नौलखा हार, सोने का मुकुट और चांदी की धोती से होता जयपुर के इस मंदिर में भगवान गणपति का खास श्रृंगार

Last Updated:September 13, 2026, 13:20 IST
जयपुर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. 14 सितंबर को भगवान गणपति का 150 साल पुरानी परंपरा के अनुसार भव्य श्रृंगार किया जाएगा. गणपति को खास नौलखा हार, रत्नजड़ित स्वर्ण मुकुट और आकर्षक पोशाक धारण कराई जाएगी. वहीं 200 साल पुरानी परंपरा के तहत सोजत और जयपुर से मंगवाई गई 3100 किलो मेहंदी गणपति को अर्पित की जाएगी.
जयपुर. शहर में गणेश चतुर्थी की जमकर रौनक हैं जयपुर में भगवान गणपति के कई प्राचीन मंदिर हैं जहां वर्षा से गणेश चतुर्थी पर मंदिर की खास परम्पराएं और मान्यताएं आज भी बरकरार हैं. ऐसे ही जयपुर के सबसे प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर जहां 150 सालों से भगवान गणपति का अनोखा श्रृंगार किया जाता हैं और सिंजारा उत्सव से लेकर मेंहदी उत्सव के लिए हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती हैं. 14 सितंबर को मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी जिसके लिए मंदिर में जोरो-शोरों से तैयारियां चल रही हैं. हर साल गणेश चतुर्थी पर मोतीडूंगरी मंदिर में भगवान गणपति को नौलखा हार पहनाया जाता हैं.
मंदिर में 200 साल की परंपरा निभाते हुए सोजत व जयपुर से मंगवाई 3100 किलो मेहंदी गणपति को अर्पित की जाएंगी. हर साल गणेश चतुर्थी पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में दर्शन के लिए हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ती हैं, इसलिए हर साल की तरह मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था के लिए लाइन से दर्शन करने की व्यवस्था की हैं. वहीं हजारों भक्तों की संख्या को देखते हुए मंदिर में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया हैं और AI कैमरों से मंदिर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही हैं. जिसके चलते मंदिर आने वाले भक्तों का सही आंकड़ा पता चल सकेगा और भीड़ पर नजर भी रखी जा सकेगी.
सोने का मुकुट से भगवान गणपति का विशेष श्रृंगार
हर साल मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 150 साल पुरानी परंपरा के अनुसार भगवान को विशेष श्रृंगार किया जाएगा. जिसमें महंत परिवार द्वारा 3 महीने में तैयार किए गए नौलखा हार को पहनाया जाएगा. यह खास नौलखा हार 3 किलो लाख की चपड़ी को गलाकर, प्राकृतिक रंगों व फॉइल्स से फूल बनाकर यह हार तैयार किया हैं. जिसमें सोना,पन्ना, हीरा व रूबि जैसे कीमती रत्न का जड़ें हैं. नौलखा हार के अलावा भगवान को रत्नजड़ित स्वर्ण मुकुट, ननिहाल से आई कोलकाता की जरदोजी व रत्नजड़ित पोशाक, चांदी की धोती, सोने-चांदी के कड़े, कुंडल व पारंपरिक आयुध धारण कराएं जाएगी.
14 को ये रहेगा मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में दर्शन का समय
आपको बता दें, मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में 14 और 15 सितम्बर को लाखों की संख्या में भक्त भगवान गणपति के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, इसलिए इस बार गणेश चतुर्थी पर सुबह से शाम तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे जिनमें सुबह 5 बजे मंगला आरती से रात दोपहर 12 बजे विशेष पूजन, दोपहर 12:15 पर भोग आरती, दोपहर 3 बजे श्रृंगार आरती और शाम 7 बजे संध्या आरती होगी. भोग के दौरान दोपहर 1 से 2 बजे तक पट मंगल रहेंगे. वहीं 15 सितम्बर को भगवान गजानन भव्य शोभायात्रा के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे. यह शोभायात्रा मोतीडूंगरी मंदिर से शाम को रवाना होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेगी.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 13, 2026, 13:20 IST



