भरतपुर में वाहन चालकों की मुफ्त ट्रेनिंग शुरू, मिलेगा NSQF लेवल-4 सर्टिफिकेट, 90 देशों में रोजगार के अवसर

Last Updated:August 24, 2026, 09:38 IST
Bharatpur Heavy Vehicle Driver Training: भरतपुर-डीग क्षेत्र के भारी वाहन चालकों के लिए सड़क सुरक्षा से जुड़ी बड़ी पहल शुरू हुई है. आरडीटीसी ने भरतपुर में नि:शुल्क रिफ्रेशर प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया है, जहां चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग और बदलते यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण में आपात स्थिति से निपटने, दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने और वाहन में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों सहित कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. प्रशिक्षण पूरा करने पर एनएसक्यूएफ लेवल-4 प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिससे देश के अलावा करीब 90 देशों में रोजगार के अवसरों की संभावना बनेगी.
भरतपुर जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और भारी वाहन चालकों को आधुनिक यातायात नियमों एवं सुरक्षित ड्राइविंग की जानकारी देने के उद्देश्य से आरडीटीसी की ओर से नि:शुल्क रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है. अजमेर के सिंगावल स्थित आरडीटीसी द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण व्यवस्था का विस्तार अब भरतपुर तक किया गया है. इससे पहले सीकर-जयपुर, उदयपुर, बालोतरा, जोधपुर और चूरू में इसके उप-केंद्र संचालित किए जा रहे हैं.
आरडीटीसी के माध्यम से पिछले दो वर्ष चार माह के दौरान करीब 27 हजार भारी वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. प्रशिक्षण पूरा करने वाले चालकों को एनएसक्यूएफ लेवल-4 प्रमाणपत्र प्रदान किया जा रहा है. इस प्रमाणपत्र के माध्यम से प्रशिक्षित चालकों के लिए देश के साथ-साथ करीब 90 देशों में रोजगार के अवसरों की राह खुलने की उम्मीद है. प्रशिक्षण का उद्देश्य चालकों के कौशल को बढ़ाने के साथ उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से वाहन चलाने के लिए तैयार करना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके.
खास बात यह है कि यह पूरा प्रशिक्षण चालकों के लिए नि:शुल्क रखा गया है. प्रशिक्षण लेने वाले चालकों को आभा आईडी, दुर्घटना बीमा, भोजन और चाय के साथ ड्राइवर किट भी उपलब्ध कराई जा रही है. प्रशिक्षण के दौरान चालकों को रोड सेफ्टी, रोड साइन, वाहन सुरक्षा, सुरक्षित ड्राइविंग तकनीक, वाहनों में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीक और गुड सेमैरिटन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाती है. इसके अलावा सड़क पर आपात स्थिति आने पर किस तरह सावधानी बरतनी चाहिए और दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति की मदद कैसे की जा सकती है.
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प्रशिक्षण केंद्र के निरीक्षण के दौरान डिप्टी कमिश्नर रोड सेफ्टी डॉ. वीरेन्द्र सिंह राठौड़ ने प्रशिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने भारी वाहन चालकों से अधिक से अधिक संख्या में इस नि:शुल्क प्रशिक्षण का लाभ उठाने की अपील की. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहन चलाने वाले प्रत्येक चालक का प्रशिक्षित और जागरूक होना बेहद जरूरी है. प्रशिक्षण से चालकों को न केवल यातायात नियमों की बेहतर जानकारी मिलेगी बल्कि सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ेगी.
इस दौरान एआरटीओ अभय मुद्गल और परिवहन निरीक्षक देवेन्द्र सुंडा भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने भरतपुर-डीग क्षेत्र के अधिक से अधिक भारी वाहन चालकों को प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया. भरतपुर में उप-केंद्र शुरू होने से जिले के भारी वाहन चालकों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं होगी. स्थानीय स्तर पर नि:शुल्क प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र, बीमा और अन्य सुविधाएं मिलने से अधिक चालकों के इससे जुड़ने की उम्मीद है.
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August 24, 2026, 09:38 IST



