श्मशान घाट तक नहीं पहुंची अर्थी, कीचड़ भरे रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली बनी सहारा

Last Updated:August 24, 2026, 10:39 IST
Jhunjhunu Tai Village Waterlogging: झुंझुनूं जिले के बिसाऊ स्थित टांई गांव में बदहाल जल निकासी के चलते महिला सोनिया स्वामी के निधन पर शव को कंधे के बजाय ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर श्मशान घाट ले जाना पड़ा. श्मशान के मुख्य रास्ते पर घुटनों तक गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है. ग्रामीणों के अनुसार नाले की निकासी न होने से यह समस्या सालों से बनी है. 9 जून को कलेक्टर द्वारा 15 दिन में समाधान के आश्वासन के 2 महीने बाद भी हालात जस के तस हैं. ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की है.
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झुंझुनूं में अर्थी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में श्मशान ले जाने की नौबत
Jhunjhunu: राजस्थान के झुंझुनूं जिले की बिसाऊ तहसील अंतर्गत आने वाले टांई गांव से प्रशासनिक दावों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलती एक बेहद शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां श्मशान घाट तक जाने वाले मुख्य रास्ते पर जलभराव और भारी कीचड़ के चलते परिजनों को एक महिला का शव पैदल कंधे पर ले जाने के बजाय मजबूरी में ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाना पड़ा. इस घटना के बाद से ही ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है.
मिली जानकारी के अनुसार, टांई गांव निवासी सोनिया पत्नी देवकरण स्वामी का निधन हो गया था. निधन के पश्चात परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार के लिए शवयात्रा लेकर श्मशान घाट की ओर रवाना हुए. हालांकि, श्मशान जाने वाले मुख्य मार्ग पर गंदा पानी भरा होने और घुटनों तक कीचड़ जमने के कारण पैदल चलना पूरी तरह से असंभव हो चुका था. ऐसी विकट स्थिति में ग्रामीणों के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा और उन्होंने मजबूरी में शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखा. इसके बाद जलभराव और कीचड़ के बीच से ट्रैक्टर निकालकर श्मशान घाट पहुंचे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की.
वर्षों पुरानी समस्या, नाले का पानी बना आफतग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट के रास्ते पर जलभराव की यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई सालों से बनी हुई है. गांव में नाले की उचित निकासी व्यवस्था न होने के कारण नालियों और बारिश का गंदा पानी सीधे मुख्य सड़क पर जमा रहता है. इसके कारण लोगों का पैदल चलना तो दूर, वाहनों से गुजरना भी दुभर हो जाता है. स्थानीय ग्रामीण कई बार ग्राम पंचायत से लेकर आला अधिकारियों तक लिखित और मौखिक शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है.
कलेक्टर के 15 दिन के आश्वासन के 2 महीने बाद भी हालात जस के तसप्रशासनिक अनदेखी से परेशान ग्रामीण बीते 9 जून को एकजुट होकर जिला कलेक्टर से भी मिले थे. उस समय जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 15 दिनों के भीतर जल निकासी और रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान कराने का आश्वासन दिया था. हालांकि, इस बात को 2 महीने से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन धरातल पर हालात बिल्कुल नहीं बदले हैं. ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट के रास्ते से जलभराव और गंदगी की समस्या का तुरंत निस्तारण कराया जाए, ताकि किसी को अपने परिजन के अंतिम सफर में इस तरह की अमानवीय दुश्वारियों का सामना न करना पड़े.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jhunjhunu,Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
August 24, 2026, 10:39 IST



