कोटा में चुनावी माहौल गरम, जनता बोली- अब सिर्फ वादे नहीं चलेंगे, वोट उसी को जो जमीन पर काम करके दिखाएगा

Last Updated:September 07, 2026, 13:32 IST
Kota Nikay Chunav Ground Report: कोटा में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. प्रत्याशी घर-घर पहुंचकर जनसंपर्क और विकास के वादे कर रहे हैं. वहीं जनता ने साफ कहा कि अब सिर्फ वादों से काम नहीं चलेगा. सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा और आवारा मवेशियों की समस्याएं प्रमुख हैं. मतदाता शिक्षित, ईमानदार और जनता के बीच रहने वाले ऐसे पार्षद की तलाश में हैं, जो समस्याओं का समाधान कराए.
ख़बरें फटाफट
कोटा। नगर निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही कोटा की गलियों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. प्रत्याशी घर-घर पहुंच रहे हैं, जनसंपर्क कर रहे हैं और विकास के वादे कर रहे है. कहना है कि अब सिर्फ वादों से काम नहीं चलेगा, वोट उसी प्रत्याशी को लेकिन इस बार वार्डों में मतदाताओं की आवाज कुछ अलग है. जनता का मिलेगा जो जमीन पर काम करके दिखाएगा.
कोटा के अलग-अलग वार्डों में लोगों से बातचीत में सड़क, सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट, सफाई और आवारा मवेशियों की समस्या प्रमुखता से सामने आई. मतदाता ऐसे पार्षद की मांग कर रहे हैं जो शिक्षित होने के साथ ईमानदार और जनता के बीच रहने वाला हो. लोगों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद पार्षद का फोन बंद नहीं होना चाहिए, बल्कि समस्या बताने पर समाधान की कोशिश तुरंत होनी चाहिए.
गड्ढों वाली सड़कें बनी परेशानीवार्डों में खराब सड़कों और गड्ढों को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी दिखाई दी। लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद उसकी गुणवत्ता और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता. बारिश के बाद स्थिति और खराब हो जाती है. जनता अब ऐसी सड़क चाहती है जो बार-बार खुदाई और पैचवर्क के बजाय लंबे समय तक टिके.
सुरक्षा भी बड़ा चुनावी मुद्दामहिला सुरक्षा को लेकर भी मतदाता गंभीर नजर आए। लोगों की मांग है कि प्रमुख गलियों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था मजबूत हो. इससे चोरी, चेन स्नेचिंग और अन्य घटनाओं पर निगरानी बढ़ सकती है. आवारा कुत्तों और सड़कों पर घूमते मवेशियों की समस्या भी लोगों की चिंता का कारण है. वहीं खराब स्ट्रीट लाइट के चलते रात में कई इलाकों में अंधेरा रहता है. जनता चाहती है कि शिकायत के बाद लाइट ठीक कराने की व्यवस्था तेज हो.
गौशाला से राशन तक व्यवस्था सुधारने की मांगलोगों ने नगर निगम की गौशालाओं की बेहतर व्यवस्था, पशु चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता और सड़क पर बीमार या मृत मवेशियों को तत्काल हटाने की मांग की. साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सामुदायिक भवनों की देखरेख और राशन दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत की भी उम्मीद जताई. इस चुनाव में जनता के मुद्दे बिल्कुल जमीनी हैं. अब देखना होगा कि प्रत्याशियों के घोषणापत्र में इन समस्याओं का कितना जिक्र होता है और चुनाव के बाद कितने वादे हकीकत में बदलते हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
और पढ़ेंFirst Published :
September 07, 2026, 13:32 IST



