गया. संवादहीनता, गलतफहमी और क्षणिक आवेश के कारण बिखरने की कगार पर पहुंचे एक वैवाहिक रिश्ते में करीब दो माह की निरंतर काउंसलिंग और फॉलोअप के बाद फिर से मिठास लौट आई है.
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक चिंतित मां अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर भयभीत होकर महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र पहुंची. उसने बताया कि उसकी बेटी का विवाह स्थानीय थाना क्षेत्र में हुआ है, लेकिन पिछले कई दिनों से उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था. बेटी का मोबाइल फोन बंद था और दामाद भी कोई संतोषजनक जवाब देने के बजाय उल्टा उसे ही दोषी ठहरा रहा था. किसी अनहोनी की आशंका से परेशान मां की स्थिति को देखते हुए केंद्र की टीम ने तुरंत कार्रवाई की.
गुस्से में तोड़ा था मोबाइल, काउंसलिंग से दूर हुई गलतफहमीमामले की गंभीरता को देखते हुए काउंसलर्स ने युवती, उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों को केंद्र पर बुलाया. अलग-अलग और संयुक्त काउंसलिंग के दौरान सामने आया कि पति-पत्नी के बीच घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था. गुस्से में पति ने पत्नी का मोबाइल तोड़ दिया था, जिससे मां और बेटी के बीच संवाद पूरी तरह से कट गया था. सोशल काउंसलर दीपिका जांगिड़ ने पति-पत्नी को वैवाहिक जीवन में विश्वास, धैर्य और आपसी सम्मान का महत्व समझाया. वहीं, लीगल काउंसलर कोयल जाटव ने दोनों पक्षों को वैवाहिक अधिकारों, कानूनी दायित्वों और घरेलू विवादों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी.
दो माह के फॉलोअप के बाद लौटा दंपत्ति का भरोसाकेंद्र की सलाह पर मां को अपनी बेटी के घर एक रात रुककर स्थिति का जायजा लेने को कहा गया. अगले दिन जब वह केंद्र आई तो उसकी आंखों में सुकून था. इसके बाद भी महिला सुरक्षा केंद्र की टीम ने मामले को छोड़ा नहीं और लगातार दो महीने तक नियमित फॉलोअप लिया. सकारात्मक बातचीत का नतीजा यह रहा कि पति-पत्नी के बीच सारे मतभेद खत्म हो गए और उनका परिवार टूटने से बच गया.
420 में से 323 मामलों में कराया गया राजीनामालीगल काउंसलर कोयल जाटव ने बताया कि खैरथल स्थित इस केंद्र पर अब तक कुल 420 मामले दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें से टीम की संवेदनशीलता के कारण 323 मामलों में सफलतापूर्वक समझौता (राजीनामा) कराया जा चुका है, जबकि 79 मामलों में पीड़ित महिलाओं को पुलिस सहायता दिलाई गई है. बाकी बचे मामले न्यायालय अथवा पुलिस प्रक्रिया में विचाराधीन हैं. आपको बता दें कि इस केंद्र का संचालन लक्ष्मीनारायण कॉन्ट्रैक्टर मेमोरियल शिक्षण एवं वेलफेयर संस्थान, मुंडावर द्वारा महिला पुलिस थाने के परिसर में किया जा रहा है. केंद्र पर घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामलों में समझाइश के जरिए परिवारों को जोड़ने का काम लगातार जारी है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Alwar,Alwar,Rajasthan
First Published :
August 14, 2026, 08:02 IST



