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हर रात सोते समय लार टपकती है? खर्राटों से लेकर स्लीप एपनिया तक ये 5 संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

Sleeping Drooling: सुबह उठते ही तकिए पर लार के निशान देखकर कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर सोते समय मुंह से लार क्यों निकलती है. कभी-कभार ऐसा होना आम बात हो सकती है, खासकर जब नींद में मुंह खुला रह जाए या आप करवट लेकर सो रहे हों, लेकिन अगर यह समस्या लगभग हर रात हो रही है और लार काफी मात्रा में निकलती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

इसकी वजह सिर्फ सोने का तरीका नहीं, बल्कि नाक बंद रहना, मुंह से सांस लेना या कुछ दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं. ऐसे में घबराने के बजाय कारण समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा सही तरीका है.

सोते समय मुंह से लार क्यों निकलती है?

नींद के दौरान हमारी निगलने की प्रक्रिया जागते समय की तुलना में धीमी हो जाती है. ऐसे में मुंह में बनने वाली लार हमेशा तुरंत निगली नहीं जाती, अगर इस दौरान मुंह खुला हुआ है, तो लार बाहर भी आ सकती है. सोने की पोजीशन भी इसमें भूमिका निभा सकती है. करवट लेकर सोने पर मुंह के किनारे से लार तकिए पर गिर सकती है. कुछ लोगों में मुंह में लार ज्यादा बनने या चेहरे की मांसपेशियों पर नियंत्रण कम होने की वजह से भी यह समस्या दिखाई दे सकती है.

अगर कभी-कभार ऐसा होता है और कोई दूसरी परेशानी नहीं है, तो आमतौर पर इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं होती. परेशानी तब ज्यादा ध्यान देने वाली बनती है जब यह लगातार हो या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई दें.

किन वजहों से बढ़ सकती है लार टपकने की समस्या?
नाक बंद रहना

सर्दी, एलर्जी या साइनस से जुड़ी परेशानी में नाक बंद हो सकती है. ऐसे में व्यक्ति नाक की बजाय मुंह से सांस लेने लगता है. सोते समय मुंह खुला रहने से लार बाहर निकलने की संभावना बढ़ सकती है,अगर आपकी नाक अक्सर बंद रहती है और साथ में रात में मुंह खुला रहता है, तो पहले नाक से जुड़ी समस्या का कारण पता करना जरूरी है.

खर्राटे और स्लीप एपनिया

कुछ लोगों को सोते समय तेज खर्राटे आते हैं या सांस रुकने जैसी समस्या होती है. ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया में सांस लेने का रास्ता बार-बार संकरा या बंद हो सकता है. ऐसे लोगों में मुंह से सांस लेने और मुंह खुला रहने के कारण लार टपक सकती है, अगर लार के साथ बहुत तेज खर्राटे, नींद में सांस रुकने की शिकायत या दिन में बहुत ज्यादा नींद आने जैसी परेशानी हो, तो डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है.

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निगलने में परेशानी

लार को ठीक से निगल पाने में दिक्कत होने पर वह मुंह में जमा हो सकती है. कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों या चेहरे और मुंह की मांसपेशियों से जुड़ी कमजोरी में ऐसा हो सकता है. ऐसे मामलों में सिर्फ लार टपकने को अलग समस्या मानने के बजाय दूसरे लक्षणों पर भी ध्यान देना चाहिए, अगर चेहरे के एक हिस्से में कमजोरी, बोलने में परेशानी, निगलने में दिक्कत या शरीर की चाल में बदलाव जैसा कोई नया लक्षण दिखाई दे, तो जल्द चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.

सोते समय लार कम करने के लिए क्या करें?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि लार क्यों निकल रही है, अगर नाक लगातार बंद रहती है, तो डॉक्टर से इसकी वजह की जांच करवाएं. एलर्जी या दूसरी नाक संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर उसके अनुसार इलाज बता सकते हैं. बिना सलाह के दवाएं लेना सही नहीं है.
सोने की पोजीशन बदलकर देखना भी कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकता है, अगर हमेशा एक ही तरफ करवट लेकर सोने पर लार निकलती है, तो सोने की स्थिति में बदलाव करने से फर्क पड़ सकता है.
अगर खर्राटे बहुत ज्यादा आते हैं या स्लीप एपनिया का संदेह है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है. स्लीप एपनिया की पुष्टि होने पर डॉक्टर जरूरत के अनुसार उपचार की सलाह देते हैं.
बच्चों में अगर लगातार मुंह खुला रहता है और नाक से सांस लेने में परेशानी होती है, तो बढ़े हुए एडिनॉइड्स जैसी वजहों की जांच भी कराई जा सकती है.

कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

कभी-कभार सोते समय लार निकलना आमतौर पर बड़ी चिंता की बात नहीं होती, लेकिन अगर यह रोज होने लगे, मात्रा काफी ज्यादा हो या इसके साथ खर्राटे, सांस लेने में परेशानी, निगलने में दिक्कत या चेहरे की कमजोरी जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए.

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