अलमारी हटाई तो उड़े होश… नीचे बैठा था ‘सफेद कोबरा’, देखकर रेस्क्यू टीम भी रह गई हैरान

Last Updated:August 27, 2026, 12:15 IST
Rare White Cobra Found in Udaipur Hiran Magri: उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर-11 स्थित एक मकान में दुर्लभ सफेद कोबरा का बच्चा मिला. सूचना मिलने पर वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर के डॉ. चमन सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर अलमारी के नीचे से सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया. शरीर में मेलेनिन पिगमेंट की कमी के कारण इस सांप का रंग सफेद था, हालांकि काली आंखें होने से यह पूर्ण एल्बिनो नहीं था. इस दुर्लभ कोबरा को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है. रेस्क्यू टीम ने लोगों से सांपों को मारने के बजाय विशेषज्ञों को सूचित करने की अपील की है.
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Udaipur: राजस्थान के उदयपुर शहर में स्थित हिरण मगरी सेक्टर-11 से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक रिहायशी मकान के अंदर दुर्लभ प्रजाति का सफेद कोबरा मिलने से हड़कंप मच गया. घर के सदस्यों ने जैसे ही कमरे में सांप को देखा, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना वाइल्ड एनिमल रेस्क्यू सेंटर को दी. सूचना मिलते ही रेस्क्यू सेंटर के संभागीय अध्यक्ष डॉ. चमन सिंह चौहान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. कमरे की गहन जांच करने पर अलमारी के नीचे कुछ हलचल दिखाई दी. जब अलमारी को सावधानीपूर्वक हटाया गया, तो उसके नीचे सफेद रंग का एक छोटा कोबरा बैठा हुआ था.
डॉ. चमन सिंह चौहान ने अपनी टीम के साथ बेहद सतर्कता बरतते हुए इस जहरीले और दुर्लभ सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ा. उन्होंने बताया कि आमतौर पर भारतीय कोबरा गहरे भूरे या काले रंग के होते हैं. हालांकि, हजारों सांपों में से कभी-कभी ऐसा दुर्लभ सफेद कोबरा देखने को मिलता है. इस सांप के रंग में बदलाव का मुख्य कारण जेनेटिक या आनुवंशिक माना जाता है. जब किसी जीव के शरीर में मेलेनिन पिगमेंट का निर्माण कम होता है या पूरी तरह बंद हो जाता है, तो उसकी त्वचा और शल्कों का प्राकृतिक रंग बदल जाता है.
पूर्ण एल्बिनो नहीं था यह कोबराविशेषज्ञ डॉ. चौहान के अनुसार यह कोबरा पूरी तरह से एल्बिनो नहीं था. आमतौर पर जो सांप पूरी तरह एल्बिनो होते हैं, उनकी आंखें लाल या हल्की भूरी होती हैं. इसके विपरीत हिरण मगरी में मिले इस सफेद कोबरा की आंखें पूरी तरह काली थीं, जो इसे और भी अधिक अनोखा बनाती हैं. अपनी विशिष्ट रंगत की वजह से यह सांप दिखने में बेहद आकर्षक लग रहा था.
जंगल में प्राकृतिक खतरों की चुनौतीऐसे दुर्लभ रंग वाले वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक पर्यावरण में जीवित रहना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. डॉ. चौहान ने स्पष्ट किया कि सफेद रंग होने के कारण ये सांप झाड़ियों या सूखी पत्तियों में आसानी से छिप नहीं पाते हैं. चील, बाज और अन्य शिकारी पक्षी इन्हें दूर से ही देख लेते हैं. इस वजह से जंगल में इनके ज्यादा दिनों तक जीवित रहने की संभावना काफी कम हो जाती है. रेस्क्यू के बाद इस सफेद कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास यानी सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है.
वन्यजीव सुरक्षा पर जन-अपीलघटना के बाद डॉ. चमन सिंह चौहान ने आम जनता से अपील की है कि यदि घर या आसपास कोई सांप दिखे, तो उसे नुकसान न पहुंचाएं. सांप को स्वयं पकड़ने या मारने का प्रयास करना जानलेवा हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचित करें. आपातकालीन स्थिति में उदयपुर निवासी डॉ. चमन सिंह चौहान के मोबाइल नंबर 9828058158 या 7737470311 पर संपर्क कर सकते हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Udaipur,Udaipur,Rajasthan
First Published :
August 27, 2026, 12:15 IST



