चुनाव से पहले फिर गरमाया राम मंदिर की जमीन का मुद्दा, हरीश दवे ने बताई अंदर की कहानी

Last Updated:August 24, 2026, 20:27 IST
Sirohi Ram Temple Land Dispute : सिरोही में राम मंदिर की जमीन का मुद्दा गरमाया. हिंदू वेव के हरीश दवे ने कहा, यह राजनीति नहीं, मंदिर की संपत्ति का मामला है. उन्होंने ओटाराम देवासी का बचाव किया और जांच की मांग की. स्वर्गीय महंत जयराम दास के साथ प्रबंधक के तौर पर भी काम कर चुके हैं. दवे के अनुसार, साल 2001 में रामझरूखा क्षेत्र में चारदीवारी बनाने के लिए नगर परिषद में आवेदन किया गया था. उस आवेदन से जुड़ी पत्रावली आज भी प्रशासन के पास मौजूद होने का उन्होंने दावा किया.
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सिरोही में राम मंदिर जमीन विवाद फिर गरमाया.
सिरोही. नगर परिषद चुनाव से पहले सिरोही में एक बार फिर राम मंदिर की जमीन का मुद्दा गरमा गया है. रामझरूखा और महामंदिर की संपत्ति को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं. अब इस पूरे मामले में हिंदू वेव के संयोजक हरीश दवे ने भी खुलकर अपनी बात रखी है. हरीश दवे का कहना है कि रामझरूखा का मूल सवाल तो अब हल हो चुका है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी के बीच मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है. उन्होंने साफ कहा कि इस मामले को सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि यह मंदिर की संपत्ति और उसके इतिहास से जुड़ा मामला है.
हरीश दवे ने दावा किया कि वह पिछले करीब 25 साल से रामझरूखा और मंदिर की संपत्ति से जुड़े मुद्दे को उठा रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह स्वर्गीय महंत जयराम दास के साथ प्रबंधक के तौर पर भी काम कर चुके हैं. दवे के अनुसार, साल 2001 में रामझरूखा क्षेत्र में चारदीवारी बनाने के लिए नगर परिषद में आवेदन किया गया था. उस आवेदन से जुड़ी पत्रावली आज भी प्रशासन के पास मौजूद होने का उन्होंने दावा किया. उन्होंने यह भी कहा कि साल 2002 में महंत किशन दास के आंदोलन में भी उनकी भूमिका रही थी.
आमरण अनशन के बाद हुई थी बातचीतहरीश दवे ने बताया कि कुछ महीने पहले वह इसी मुद्दे को लेकर आमरण अनशन पर बैठे थे. इसके बाद राज्यमंत्री और भाजपा जिलाध्यक्ष की मध्यस्थता में SDM के साथ बातचीत और समझौता हुआ था. उनके अनुसार, इसके बाद सरकार की ओर से कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया और मामले की जांच शुरू की गई. दवे ने कहा कि जिला कलेक्टर की ओर से भी उन्हें इस मामले में भरोसा दिलाया गया है. हालांकि इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक स्तर पर बयानबाजी जारी है और नगर परिषद चुनाव से पहले यह मुद्दा फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है.
ओटाराम देवासी को बदनाम करने का आरोपहरीश दवे ने इस मामले में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी का भी बचाव किया. उन्होंने कहा कि ओटाराम देवासी को इस पूरे मामले में बेवजह बदनाम किया जा रहा है, जो गलत है. दवे का कहना है कि रामझरूखा धरुका की संपत्ति और महामंदिर का पूरा इतिहास आम लोगों के बीच ज्यादा स्पष्ट नहीं है. ऐसे में अधूरी जानकारी और राजनीतिक आरोपों के बीच इस मुद्दे को उलझाने के बजाय जमीन और मंदिर की संपत्ति से जुड़े तथ्यों को सामने रखा जाना चाहिए.
राजनीति से ऊपर उठकर संपत्ति बचाने की बात
हिंदू वेव के संयोजक ने कहा कि राजनीतिक छींटाकशी के बीच मंदिर की जमीन को खुर्द-बुर्द नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हिंदू वेव की इस मामले पर पूरी नजर है और आगे की कार्रवाई पर भी संगठन ध्यान रखेगा. हरीश दवे के मुताबिक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद इस मामले की जांच करवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जांच के जरिए पूरी स्थिति साफ होनी चाहिए, ताकि मंदिर की संपत्ति से जुड़े विवाद पर किसी तरह की गलतफहमी न रहे. नगर परिषद चुनाव से पहले राम मंदिर की जमीन का मुद्दा एक बार फिर सिरोही की राजनीति में गर्माता दिख रहा है. एक तरफ आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, वहीं हरीश दवे ने इस विवाद को मंदिर की संपत्ति और उसके इतिहास से जोड़ते हुए कहा है कि राजनीतिक लड़ाई के बीच जमीन और संपत्ति को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. अब जांच आगे क्या निष्कर्ष निकालती है और चुनावी माहौल में यह मुद्दा कितना बड़ा बनता है, इस पर नजर रहेगी.About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Sirohi,Sirohi,Rajasthan
First Published :
August 24, 2026, 20:27 IST



