Black Rice Health Benefits: रंग ही नहीं, फायदे भी हैं बेमिसाल, आखिर सफेद चावल छोड़ क्यों काले चावल को पसंद कर रहे हैं लोग?

Last Updated:September 07, 2026, 15:33 IST
Black Rice Health Benefits: चावल का नाम आते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में सफेद चावल की तस्वीर आती है, लेकिन बाजार में एक ऐसी किस्म भी है जो अपने रंग के साथ-साथ पोषक तत्वों की वजह से लोगों का ध्यान खींच रही है. काले चावल का गहरा काला या बैंगनी रंग इसमें मौजूद एंथोसायनिन नामक प्राकृतिक यौगिक की वजह से होता है, जिसे एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाला माना जाता है. इसमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर रखने और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि हेल्थ को लेकर जागरूक लोग इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं.
काले चावल को पोषक तत्वों से भरपूर अनाज माना जाता है. इसका गहरा काला या बैंगनी रंग एंथोसायनिन नामक प्राकृतिक यौगिक के कारण होता है. एंथोसायनिन एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर में कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभा सकता है. सामान्य सफेद चावल की तुलना में काले चावल में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक अधिक मात्रा में पाए जा सकते हैं. स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों में इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है. डॉ ऐजल पटेल बताते हैं कि इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है.
काले चावल में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माना जाता है. भोजन में पर्याप्त फाइबर शामिल करने से आंतों की सामान्य कार्यप्रणाली को बनाए रखने में मदद मिल सकती है. फाइबर भोजन को पचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में सहायक हो सकता है. इसी कारण वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करने वाले लोग भी इसे आहार में शामिल कर सकते हैं. हालांकि, केवल काले चावल खाने से वजन कम होने की गारंटी नहीं है.
काले चावल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं. इनमें पाया जाने वाला एंथोसायनिन शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में भूमिका निभा सकता है. साथ ही काले चावल में फाइबर भी मौजूद होता है, जो संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है. साबुत अनाज और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थो को भोजन में शामिल करना हृदय के लिए बेहतर आहार का हिस्सा हो सकता है. हालांकि, केवल काले चावल खाने से हृदय संबंधी बीमारी से बचाव या इलाज का दावा नहीं किया जा सकता है.
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काले चावल में मौजूद फाइबर भोजन के बाद पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है. इससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है. संतुलित मात्रा में काले चावल वजन प्रबंधन वाले आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं. हालांकि, वजन कम करने के लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहना सही नहीं है. भोजन में सब्जियां, दालें, फल, पर्याप्त प्रोटीन और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी शामिल होने चाहिए.
काले चावल को पोषक तत्वों से भरपूर चावल की किस्मों में शामिल किया जाता है. इनमें फाइबर के साथ कई प्राकृतिक पौधों के यौगिक पाए जाते हैं. इसका गहरा रंग एंथोसायनिन की मौजूदगी के कारण होता है. यह यौगिक एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है. काले चावल को सामान्य चावल की तरह पकाकर भोजन में शामिल किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल खिचड़ी, पुलाव या अन्य व्यंजनों में भी किया जा सकता है. हालांकि, हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत अलग होती है.
काले चावल की सबसे खास पहचान इसका गहरा रंग है. यह रंग मुख्य रूप से एंथोसायनिन नामक प्राकृतिक पौध यौगिक के कारण होता है. एंथोसायनिन कई फलों और सब्जियों में भी पाया जाता है, और इसे एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाला यौगिक माना जाता है. शरीर में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभाते हैं. काले चावल में ऐसे प्राकृतिक यौगिकों की मौजूदगी इसे अन्य चावल की किस्मों से अलग बनाती है. हालांकि, केवल रंग देखकर किसी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह स्वस्थ या औषधीय नहीं माना जा सकता है.
भोजन में विविधता लाने के लिए काले चावल को सफेद चावल के विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है. इनमें फाइबर और एंथोसायनिन जैसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं. फाइबर पाचन स्वास्थ्य और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है, जबकि एंथोसायनिन अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है. हालांकि, काले चावल का मतलब यह नहीं है कि सफेद चावल पूरी तरह अस्वास्थ्यकर है. दोनों का पोषण मूल्य अलग हो सकता है, और भोजन की कुल गुणवत्ता अधिक महत्वपूर्ण होती है.
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September 07, 2026, 15:33 IST



