सीकर में जल्द दौड़ेंगी 50 ई-बसें, खाटूश्यामजी तक सफर होगा आसान, जानें पूरा प्लान

Last Updated:August 20, 2026, 08:10 IST
Sikar E-bus Service: सीकर के सार्वजनिक परिवहन को जल्द आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल विकल्प मिलने की उम्मीद है. पीएम ई-बस सेवा के तहत पहले चरण में सीकर को करीब 50 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की संभावना है. नगर परिषद ने बसों के संचालन के लिए संभावित रूट, स्टैंड और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी कर ली है. भढ़ाडर क्षेत्र में ई-बसों के लिए डिपो तैयार किया जाएगा, जहां बसों की पार्किंग, चार्जिंग और संचालन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. शहर में बसों को बाजारों, आवासीय क्षेत्रों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ने की योजना है. कुछ बसों को धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए खाटूश्यामजी सहित आसपास के धार्मिक स्थलों तक चलाने की तैयारी है.
शिक्षानगरी सीकर के सार्वजनिक परिवहन को जल्द ही आधुनिक रफ्तार मिलने वाली है. पीएम ई-बस सेवा के तहत सीकर को पहले चरण में करीब 50 ई-बसें मिलने की संभावना है. इन बसों के संचालन को लेकर नगर परिषद ने रूट, स्टैंड और अन्य व्यवस्थाओं की कवायद पूरी कर ली है. इससे शहरवासियों को सस्ती और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी.
ई-बसों के संचालन के लिए सीकर के भढ़ाडर क्षेत्र में डिपो तैयार किया जाएगा. डिपो से बसों के संचालन, चार्जिंग और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को संचालित करने की योजना है. नगर परिषद की ओर से संभावित रूटों का खाका तैयार किया जा चुका है. ऐसे में बसों के मिलने के बाद इनके संचालन को शुरू करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा और शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नया विकल्प मिलेगा.
सीकर के लिए इस योजना की खास बात यह है कि ई-बसों का संचालन केवल शहर की सीमा तक सीमित रखने की योजना नहीं है. नगर परिषद ने धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए कुछ बसों को लंबी दूरी के रूट पर चलाने की तैयारी की है. इससे खाटूश्यामजी सहित आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिल सकता है. धार्मिक सीजन में निजी वाहनों और अन्य साधनों पर निर्भरता कम होगी.
Add as Preferred Source on Google
करीब 50 बसों में से बड़ी संख्या को सीकर शहर की नगरीय परिवहन सेवा के रूप में संचालित करने की योजना है. शहर के प्रमुख बाजारों, आवासीय क्षेत्रों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों को जोड़ने वाले रूटों को प्राथमिकता दी जा सकती है. इससे रोजाना आवागमन करने वाले स्टूडेंट्स, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम लोगों को सुविधा मिलेगी.
प्रदेश स्तर पर पीएम ई-बस सेवा के पहले चरण में जयपुर सहित आठ शहरों में कुल 675 ई-बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें से अब तक 182 बसें पहुंच चुकी है. हाल ही में 24 नई ई-बसों का संचालन शुरू किया गया, जिनमें जयपुर को चार तथा भीलवाड़ा और कोटा को 10-10 बसें मिली है. ऐसे में सीकर में भी 50 बसें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द शुरू होने की संभावना है.
ई-बस सेवा शुरू होने के बाद सीकर में सार्वजनिक परिवहन को लेकर तस्वीर बदल सकती है. फिलहाल शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन के लिए निजी वाहन, ऑटो और अन्य साधनों पर लोगों की निर्भरता है. ई-बसें नियमित और निर्धारित रूट पर उपलब्ध होने से यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेगा. साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के कारण प्रदूषण और शोर कम करने में भी मदद मिलेगी.
शहर में ईवी बस सेवा के लिए रूट तय करने का काम जिला प्रशासन, नगर परिषद, यूआइटी, परिवहन व यातायात पुलिस प्रशासन की ओर से किया जाएगा. इसके लिए इन महकमों की संयुक्त कमेटी का गठन किया जाएगा. वहीं बसों का किराया भी इसी कमेटी की ओर से तय किया जाएगा. फिलहाल शहर में 90 फीसदी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ऑटो सेवा के सहारे है. ईवी बसों के संचालन से ऑटो सेक्टर को आर्थिक तौर पर झटका लगना तय है. वहीं ईवी बस सेवा का सबसे ज्यादा नगर परिषद इलाके के आस-पड़ोस की गांव-ढाणियों को मिलेगा.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|First Published :
August 20, 2026, 08:10 IST



