पहले चरण का मतदान पूरा होते ही शुरू हुआ ‘बोर्ड गेम’; बीजेपी-कांग्रेस ताबड़तोड़ जुट गई पार्षदों की बाड़ेबंदी में

Last Updated:September 10, 2026, 15:07 IST
Rajasthan Nikay Chunav: राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण के बाद बाड़मेर, अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में पार्षदों की बाड़ेबंदी तेज हो गई है. कांग्रेस ने अलवर के प्रत्याशियों को सरिस्का रिसॉर्ट भेजा है, जबकि भरतपुर में बीजेपी पार्षदों को जयपुर ले जाने की तैयारी में है. बाड़मेर में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी सामने आई है. 14 सितंबर को चुनाव परिणाम आएंगे, जिससे पहले दोनों दल जोड़-तोड़ की राजनीति में जुट गए हैं.
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14 सितंबर के रिजल्ट से पहले राजस्थान में सियासी हलचल तेज, अलवर से बाड़मेर तक पार्षदों की बाड़ेबंदी
Jaipur: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है. चुनावी परिणाम आने से पहले ही बोर्ड गठन के गणित को साधने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है. राज्य के विभिन्न जिलों से मिल रही खबरों के अनुसार, क्रॉस वोटिंग के डर और जोड़-तोड़ की राजनीति से बचने के लिए विजयी व संभावित पार्षदों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया जाने लगा है. बाड़मेर, अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर जैसे प्रमुख जिलों में राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने कमान संभाल ली है.
अलवर जिले में निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा सबसे ऊपर है. कांग्रेस ने अलवर नगर निगम के अलावा रामगढ़, नौगांवा, मालाखेड़ा और बहादुरपुर के प्रत्याशियों को मोती डूंगरी स्थित नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के कार्यालय बुलाया. इसके बाद सभी को बसों में बिठाकर अरण्य सरिस्का वाइल्डरनेस रिसॉर्ट भेज दिया गया. क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए प्रत्याशियों के मोबाइल फोन भी बंद करवा दिए गए हैं और इन्हें जयपुर के किसी अन्य रिसॉर्ट में शिफ्ट किए जाने की संभावना है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया है कि नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा और कई निर्दलीय भी उनके संपर्क में हैं. वहीं, भरतपुर में भी नगर निगम में बोर्ड बनाने के लिए बीजेपी ने बाड़ेबंदी तेज कर दी है. बीजेपी बागी और निर्दलीय पार्षदों को एकजुट कर जयपुर ले जाने की तैयारी में है, और पार्टी का दावा है कि करीब 70 पार्षद उनके खेमे में आ सकते हैं, जहां 14 सितंबर को परिणाम आने के बाद 21 सितंबर को महापौर का चुनाव होना है.
बाड़मेर और श्रीगंगानगर में भी सियासी जोड़-तोड़बाड़मेर में मतदान संपन्न होने के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है. पूर्व विधायक मेवाराम जैन अपने समर्थित प्रत्याशियों की अलग से बाड़ेबंदी कर रहे हैं, जबकि जिला कांग्रेस कमेटी अपने स्तर पर पार्षदों को साधने में जुटी है. इसके साथ ही बीजेपी भी अपने पार्षदों को एकजुट करने में पीछे नहीं है. उधर, श्रीगंगानगर जिले की रायसिंहनगर, अनूपगढ़, सूरतगढ़, श्रीविजयनगर और घड़साना नगर पालिकाओं में भी चुनाव के बाद बाड़ेबंदी का दौर शुरू हो गया है. यहां भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों को अज्ञात स्थानों पर भेज दिया गया है, और राजनीतिक गलियारों में धनबल के बड़े इस्तेमाल की चर्चाएं भी जोरों पर हैं.
परिणाम और भविष्य की रणनीतिसभी की निगाहें अब 14 सितंबर को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं. दोनों ही प्रमुख दल जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं. रणनीतिकारों का असली ‘बोर्ड गेम’ अब शुरू हो चुका है, जहां हर एक पार्षद और निर्दलीय की कीमत बढ़ गई है. जनादेश किसके पक्ष में जाएगा और कौन सा दल बाजी मारेगा, यह तो 14 सितंबर की मतगणना के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 10, 2026, 14:23 IST



