Dholpur Ground Report | 3-4 फीट पानी में डूबी ओंडेला ताल कॉलोनी

Dholpur: धौलपुर शहर के वार्ड नंबर 2 की ओंडेला ताल कॉलोनी में जलभराव अब सिर्फ लोगों की परेशानी नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बन चुका है. कई वर्षों से बारिश के मौसम में कॉलोनी में पानी भरने की समस्या बनी हुई है. इस बार हालात बेहद गंभीर हैं. कॉलोनी की सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी जमा है और पानी में डूबे गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं. इसी जलभराव के बीच पानी से भरे गड्ढे में गिरने से 2 वर्षीय बच्ची की मौत हो चुकी है. हादसे के बाद कॉलोनी के लोगों में डर का माहौल है. लोगों को आशंका है कि अगर जल्द जल निकासी और खुले गड्ढों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कोई और बड़ा हादसा हो सकता है.
लोकल18 की टीम जब ओंडेला ताल कॉलोनी में ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो कॉलोनी की सड़कें पूरी तरह पानी में डूबी हुई नजर आईं. कई स्थानों पर सड़क और पानी का अंतर तक समझना मुश्किल है. सड़क पर बने बड़े गड्ढे पानी के अंदर छिप गए हैं, जिससे लोगों के लिए पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार पेयजल पाइपलाइन डालने के लिए कुछ जगहों पर गड्ढे खोदे गए थे. बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर गया और अब उनकी गहराई दिखाई नहीं देती. लोगों का कहना है कि इन्हीं गड्ढों में गिरने से 2 वर्षीय बच्ची की जान चली गई.
पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मासूम की मौत
स्थानीय निवासी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उनकी 2 वर्षीय नातिनी की पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई. उन्होंने बताया कि जलभराव के कारण सड़क और गड्ढों की पहचान करना मुश्किल है. हादसे के बाद परिवार ही नहीं, बल्कि पूरी कॉलोनी के लोग डरे हुए हैं. स्थानीय लोगों को अब सबसे ज्यादा चिंता छोटे बच्चों की है. पानी भरी सड़कों के कारण बच्चों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. लोगों को डर है कि अगर कोई बच्चा खेलते या चलते समय पानी में छिपे गड्ढे में गिर गया तो दोबारा बड़ा हादसा हो सकता है.
बच्चों की पढ़ाई और लोगों का आवागमन प्रभावित
कॉलोनी में जलभराव का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक कई दिनों से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. पानी इतना ज्यादा है कि पैदल निकलना मुश्किल है और दोपहिया वाहनों की आवाजाही भी लगभग बंद हो गई है. लोगों का कहना है कि अगर रात के समय किसी व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाए तो उसे अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है. जलभराव के कारण एंबुलेंस या दूसरे वाहनों के लिए कॉलोनी तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है.
जुलाई से अक्टूबर तक हर साल बनते हैं बाढ़ जैसे हालात
स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह ने बताया कि कॉलोनी में हर साल जुलाई से अक्टूबर तक बाढ़ जैसे हालात बने रहते हैं. बारिश का पानी निकलने की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी लंबे समय तक कॉलोनी में जमा रहता है. उन्होंने बताया कि जलभराव के दौरान घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है. इसके साथ ही पानी में सांप, बिच्छू और दूसरे जहरीले जीवों के निकलने का खतरा भी बना रहता है. ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ जाती है.
जल निकासी नहीं होने से बीमारी का भी खतरा
दामोदर शर्मा ने बताया कि बारिश के पानी की निकासी के लिए कॉलोनी में कोई उचित व्यवस्था नहीं है. पानी लंबे समय तक जमा रहने से आवागमन प्रभावित होता है और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव सिर्फ बारिश के दौरान होने वाली परेशानी नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही समस्या है. उनका आरोप है कि कई बार नगर परिषद, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को समस्या के बारे में बताया गया, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.
लोगों की मांग, जल्द हो जल निकासी और गड्ढों की मरम्मत
ओंडेला ताल कॉलोनी के लोगों ने प्रशासन और नगर परिषद से जल्द कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि सबसे पहले पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए. इसके साथ ही सड़क पर मौजूद खुले और खतरनाक गड्ढों को जल्द भरवाया जाए. लोगों की मांग है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे हर साल बारिश के मौसम में कॉलोनी में बाढ़ जैसे हालात पैदा न हों. 2 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद लोगों का कहना है कि अब प्रशासन को किसी दूसरे हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए.



