जयपुर में चलती लो-फ्लोर बस में लगी आग, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान, अग्निशमन यंत्र भी मिला खाली

Last Updated:August 23, 2026, 17:13 IST
Jaipur Low Floor Bus Fire: जयपुर में कालवाड़ से चांदपोल जा रही JCTSL की रूट नंबर 24 लो-फ्लोर बस में अचानक इंजन में आग लग गई. बस नंबर RJ14PD 8539 में आग लगते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्रियों ने कूदकर जान बचाई. आरोप है कि बस में रखा अग्निशमन यंत्र खाली था. पीछे आ रहे पानी के टैंकर से आग पर काबू पाया गया. घटना ने बसों के मेंटेनेंस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.
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जयपुर में कालवाड़ से चांदपोल जा रही JCTSL की रूट नंबर 24 लो-फ्लोर बस में अचानक इंजन में आग लग गई
जयपुर: राजधानी जयपुर में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) की एक चलती लो-फ्लोर बस में अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. समय रहते सतर्क यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचा ली. इस घटना ने एक बार फिर जर्जर बसों के संचालन और उनके खस्ताहाल रखरखाव की पोल खोलकर रख दी है.
यह घटना उस समय घटी जब रूट नंबर 24 की जेसीटीएसएल बस (रजिस्ट्रेशन नंबर RJ14PD 8539) कालवाड़ से चांदपोल की ओर जा रही थी. बस अपनी सामान्य गति से सड़क पर दौड़ रही थी और उसमें यात्री सवार थे. यात्रा के दौरान अचानक बस के पिछले हिस्से में स्थित इंजन से धुआं उठने लगा. देखते ही देखते इस धुएं ने विकराल आग की लपटों का रूप ले लिया. बस के अंदर तेजी से धुआं भरने के कारण यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई. स्थिति की भयावहता को भांपते हुए घबराए हुए यात्रियों ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाने के लिए चलती और रुकती बस से छलांग लगा दी.
शोपीस साबित हुआ अग्निशमन यंत्रहादसे के दौरान लापरवाही भरा पहलू यह सामने आया कि बस के अंदर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रखा गया अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) खाली था. यात्रियों ने आरोप लगाया कि यह सुरक्षा उपकरण केवल दिखावे के रूप में लटकाया गया था. जब आग धधक रही थी, तब बस का स्टाफ और चालक आग बुझाने में पूरी तरह बेबस नजर आए. इसी बीच, किस्मत से बस के ठीक पीछे एक पानी का टैंकर आ रहा था. टैंकर के चालक ने अत्यंत सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और टैंकर के पानी की बौछार कर आग पर समय रहते काबू पा लिया. यदि यह पानी का टैंकर मौके पर नहीं पहुंचता, तो पूरी बस जलकर खाक हो जाती.
मातेश्वरी कंपनी के मेंटेनेंस पर गंभीर सवालमिली जानकारी के अनुसार, इन लो-फ्लोर बसों की सर्विसिंग और रखरखाव (मेंटेनेंस) का जिम्मा ‘मातेश्वरी कंपनी’ के पास बताया जा रहा है. चलती बस के इंजन में आग लगना सीधे तौर पर घटिया मेंटेनेंस और तकनीकी जांच में बरती जा रही घोर लापरवाही को उजागर करता है. सरकार और निगम की ओर से लाखों रुपये का भुगतान मेंटेनेंस कंपनियों को किया जाता है, इसके बावजूद बसों के इंजनों की नियमित और सटीक जांच क्यों नहीं की जा रही है, यह एक बड़ा सवाल है.
कब जागेगा परिवहन विभाग?यह पूरी घटना जयपुर प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए एक बड़ी चेतावनी है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंडम बसों की संचालन अवधि बार-बार क्यों बढ़ाई जा रही है? जर्जर हालत में पहुंच चुकी इन बसों को सड़कों पर उतारकर रोजाना आम जनता की जान को खतरे में डालने की अनुमति कौन दे रहा है? क्या प्रशासन किसी बहुत बड़े और अनहोनी हादसे का इंतजार कर रहा है? अब देखना यह होगा कि इस लापरवाही के सामने आने के बाद सरकार और परिवहन विभाग मातेश्वरी कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करते हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 23, 2026, 17:13 IST



