Finn Allen: KKR का ओपनर बना बिश बैश लीग इतिहास का सबसे महंगा प्लेयर, वर्ल्ड कप में जड़ चुका 33 गेंद में शतक

होमखेलक्रिकेट
KKR का ओपनर बना बिश बैश लीग का सबसे महंगा प्लेयर, वर्ल्ड कप में जड़ चुका शतक
Last Updated:September 11, 2026, 09:06 IST
Finn Allen Big Bash League: फिन एलन की यह बड़ी डील बेन स्टोक्स के एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ 500,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की डील साइन करने के ठीक बाद हुई है, जो लीग में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी की सैलरी से भी ज्यादा है. अब यह देखना होगा कि आने वाले सालों में कॉन्ट्रैक्ट की रकम यही रहेगी या नहीं, क्योंकि बिग बैश लीग में प्राइवेट इक्विटी आने से BBL की सैलरी कैप पर असर पड़ेगा.बिश बैश लीग के सबसे महंगे प्लेयर बने फिन एलन
नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के स्टार टी-20 ओपनर फिन एलन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने बिग बैश लीग की टीम मेलबर्न स्टार्स के साथ तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. मेलबर्न स्टार्स ने इस 27 वर्षीय विस्फोटक बल्लेबाज को तीन साल के कॉन्ट्रैक्ट के कम से कम पहले साल के लिए 600,000 ऑस्ट्रेलियन डॉलर (करीब 4 करोड़ 10 लाख रुपये) की डील दी है.
क्यों BBL के सबसे महंगे प्लेयर बने फिन एलन?न्यूजीलैंड के ओपनर फिन एलन ने पिछले सीजन में पर्थ स्कॉर्चर्स को खिताब दिलाने के लिए बेहतरीन खेल दिखाया था. अब वह दुनिया भर में फ्रैंचाइजी क्रिकेट के सबसे पसंदीदा पावर-हिटर्स में से एक बन गए हैं. BBL में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में 33 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए और फिर कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए अपना पहला IPL शतक भी जड़ा.
मेलबर्न स्टार्स ने ही फिन एलन को क्यों खरीदा?फिन एलन पिछले दो MLC सीजन से सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के लिए खेल रहे हैं. इस टीम को क्रिकेट विक्टोरिया का हाई-परफॉर्मेंस डिपार्टमेंट चलाता है (जो मेलबर्न स्टार्स को भी चलाता है). ओवरसीज ड्राफ्ट खत्म होने के साथ ही पर्थ स्कॉर्चर्स ने वो आखिरी मौका भी गंवा दिया जिससे वह एलन को अपने साथ बरकरार रख सकता था. नए नियमों के तहत कई टीमों के पास सैलरी कैप में जगह खाली हो गई, जिससे उन्हें साइन करने के लिए टीमों के बीच होड़ मच गई.
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से ज्यादा सैलरी पा रहे विदेशी क्रिकेटर्सनए नियमों के तहत विदेशी खिलाड़ियों की सैलरी पर लिमिट लगाने की मांग की गई थी. ये नियम स्थानीय खिलाड़ियों और उनके एजेंटों की मांग पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बनाए थे, जिनका मानना था कि ऑस्ट्रेलिया के बेहतरीन खिलाड़ियों को उनकी काबिलियत के हिसाब से सही सैलरी नहीं मिल रही थी. हाल ही में होबार्ट हरिकेंस के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करने वाले एडम जम्पा का मानना था कि विदेशी खिलाड़ियों को अब भी बेहतर डील मिल रही है.
About the AuthorAnshul TalmaleDeputy News Editor
अंशुल तलमले फरवरी 2025 से नेटवर्क18 ग्रुप में डिप्टी न्यूज एडिटर की जर्सी पहनकर स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी कर रहे हैं. यहां स्पोर्ट्स कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल डायरेक्शन एंड स्ट्रे…
और पढ़ेंLocation :
New Delhi,Delhi
First Published :
September 11, 2026, 09:06 IST



