पटरी पर दौड़ा राजमहल, ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ की पहली ट्रिप सोल्ड आउट, 77 मेहमान बने शाही सफर का हिस्सा

Last Updated:September 15, 2026, 13:12 IST
Palace On Wheels: पटरी पर दौड़ते राजमहल जैसी शाही ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ नए पर्यटन सत्र की पहली यात्रा पर जोधपुर पहुंची. 77 यात्रियों से भरी इस पहली ट्रिप में 11 विदेशी और NRI मेहमान शामिल रहे. राजस्थानी परंपरा, भव्य इंटीरियर, शाही आतिथ्य और लजीज व्यंजनों से सजे इस सफर का पहला टूर पूरी तरह सोल्ड आउट रहा.
जोधपुर. सोने जैसी चमक, शीश महल जैसा इंटीरियर और हर पड़ाव पर राजस्थान की परंपरा से स्वागत. तस्वीरें देखकर आपको लगेगा जैसे कोई राजमहल पटरी पर दौड़ रहा हो. लेकिन यह कोई महल नहीं, बल्कि राजस्थान की शाही पहचान ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ है. नए पर्यटन सत्र की पहली यात्रा लेकर यह शाही ट्रेन जोधपुर के मंडोर पहुंची, जहां देश-विदेश से आए मेहमानों का राजस्थानी अंदाज में फूल-मालाएं पहनाकर पारंपरिक स्वागत किया गया। खास बात यह है कि सत्र का पहला ही टूर पूरी तरह सोल्ड आउट है और 77 यात्री इस शाही सफर का हिस्सा बने हैं.
‘पैलेस ऑन व्हील्स’ को और आकर्षक एवं यादगार अनुभव देने के पीछे मैनेजिंग डायरेक्टर भगत सिंह लोहागढ़ के विज़न और निर्देशन की अहम भूमिका है. उनके निर्देशन में ट्रेन की भव्यता, साज-सज्जा, आतिथ्य और यात्रियों के अनुभव पर खास ध्यान दिया गया है. ट्रेन का इंटीरियर, सोने जैसी चमकती सजावट और शीश महल जैसा लुक यात्रियों को सफर के साथ राजसी माहौल का एहसास कराता है.
77 यात्रियों में विदेशी और NRI मेहमान भी शामिलइस पहली ट्रिप में कुल 77 यात्री सफर कर रहे हैं, जिनमें 11 विदेशी और एनआरआई मेहमान शामिल हैं. घरेलू पर्यटकों तक पहुंच बनाने और राजस्थान को शाही पर्यटन के जरिए नए अंदाज में पेश करने की दिशा में टीम लगातार काम कर रही है. मैनेजिंग डायरेक्टर भगत सिंह लोहागढ़ के निर्देशन में किए जा रहे इन प्रयासों का असर पहले ही टूर के पूरी तरह सोल्ड आउट होने के रूप में नजर आ रहा है.
दिल्ली से शुरू होता है सफर, राजस्थान की संस्कृति से होता है सामनापैलेस ऑन व्हील्स दिल्ली के सफदरजंग से रवाना होकर जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जैसलमेर और जोधपुर पहुंचती है. जैसलमेर के धोरों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम यात्रियों के लिए खास आकर्षण रहता है. वहीं हर शहर में स्थानीय परंपरा के अनुसार स्वागत किया जाता है. जयपुर में कच्छी घोड़ी, ढोल-नगाड़े और हाथियों से स्वागत, चित्तौड़गढ़ में वीरता की झलक और जोधपुर में रॉयल बैंड के साथ मेहमानों का अभिनंदन किया जाता है.
राजस्थानी स्वाद के साथ दुनिया भर के व्यंजनशाही अनुभव सिर्फ सजावट और स्वागत तक सीमित नहीं है, ट्रेन में राजस्थानी व्यंजनों के साथ कॉन्टिनेंटल, चाइनीज और मुगलई भोजन भी यात्रियों को परोसा जाता है, ताकि देशी-विदेशी हर मेहमान अपनी पसंद के स्वाद का आनंद ले सके. यही शाही अंदाज, परंपरागत मेहमाननवाजी और बेहतरीन अनुभव ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ को दुनिया की खास लक्जरी ट्रेन यात्राओं में अलग पहचान दिलाता है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
September 15, 2026, 13:12 IST



