श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ हाईवे होगा 4-लेन, 2386 करोड़ मंजूर, जाम से लेकर सफर तक की बदलेगी तस्वीर

जयपुर. राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है. राष्ट्रीय राजमार्ग-954 के साधुवाली-बनवाला और राष्ट्रीय राजमार्ग-54 के बनवाला-हनुमानगढ़ हिस्से को 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए केंद्र सरकार ने 2,386.08 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ मार्ग पर सफर पहले की तुलना में अधिक तेज, सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है. साथ ही दोनों जिलों के बीच बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का प्रदेशवासियों की ओर से आभार जताया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार राजस्थान के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और आमजन के लिए यातायात व्यवस्था को आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में मजबूत सड़क नेटवर्क विकास की रफ्तार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
2386 करोड़ से बदलेगी सड़क की तस्वीर
एनएच-954 के साधुवाली-बनवाला और एनएच-54 के बनवाला-हनुमानगढ़ हिस्से के 4-लेन अपग्रेडेशन से इस पूरे कॉरिडोर की क्षमता बढ़ेगी. वर्तमान में इस मार्ग से बड़ी संख्या में स्थानीय वाहन, कृषि उपज ले जाने वाले वाहन और व्यावसायिक परिवहन गुजरता है. सड़क के चौड़ीकरण के बाद यातायात को व्यवस्थित करने और आवागमन का समय कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है. इस परियोजना का सीधा फायदा श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के लोगों को मिलेगा. दोनों जिलों के बीच रोजाना आने-जाने वाले लोगों के अलावा किसानों, व्यापारियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी यह परियोजना अहम मानी जा रही है. बेहतर सड़क से कृषि उत्पादों को मंडियों और अन्य बाजारों तक पहुंचाने में समय और परिवहन लागत कम करने में मदद मिल सकती है.
लालगढ़ जट्टन और पक्का सहाराना में घटेगा दबाव
परियोजना के पूरा होने से लालगढ़ जट्टन और पक्का सहाराना जैसे व्यस्त क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है. इन क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण कई बार जाम जैसी स्थिति बनती है. 4-लेन सड़क बनने से यातायात के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी और लोगों को सुरक्षित तथा सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा.
पर्यटन और व्यापार को भी मिलेगा फायदा
नई सड़क परियोजना का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा. श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी इससे फायदा मिलने की उम्मीद है. ऐतिहासिक भटनेर किला और विश्व प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल कालीबंगा म्यूजियम जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी. इससे स्थानीय पर्यटन कारोबार, होटल, परिवहन और अन्य व्यवसायों को बढ़ावा मिल सकता है.
कृषि और लॉजिस्टिक्स को मिलेगी मजबूती
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ राजस्थान के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में शामिल हैं. यहां से कृषि उपज का बड़े स्तर पर परिवहन होता है. मजबूत और चौड़े सड़क नेटवर्क से कृषि उत्पादों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी. इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है. बेहतर कनेक्टिविटी से नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. सरकार का मानना है कि यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी. 4-लेन अपग्रेडेशन के बाद श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ कॉरिडोर राजस्थान के मजबूत सड़क नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकेगा. इससे आमजन के साथ किसान, व्यापारी, पर्यटक और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को लंबे समय तक लाभ मिलने की उम्मीद है.



