Rajasthan

जोधपुर में आसमान पर शक्ति प्रदर्शन, जापानी F-2A के सामने भारतीय सुखोई-30MKI

Last Updated:September 13, 2026, 08:59 IST

India-Japan Veer Guardian Exercise: जोधपुर एयरबेस पर भारत और जापान की वायुसेनाओं के बीच ‘वीर गार्जियन’ संयुक्त युद्धाभ्यास का दूसरा फेज चल रहा है. 9 सितंबर से शुरू हुआ यह अभ्यास 22 सितंबर तक चलेगा. इसमें जापान के तीन F-2A लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के सुखोई-30MKI के साथ हवाई युद्ध की ट्रेनिंग कर रहे हैं. एयर-टू-एयर कॉम्बैट, डॉग फाइट, नाइट ऑपरेशन और मिड-एयर रिफ्यूलिंग जैसी तकनीकों का अभ्यास किया जा रहा है. अभ्यास का फोकस हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एयर-मैरीटाइम ऑपरेशन पर है. F-2A को F-16 के डिजाइन के आधार पर जापान की जरूरतों के मुताबिक विकसित किया गया है. जोधपुर में आसमान पर शक्ति प्रदर्शन, जापानी F-2A के सामने भारतीय सुखोई-30MKI Zoomजोधपुर एयरबेस पर भारत और जापान की वायुसेनाओं के बीच ‘वीर गार्जियन’ संयुक्त युद्धाभ्यास का दूसरा फेज जारी

जोधपुर. भारत और जापान के बीच बढ़ती सैन्य साझेदारी के बीच जोधपुर एयरबेस पर दोनों देशों की वायुसेनाएं संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही हैं. भारत-जापान एयर एक्सरसाइज ‘वीर गार्जियन’ का दूसरा फेज 9 सितंबर से शुरू हुआ है, जो 22 सितंबर तक चलेगा. इस अभ्यास में जापान के तीन F-2A लड़ाकू विमान जोधपुर पहुंचे हैं, जो भारतीय वायुसेना के सुखोई-30MKI लड़ाकू विमानों के साथ विभिन्न हवाई युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं. दोनों देशों के पायलट एयर-टू-एयर कॉम्बैट, डॉग फाइट और अन्य जटिल हवाई अभियानों की ट्रेनिंग कर रहे हैं.

युद्धाभ्यास के दौरान नाइट ऑपरेशन और मिड-एयर रिफ्यूलिंग जैसी तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसका प्रमुख उद्देश्य दोनों वायुसेनाओं के बीच ऑपरेशनल समन्वय और आपसी क्षमता को बढ़ाना है. अभ्यास में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एयर-मैरीटाइम ऑपरेशन से जुड़े अभियानों पर भी विशेष फोकस रखा गया है.जापान के F-2A लड़ाकू विमान को अमेरिका के F-16 के डिजाइन के आधार पर विकसित किया गया है, लेकिन जापान ने अपनी सामरिक और तकनीकी जरूरतों के मुताबिक इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

समुद्री सुरक्षा और लंबी दूरी के अभियानों में F-2A को है महारत

F-2A को विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा और लंबी दूरी के अभियानों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. इस वजह से इस युद्धाभ्यास को हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ‘वीर गार्जियन’ के जरिए भारतीय वायुसेना को जापान के उन्नत रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और हवाई युद्ध संचालन से जुड़े अनुभव हासिल करने का मौका मिल रहा है. वहीं दोनों देशों के पायलट एक-दूसरे की ऑपरेशनल प्रक्रियाओं और युद्धक क्षमताओं को समझ रहे हैं. पाकिस्तान के पास मौजूद F-16 लड़ाकू विमानों को देखते हुए भी F-2A के साथ भारतीय सुखोई-30MKI की ट्रेनिंग को रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है.

2023 में हुआ था पहला भारत-जापान ‘वीर गार्जियन’ युद्धाभ्यास 

भारत-जापान ‘वीर गार्जियन’ युद्धाभ्यास का पहला फेज जनवरी 2023 में जापान में आयोजित हुआ था. उस दौरान भारतीय वायुसेना के सुखोई-30MKI और जापान के F-2 तथा F-15 लड़ाकू विमानों ने संयुक्त प्रशिक्षण किया था. अब इस अभ्यास का दूसरा फेज भारत में हो रहा है. इससे दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच आपसी समझ, तकनीकी सहयोग और संयुक्त अभियान की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत और जापान के बीच इस तरह के संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं. जोधपुर में चल रहा ‘वीर गार्जियन’ भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Jodhpur,Rajasthan

First Published :

September 13, 2026, 08:59 IST

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