340 करोड़ का नया सीवरेज प्रोजेक्ट तैयार, 158 KM नेटवर्क से 100% शहर को जोड़ने की बड़ी तैयारी

Last Updated:August 28, 2026, 21:52 IST
Jhunjhunu Sewer Project : झुंझुनूं में 340.88 करोड़ रुपये की नई सीवरेज परियोजना, 100% सीवरेज नेटवर्क का लक्ष्य. 4 नए STP और 2 पंपिंग स्टेशन बनेंगे. पहले चरण में 194 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार किया गया था, जबकि दूसरे चरण में करीब 45 किलोमीटर सीवरेज लाइन का काम चल रहा है. इन दोनों योजनाओं के बावजूद करीब 55 प्रतिशत शहरी आबादी अभी सीवरेज सुविधा से दूर है.
Jhunjhunu News: नगर परिषद के परिसीमन के बाद झुंझुनूं शहर से जुड़े 10 नए राजस्व गांवों और अब तक सीवरेज सुविधा से वंचित क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 340.88 करोड़ रुपए की नई परियोजना तैयार की गई है. तीसरे सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत शहर में 158 किलोमीटर लंबा नया सीवरेज नेटवर्क बिछाया जाएगा. परियोजना को राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद शहर को 100 प्रतिशत सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की योजना है.
झुंझुनूं शहर में अभी तक सीवरेज के दो चरण स्वीकृत हो चुके हैं. पहले चरण में 194 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार किया गया था, जबकि दूसरे चरण में करीब 45 किलोमीटर सीवरेज लाइन का काम चल रहा है. इन दोनों योजनाओं के बावजूद करीब 55 प्रतिशत शहरी आबादी अभी सीवरेज सुविधा से दूर है. नई परियोजना के जरिए शेष आबादी और नए जुड़े क्षेत्रों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.
नई डीपीआर के अनुसार तीसरे सीवरेज प्रोजेक्ट में चार नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी बनाए जाएंगे. इनमें 2 एमएलडी क्षमता के दो और 1 एमएलडी क्षमता के दो एसटीपी प्रस्तावित हैं. इसके अलावा शहर में दो नए पंपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे. पंपिंग स्टेशन बनने से सीवरेज पाइपों के जरिए गंदा पानी व्यवस्थित तरीके से एसटीपी तक पहुंच सकेगा और नेटवर्क में पानी के प्रवाह में बाधा कम होगी.
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परियोजना पूरी होने के बाद झुंझुनूं शहर में कुल सात एसटीपी हो जाएंगे, जिनकी संयुक्त क्षमता करीब 25 एमएलडी होगी. पहले चरण में 8.5 एमएलडी और 7 एमएलडी क्षमता के दो एसटीपी बनाए जा चुके हैं. दूसरे चरण में 3.7 एमएलडी क्षमता का एक एसटीपी निर्माणाधीन है. यह एसटीपी का दिसंबर तक तैयार होने की उम्मीद है. नगर परिषद के अनुसार शहर में रोजाना करीब 18 एमएलडी वेस्ट और ग्रे वाटर निकलता है, जिसे नए नेटवर्क के जरिए ट्रीट किया जाएगा.
तीसरे सीवरेज प्रोजेक्ट में बारिश के पानी को छोड़कर घरों से निकलने वाले विभिन्न प्रकार के गंदे पानी को सीवरेज नेटवर्क के जरिए एसटीपी तक पहुंचाने की योजना है. इसमें सीवर के साथ किचन और बाथरूम से निकलने वाला पानी भी शामिल होगा. झुंझुनूं नगर परिषद के आयुक्त राकेश कुमार रंगा ने बताया कि इससे नालियों और नालों में गंदे पानी का दबाव कम होगा. परियोजना के तहत प्रतिदिन करीब 24 एमएलडी पानी को ट्रीट करने की व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है.
ट्रीट किए गए पानी के उपयोग को लेकर भी नगर परिषद ने योजना बनाई है. बीड़ क्षेत्र में कृत्रिम तालाब तैयार कर उसमें एसटीपी से साफ किए गए पानी को भरने का प्रस्ताव है. इसके साथ यहां बायो-डायवर्सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की योजना भी बनाई गई है, जिससे उपचारित पानी का उपयोग पर्यावरणीय गतिविधियों में किया जा सके. वहीं बरसाती पानी की निकासी के लिए अलग ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसकी डीपीआर तैयार करने से पहले सर्वे का काम पूरा हो चुका है.
राज्य सरकार ने बजट घोषणा 2025-26 में झुंझुनूं सहित प्रदेश के अन्य शहरों में सीवरेज नेटवर्क विस्तार की घोषणा की थी. इसी के तहत नगर परिषद ने 340.88 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी है. अब सरकार की मंजूरी और बजट आवंटन के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा. नगर परिषद आयुक्त राकेश कुमार रंगा के अनुसार बरसाती पानी की सुचारू निकासी के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और डिजाइन तैयार करने का काम चल रहा है.
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August 28, 2026, 21:52 IST



