तालाब की मुंडेर पर प्रकट हुई थी गणेश प्रतिमा, 300 साल पुराने पेड़ के तने में दिखती हैं 12 आकृतियां, जानें मान्यता

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तालाब की मुंडेर पर प्रकट हुए गणेश, पेड़ के तने में भी दिखती हैं 12 आकृतियां
Last Updated:September 13, 2026, 07:48 IST
Ajmer Famous Khoda Ganesh Temple: अजमेर का खोड़ा गणेश मंदिर धार्मिक आस्था के साथ अपनी अनोखी मान्यताओं के लिए भी प्रसिद्ध है. गणेश चतुर्थी पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर के पुजारियों के अनुसार यहां भगवान गणेश की प्रतिमा किसी ने स्थापित नहीं की, बल्कि मान्यता है कि यह प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी. बताया जाता है कि करीब 1700 ईस्वी में यहां तालाब हुआ करता था और उसकी मुंडेर पर गणेश प्रतिमा प्रकट हुई थी. मंदिर परिसर में 300 साल से अधिक पुराने बड़ और इमली के पेड़ भी आकर्षण का केंद्र हैं. दोनों पेड़ों के जुड़े हुए तनों पर करीब 12 स्थानों पर गणेश की आकृतियां दिखाई देने की मान्यता है. श्रद्धालु इन्हें भगवान गणेश का स्वरूप मानते हैं और पेड़ पर मन्नत का धागा बांधते हैं.
अजमेर. धार्मिक नगरी अजमेर अपने प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों के लिए खास पहचान रखती है. यहां कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं जिनसे लोगों की आस्था और कई वर्षों पुरानी मान्यताएं जुड़ी हुई है. इन्हीं में से एक है अजमेर का प्रसिद्ध खोड़ा गणेश मंदिर. गणेश चतुर्थी के मौके पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचते हैं.
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यहां भगवान गणेश की प्रतिमा कई वर्षों से विराजमान है. मान्यता है कि इस प्रतिमा को किसी व्यक्ति ने यहां लाकर स्थापित नहीं किया था, बल्कि भगवान गणेश की प्रतिमा इसी स्थान पर स्वयं प्रकट हुई थी. बताया जाता है कि करीब 1700 ईस्वी में इस स्थान पर एक तालाब हुआ करता था. तालाब की मुंडेर पर भगवान गणेश की प्रतिमा प्रकट हुई थी.
पेड़ पर भगवान गणेश की दिखती है आकृतियां
पुजारी आगे बताते हैं कि मंदिर परिसर की एक और खासियत यहां मौजूद 300 वर्षों से भी अधिक पुराने बड़ और इमली के पेड़ हैं.इन दोनों पेड़ों के तने आपस में जुड़े हुए हैं. खास बात यह है कि इन दोनों पेड़ों के मिले हुए तनों में करीब 12 स्थानों पर भगवान गणेश की आकृतियां दिखाई देती है.
गणेश चतुर्थी पर होती है विशेष पूजा-अर्चना
श्रद्धालु इन आकृतियों को भगवान गणेश का स्वरूप मानकर दर्शन करते हैं. मंदिर में आने वाले भक्त पेड़ पर अपनी मन्नत का धागा भी बांधते हैं और भगवान गणेश से मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं. गणेश चतुर्थी पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है और यहां भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है.
ऐसे पहुंच सकते हैं गणेश चतुर्थी खोड़ा गणेश मंदिर
अगर आप भी इस गणेश चतुर्थी खोड़ा गणेश मंदिर जाने की सोच रहे हैं तो यह मंदिर अजमेर शहर से 26 किलोमीटर और किशनगढ़ से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. निजी कार ,बस , टेंपो, बाइक आदि से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है.About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Ajmer,Rajasthan
First Published :
September 13, 2026, 07:48 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



