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Aparajita Flower: दिखने में खूबसूरत, चाय बनते ही नीला और नींबू डालते ही बैंगनी, जानिए अपराजिता फूल के फायदे

Last Updated:September 07, 2026, 07:01 IST

Aparajita Flower Health Benefits: अपराजिता का नीला फूल देखने में जितना खूबसूरत होता है, उतना ही इसे पारंपरिक तौर पर सेहत के लिए भी उपयोगी माना जाता है. आजकल इसके फूलों से बनने वाली नीली हर्बल चाय लोगों के बीच काफी पसंद की जा रही है, जिसमें नींबू डालते ही इसका रंग भी बदल जाता है. अपराजिता में पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के कारण इसे आंखों, त्वचा, बालों और शरीर से जुड़ी कई समस्याओं के लिए फायदेमंद माना जाता है. हालांकि इसके इस्तेमाल को लेकर कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं. आखिर अपराजिता के फूलों की चाय को इतना खास क्यों माना जाता है और इसे इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जानिए.

अपराजिता एक बेल वाली वनस्पति है, जिसका वैज्ञानिक नाम Clitoria ternatea है. इसके फूल आमतौर पर गहरे नीले रंग के होते हैं, हालांकि कुछ जगहों पर सफेद फूल भी देखने को मिलते हैं. भारत में इसे कई घरों और बगीचों में सजावटी पौधे के तौर पर लगाया जाता है. इसके फूल, पत्तियों और जड़ों का पारंपरिक रूप से घरेलू नुस्खों और आयुर्वेद में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है. यही वजह है कि खूबसूरती के साथ इसका पारंपरिक उपयोग भी इसे खास बनाता है.

आजकल अपराजिता के फूलों से तैयार होने वाली हर्बल चाय लोगों के बीच काफी पसंद की जा रही है. इसे बनाने के लिए गर्म पानी में अपराजिता के फूल डाले जाते हैं, जिससे पानी का रंग नीला हो जाता है. इसमें नींबू की कुछ बूंदें डालने पर इसका रंग बैंगनी या गुलाबी दिखाई देने लगता है. रंग बदलने की यह खासियत इसे सामान्य चाय से अलग बनाती है. 

अपराजिता के फूलों का पारंपरिक रूप से आंखों की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल बताया जाता है. खासकर आंखों की थकान और जलन जैसी परेशानी में इसके इस्तेमाल की मान्यता मिलती है. हालांकि अपराजिता का पेस्ट या कोई भी घरेलू चीज सीधे आंखों में डालना सुरक्षित नहीं माना जाना चाहिए. आंखों में लालिमा, दर्द, संक्रमण या कंजेक्टिवाइटिस जैसी समस्या होने पर घरेलू नुस्खे अपनाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है.

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अपराजिता के नीले फूलों में एंथोसायनिन जैसे प्राकृतिक पिगमेंट पाए जाते हैं. इनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभा सकते हैं. इसी वजह से अपराजिता के फूलों से तैयार चाय को एक हर्बल ड्रिंक के तौर पर पसंद किया जा रहा है. हालांकि इसे किसी बीमारी का इलाज या दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.

अपराजिता के फूलों और पत्तियों का पारंपरिक रूप से सूजन और दर्द से राहत के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसमें पाए जाने वाले कुछ प्राकृतिक यौगिकों पर शोध में सूजन से जुड़े संभावित गुणों की बात सामने आई है. इसी आधार पर अपराजिता की चाय या इसके अन्य पारंपरिक इस्तेमाल को हल्की सूजन और सामान्य दर्द के लिए उपयोगी माना जाता है.

अपराजिता के फूलों को त्वचा और बालों के लिए भी उपयोगी माना जाता है. इनमें मौजूद प्राकृतिक यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की देखभाल में मदद कर सकते हैं. अपराजिता से बने कुछ हर्बल उत्पाद त्वचा की नमी बनाए रखने और उसे मुलायम रखने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. वहीं, बालों की देखभाल में भी इसका पारंपरिक इस्तेमाल होता रहा है.

आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार के अनुसार, अगर अपराजिता के फूलों से चाय बना रहे हैं तो यह जरूर देख लें कि पौधे पर किसी तरह का कीटनाशक या रासायनिक स्प्रे न किया गया हो. बिना जानकारी के बाजार या सजावटी पौधे से तोड़े गए फूलों का सेवन नहीं करना चाहिए. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या किसी अन्य बीमारी की दवा लेने वाले लोगों को अपराजिता की चाय या अर्क का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

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September 07, 2026, 07:01 IST

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