रामदेवरा मेले में SDRF की मुस्तैदी, पवित्र रामसरोवर पर टीम ने 10 से अधिक भक्तों को डूबने से बचाया

Last Updated:September 13, 2026, 10:37 IST
Jaisalmer Ramdevra Mela: रामदेवरा में चल रहे बाबा रामदेव के भादवा मेले में लाखों श्रद्धालु पवित्र रामसरोवर तालाब में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मेला प्रशासन ने 20 अगस्त से SDRF की टीम तैनात की है. हेड कांस्टेबल भंवराराम के नेतृत्व में 10 जवान नाव से लगातार गश्त कर रहे हैं. इनकी मुस्तैदी के चलते अब तक गहरे पानी में गए 10 से अधिक भक्तों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई गई है. तालाब में 12-13 फीट पानी है. SDRF की यह टीम आगामी 26 सितंबर तक मेले में अपनी सेवाएं देगी. श्रद्धालु नहाने के बाद घाट पर ही दाल-बाटी चूरमे का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं.
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Ramdevra Mela: आस्था की डुबकी के बीच मंडराया खतरा, 10 से ज्यादा भक्तों को SDRF ने डूबने से बचाया
Jaisalmer: जैसलमेर जिले के रामदेवरा में लोक देवता बाबा रामदेव का प्रसिद्ध भादवा मेला इन दिनों पूरे चरम पर चल रहा है. देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा की समाधि के दर्शन करने और मन्नतें मांगने के लिए यहां पहुंच रहे हैं. इस धार्मिक यात्रा का एक अहम हिस्सा पवित्र रामसरोवर तालाब में स्नान करना है. लाखों की संख्या में भक्त बाबा के दर्शन करने से पहले आस्था की डुबकी लगाने के लिए इस तालाब पर पहुंच रहे हैं. तालाब में उमड़ रही इस भारी भीड़ को देखते हुए और किसी भी अनहोनी या डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए मेला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और पुख्ता इंतजाम किए हैं.
रामसरोवर तालाब में स्नान करते समय गहरे पानी में चले जाने से किसी भी भक्त की डूबने से मृत्यु न हो, इसके लिए मेला प्रशासन ने विगत 20 अगस्त से ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेष टीम को यहां पर तैनात कर दिया था. जोधपुर एसडीआरएफ की टीम से हेड कांस्टेबल भंवराराम के नेतृत्व में मय 10 जवान नियमित रूप से नाव के जरिए तालाब और घाट के चारों तरफ लगातार गश्त कर रहे हैं. ये जवान लाउडस्पीकर के माध्यम से नहाने वाले लोगों से लगातार यह आह्वान कर रहे हैं कि वे घाट के किनारे सुरक्षित स्थान पर बैठकर ही नहाएं और गहरे पानी की तरफ बिल्कुल न जाएं.
मुस्तैदी का नतीजा: 10 से अधिक लोगों की बचाई जानएसडीआरएफ के जवानों द्वारा सुबह, दोपहर, शाम और रात्रि के समय लगातार की जा रही इस सतर्क गश्त का ही नतीजा है कि इस बार मेले में अब तक डूबने की कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है. हालांकि, नहाते समय अनजाने में या असावधानी के कारण गहरे पानी में चले जाने से करीब 10 से अधिक लोगों के डूबने का खतरा पैदा हो गया था, लेकिन मुस्तैद एसडीआरएफ की टीम ने समय पर वहां पहुंचकर उन सभी भक्तों को सुरक्षित रूप से पानी से बाहर निकाल लिया. जवानों की इस त्वरित कार्रवाई की वहां मौजूद लोगों ने भी काफी सराहना की है.
आस्था का सैलाब और दाल-बाटी चूरमे का प्रसादपवित्र रामसरोवर तालाब में इस समय अच्छी बारिश के कारण करीब 12 से 13 फीट बरसाती पानी का जल जमाव है. लोगों की गहरी आस्था और श्रद्धा है कि बाबा की समाधि के दर्शन करने से पहले पवित्र रामसरोवर तालाब में डुबकी अवश्य लगानी चाहिए, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इससे सारे पाप धुल जाते हैं. इसी वजह से घाट के आसपास भक्तों का भारी जनसैलाब देखने को मिल रहा है. स्नान करने के पश्चात अधिकांश श्रद्धालु घाट के किनारे और आसपास के स्थानों पर बाबा रामदेव का प्रिय भोजन ‘दाल बाटी चूरमा’ का प्रसाद बनाकर सपरिवार प्रसादी ग्रहण करते हैं. इस दौरान यहां देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं की वजह से ‘विविधता में एकता’ की अनूठी और खूबसूरत रंगत देखने को मिल रही है.
आगामी 26 सितंबर तक तैनात रहेगी टीमरामसरोवर तालाब पर भक्तों की भारी भीड़ और चहल-पहल लगातार बढ़ती जा रही है. सुरक्षा के मद्देनजर एसडीआरएफ की यह विशेष टीम आगामी 26 सितंबर तक (मेले के समापन तक) यहां पर अपनी सेवाएं निरंतर देती रहेगी. प्रशासन ने भी सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और छोटे बच्चों को पानी से दूर रखें, ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaisalmer,Jaisalmer,Rajasthan
First Published :
September 13, 2026, 10:37 IST



