‘अरुणाचल में चीन का आक्रमण देखने को मिला’ जयराम रमेश का दावा, वेणुगोपाल बोले- ‘सरेंडर पॉलिसी’ बनी विदेश नीति

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बुधवार को बड़ी अहम बैठक हुई,जिसके बाद पार्टी ने केंद्र की बीजेपी नीत सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति साफ कर दी है. कांग्रेस ने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, राम मंदिर के ‘चंदा चोरी’ मामले , चीन के साथ सीमा विवाद और परिसीमन जैसे मुद्दों को लेकर देशभर में आंदोलन की घोषणा की है. इस बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि ‘अरुणाचल में चीन का आक्रमण देखने को मिला है.’
कांग्रेस कार्यसमिति ने अरुणाचल प्रदेश में कथित चीनी घुसपैठ और वहां बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर गंभीर चिंता जताई है. इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति अब ‘सरेंडर पॉलिसी’ बन गई है. उन्होंने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इसका असर देश के MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर पड़ रहा है.
हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल में किसी तरह के घुसपैठ के दावे को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर गलत दावे नहीं किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा को लेकर कई स्थानों पर समस्या है और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझना जरूरी है. रिजिजू ने 60 किलोमीटर तक चीनी घुसपैठ के दावे को भी गलत बताया.
800 शहरों में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
CWC बैठक में कांग्रेस ने पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है. केसी वेणुगोपाल ने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को देश के करीब 800 छोटे-बड़े शहरों तक ले जाया जाएगा. इन कार्यक्रमों में राहुल गांधी भी कई शहरों में शामिल होंगे.
कांग्रेस ने अपने मुख्यमंत्रियों से शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस रोडमैप तैयार करने को कहा है. पार्टी के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चार कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से एक महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है.
वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और पेपर लीक तथा परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को गांव और पंचायत स्तर तक ले जाएगी.
‘चंदा चोरी’ पर देशभर में प्रदर्शन का ऐलान
राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा घोटाले के आरोपों को लेकर भी कांग्रेस ने आंदोलन की घोषणा की है. वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर सभी राज्यों में प्रदर्शन करेगी. कांग्रेस का आरोप है कि राम मंदिर के नाम पर लोगों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने वाले लोग अब बेनकाब हो गए हैं.
पार्टी ने इस मुद्दे को भी जमीनी स्तर तक ले जाने का फैसला किया है. प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को गांव और पंचायत स्तर पर लोगों के बीच जाने और इस मुद्दे को उठाने को कहा गया है.
वंदे मातरम् पर कांग्रेस ने साफ किया रुख
वहीं, वंदे मातरम् को लेकर उठे विवाद पर केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस का रुख स्पष्ट करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर इस मुद्दे को लेकर कोई भ्रम नहीं है. उनके मुताबिक, सुभाष चंद्र बोस, सरदार बल्लभभाई पटेल सहित कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं ने उस समय तय किया था कि वंदे मातरम् के दो पद ही गाए जाएंगे और पार्टी कार्यकर्ता इसी परंपरा का पालन करेंगे.
वेणुगोपाल ने 15 अगस्त को हुए घटनाक्रम को ‘कम्युनिकेशन गैप’ बताया. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस का रुख स्पष्ट है और इस मुद्दे पर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए.
परिसीमन पर भी कांग्रेस का स्टैंड साफ
परिसीमन के मुद्दे पर जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या अगले 25 वर्षों तक बरकरार रहे. इसी 543 सीटों के आधार पर महिला आरक्षण लागू करने की मांग भी पार्टी ने दोहराई. कांग्रेस ने कहा कि परिसीमन को लेकर उसका रुख पहले से स्पष्ट है और वह संसद में भी इसे उठा चुकी है.
खरगे के मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर PM से माफी की मांग
CWC बैठक में उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा भी उठा. कांग्रेस नेताओं ने इसे संविधान के खिलाफ बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की.
कांग्रेस का आरोप है कि खरगे के कार्यक्रम के बाद जिस तरह कथित तौर पर मंच का शुद्धिकरण किया गया, वह दलितों के प्रति मानसिकता को दर्शाता है. जयराम रमेश और वेणुगोपाल ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा.
कुल मिलाकर CWC बैठक के बाद कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में वह कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाएगी. चीन और अरुणाचल प्रदेश से लेकर पेपर लीक, छात्रों की समस्याओं, राम मंदिर से जुड़े चंदे, परिसीमन और सामाजिक मुद्दों तक कांग्रेस इन सवालों को संसद से लेकर सड़क और गांव-पंचायत स्तर तक ले जाने की तैयारी में है.



