2014 से PM मोदी को साफा पहना रहे बालेसर के देवी सिंह, इस बार जोधपुरी बंधेज ने बढ़ाया राजस्थानी गौरव

Last Updated:August 16, 2026, 07:34 IST
PM Modi Rajasthani Turban Bandhej Art: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर एक बार फिर राजस्थान की लोक कला और संस्कृति को अपने अंदाज में देश के सामने पेश किया. लाल किले से संबोधन के दौरान उनके सिर पर सजा राजस्थानी साफा जोधपुर की बंधेज कला से सजा हुआ था. इस साफे को बालेसर के देवी सिंह ने पारंपरिक तरीके से बांधा. देवी सिंह 2014 से राष्ट्रीय पर्वों पर पीएम मोदी के लिए साफा बांधते आ रहे हैं. इससे पहले पीएम के साफों में लहरिया और बांधणी जैसी राजस्थानी कलाओं की झलक भी देखने को मिल चुकी है.
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जोधपुर. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजस्थानी अंदाज एक बार फिर देशभर में आकर्षण का केंद्र बना. लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी जिस खास साफे में नजर आए, उसमें राजस्थान की समृद्ध लोक कला और परंपरा की खूबसूरत झलक दिखाई दी. इस बार उनके साफे में जोधपुर की प्रसिद्ध बंधेज कला का रंग नजर आया, जिसे बालेसर के देवी सिंह ने पारंपरिक तरीके से बांधा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजस्थानी साफा धारण कर एक बार फिर राजस्थान की लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया. इस बार पीएम मोदी के साफे में जोधपुर की प्रसिद्ध बंधेज कला की खास झलक देखने को मिली. लाल किले की प्राचीर से जब प्रधानमंत्री देश को संबोधित करने पहुंचे, तो उनके सिर पर सजा पारंपरिक साफा राजस्थान की कला, संस्कृति और गौरव का संदेश देता नजर आया. साफे के रंग और पारंपरिक डिजाइन ने उनके पूरे व्यक्तित्व को राजस्थानी पहचान से जोड़ दिया.
बालेसर के देवी सिंह बांधते हैं पीएम का साफा
हर राष्ट्रीय पर्व की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजस्थानी साफा पहनाने की जिम्मेदारी जोधपुर जिले के बालेसर निवासी देवी सिंह ने निभाई. सेना से सेवानिवृत्त देवी सिंह साफा बांधने की पारंपरिक कला में विशेष पहचान रखते हैं. वर्ष 2014 से स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर प्रधानमंत्री को राजस्थानी साफा पहनाने की यह खास परंपरा लगातार जारी है. समय के साथ देवी सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच साफा बांधने की यह परंपरा राष्ट्रीय पर्वों की खास पहचान बन चुकी है.
लहरिया से बांधणी तक में दिखी राजस्थान की रंगत
बीते वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बांधे गए साफों में राजस्थान की अलग-अलग पारंपरिक कलाओं और रंगों की झलक देखने को मिली है. इनमें लहरिया, बांधणी और बंधेज प्रमुख रहे हैं. हर अवसर पर साफे का रंग और डिजाइन राजस्थान की विविध लोक परंपराओं को सामने लाता रहा है. इस बार जोधपुर की बंधेज कला को स्थान मिलने से स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक हुनर को भी राष्ट्रीय पहचान मिली है. बंधेज की महीन तकनीक और आकर्षक रंग संयोजन राजस्थान की सदियों पुरानी कला परंपरा का हिस्सा है. राजस्थान की कला, संस्कृति और गौरव की रंगत एक बार फिर देश-दुनिया तक पहुंची.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 16, 2026, 07:34 IST



