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End of Earth Date: Scientists Predicts Big Crunch: ब्रह्मांड का होगा अंत वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला अनुमान 33 अरब साल बाद आ रहा बिग क्रंच

Last Updated:September 13, 2026, 14:48 IST

Scientists Predicts date of Big Crunch: हम दुनिया में हर रोज होने वाले परिवर्तन को देख रहे हैं. वैज्ञानिकों ने अब एक ऐसी तारीख का अनुमान लगाया है, जब इस धरती पर बिग क्रंच आ सकता है. सीधी भाषा में कहें तो रिसर्चर्स ने कहा है कि 33 अरब साल बाद धरती एक बार फिर वीरान होने वाली है, ब्रह्मांड का नामोनिशान मिट जाएगा.

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33 अरब साल बाद... ब्रह्मांड का होगा अंत, वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला अनुमानZoomधरती के अंत की तारीख बता रहे हैं वैज्ञानिक.

कल्पना कीजिए एक ऐसा समय जब न पृथ्वी होगी, न सूरज, न आकाशगंगाएं और न ही वह विशाल ब्रह्मांड, जिसे हम आज अंतहीन समझते हैं. वैज्ञानिकों के एक नए अध्ययन ने ब्रह्मांड के अंतिम भविष्य को लेकर एक बेहद दिलचस्प और कुछ हद तक डरावना अनुमान पेश किया है. कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी और कुछ अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के आधार पर ब्रह्मांड के अंत का अनुमान लगाया गया है.  आज से करीब 33.3 अरब साल इस ब्रह्मांड का अंत का अंत हो सकता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में बिग क्रंच कहा जाता है.

वैज्ञानिकों के मुताबिक ब्रह्मांड हमेशा इसी तरह फैलता नहीं रहेगा. मौजूदा स्थिति में ब्रह्मांड लगातार फैल रहा है लेकिन नए मॉडल के अनुसार एक समय ऐसा आएगा जब इसका फैलाव धीमा पड़ने लगेगा. इसके बाद ब्रह्मांड अपने अधिकतम आकार तक पहुंचेगा और फिर धीरे-धीरे सिकुड़ना शुरू कर देगा. आखिरकार यह सिकुड़ता हुआ सब कुछ एक बिंदु की ओर ले जाएगा यानी जिस तरह बिग बैंग से ब्रह्मांड के फैलने की शुरुआत मानी जाती है, उसी के उलट प्रक्रिया में ब्रह्मांड वापस सिमट सकता है. इसी संभावित घटना को बिग क्रंच या धरती का अंत भी कहते हैं.

ब्रह्मांड अभी और कितना बड़ा होगा?

स्टडी के मुताबिक सिकुड़ना शुरू होने से पहले ब्रह्मांड अपने वर्तमान आकार से करीब 69 प्रतिशत ज्यादा बड़ा हो सकता है. इसके बाद इसका विस्तार लगातार धीमा होगा और फिर संकुचन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. यह अनुमान उस विचार पर आधारित है, जिसमें ब्रह्मांड की तुलना एक खिंचे हुए रबर बैंड से की गई है. जैसे रबर बैंड को खींचने के बाद वह वापस अपनी स्थिति में आने की कोशिश करता है, उसी तरह एक समय के बाद ब्रह्मांड के फैलाव की दिशा बदलने की आशंका जताई गई है.

डार्क एनर्जी पर टिकी है पूरी कहानी

इस पूरे सिद्धांत में डार्क एनर्जी की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है. वैज्ञानिकों के मुताबिक डार्क एनर्जी ब्रह्मांड का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित करती है और लंबे समय से इसे ब्रह्मांड के लगातार फैलने की प्रमुख वजह माना जाता रहा है. वैज्ञानिकों के सामने सवाल यह है कि क्या डार्क एनर्जी हमेशा एक जैसी रहेगी? नए अध्ययन में संभावना जताई गई है कि इसकी प्रकृति बदल सकती है. अगर ऐसा होता है, तो ब्रह्मांड का फैलाव हमेशा तेज नहीं रहेगा और आखिरकार संकुचन शुरू हो सकता है.

पृथ्वी तब तक रहेगी भी या नहीं?

यहां कहानी और भी दिलचस्प हो जाती है. वैज्ञानिकों के इस अनुमान के अनुसार ब्रह्मांड के संभावित अंत में अभी करीब 20 अरब साल बाकी हैं, क्योंकि ब्रह्मांड की वर्तमान उम्र लगभग 13.8 अरब साल मानी जाती है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पृथ्वी 20 अरब साल तक सुरक्षित रहेगी. वैज्ञानिकों के अन्य अनुमानों के मुताबिक लगभग 20 अरब साल बाद तक हमारा सूरज अपना जीवन पूरा कर चुका होगा. इसके अलावा हमारी आकाशगंगा मिल्की वे और पड़ोसी एंड्रोमेडा आकाशगंगा भी आपस में टकराकर एक नई आकाशगंगा वाली संरचना बना सकती हैं. जब कभी ब्रह्मांड अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ेगा, तब तक शायद पृथ्वी का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका होगा.

हालांकि  बिग क्रंच सिर्फ एक वैज्ञानिक मॉडल और संभावना है इसे कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता. ब्रह्मांड का वास्तविक भविष्य क्या होगा, हमेशा फैलता रहेगा, किसी और अवस्था में जाएगा या आखिरकार खत्म हो गया. यह सवाल अभी भी विज्ञान के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है. ब्रह्मांड आज विशाल है, रहस्यमय है और लगातार फैल रहा है लेकिन अगर यह नया मॉडल सही साबित हुआ तो अरबों साल बाद यही फैलता हुआ ब्रह्मांड एक दिन खुद की ओर लौटना शुरू कर सकता है.

About the AuthorPrateeti Pandey

में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…

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September 13, 2026, 14:48 IST

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