Jodhpur News: जोधपुर में बनेगा देश का नया ड्रोन हब, पैसेंजर ड्रोन से एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी तक पर फोकस

Last Updated:August 17, 2026, 12:22 IST
जोधपुर जल्द ही ड्रोन टेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. यहां अत्याधुनिक ड्रोन लैब और विशाल मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित किया जाएगा, जहां स्वदेशी तकनीक से हेवी-लिफ्ट, हाई एल्टीट्यूड और 150 से 200 किलो तक वजन उठाने वाले पैसेंजर ड्रोन तैयार किए जाएंगे. साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों को ड्रोन डिजाइनिंग, निर्माण और उड़ाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी.
जोधपुर. राजस्थान में ड्रोन टेक्नोलॉजी को नई ऊंचाई देने की तैयारी शुरू हो गई है. जोधपुर जल्द ही ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. यहां अत्याधुनिक ड्रोन लैब के साथ विशाल मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित किया जाएगा, जहां स्वदेशी तकनीक से अलग-अलग क्षमता वाले ड्रोन तैयार होंगे. खास बात यह है कि आने वाले समय में यहां 150 से 200 किलो तक वजन उठाने वाले पैसेंजर ड्रोन भी तैयार किए जाएंगे. इसके साथ ही स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों को ड्रोन डिजाइनिंग, निर्माण और फ्लाइंग की ट्रेनिंग भी दी जा रही है.
कंपनी के सीईओ जितेश त्रिवेदी के अनुसार, फरवरी 2026 में ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट के तहत राज्य सरकार के साथ एमओयू हुआ था. इसी के तहत जोधपुर में अत्याधुनिक ड्रोन लैब तैयार की जा रही है, मैन्युफैक्चरिंग हब के लिए नागौर रोड पर नेतड़ा के पास और पाली रोड क्षेत्र में जमीन देखी गई है. यहां ड्रोन के साथ उनके जरूरी पार्ट्स बनाने वाली छोटी-छोटी यूनिट्स भी स्थापित की जाएंगी. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र से जोड़ा जाएगा.
150 से 200 किलो क्षमता का पैसेंजर ड्रोनकंपनी ने हाल ही में 15 से 20 किलो तक वजन उठाने वाला हेवी वेट लिफ्टिंग ड्रोन तैयार किया है. इसका इस्तेमाल मेडिकल इमरजेंसी, इंडस्ट्री और सामान पहुंचाने जैसे कार्यों में किया जा सकता है. अब सितंबर-अक्टूबर से पैसेंजर ड्रोन पर काम शुरू करने की तैयारी है. इसकी क्षमता 150 से 200 किलो तक होगी, यानी यह इंसान को भी हवा में ले जाने में सक्षम होगा. कंपनी के मुताबिक इसकी डिजाइन तैयार है और करीब छह महीने में इसका प्रोटोटाइप तैयार करने का लक्ष्य है. इसके साथ हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस ड्रोन पर भी काम किया जा रहा है, जो काफी ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भर सकेंगे.
एंटी-ड्रोन तकनीक पर भी चल रहा कामड्रोन निर्माण के साथ कंपनी एंटी-ड्रोन तकनीक विकसित करने पर भी काम कर रही है. ऋगवामिनिकी पिछले करीब डेढ़ साल से इस क्षेत्र में तकनीक तैयार कर रही है और इसे पूरी तरह स्वदेशी समाधान के तौर पर विकसित करने का दावा किया जा रहा है. कंपनी का फोकस ऐसे ड्रोन तैयार करने पर भी है, जिनकी उड़ान क्षमता सामान्य ड्रोन की तुलना में कहीं अधिक हो. हाई एल्टीट्यूड ड्रोन को विशेष रूप से लंबी दूरी और लंबे समय तक उड़ान के लिए विकसित किया जा रहा है.
घर बैठे ड्रोन डिजाइन करना सीखेंगे युवाजोधपुर में तैयार हो रही विशेष ड्रोन लैब का एक बड़ा उद्देश्य युवाओं को ड्रोन टेक्नोलॉजी से जोड़ना है. कंपनी ने ‘ड्रोन कैलकुलेटर’ नाम का एक डिजिटल टूल तैयार किया है. इसमें यूजर ड्रोन का प्रकार, मोटर और प्रोपेलर जैसी जानकारी दर्ज करेगा, जिसके बाद सिस्टम जरूरी पार्ट्स और तकनीकी गणना की जानकारी देगा. वेबसाइट पर दुनिया में इस्तेमाल होने वाले 1000 से अधिक ड्रोन का डेटा भी उपलब्ध कराया गया है. वहीं राजस्थान के स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों को ड्रोन बनाने और उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. शिक्षकों और प्रोफेसर्स के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाया जा रहा है, ताकि वे आगे विद्यार्थियों को इस नई तकनीक की ट्रेनिंग दे सकें.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 17, 2026, 12:22 IST



