Balasore rare orangutan rescue। Digha hotel wildlife smuggling। डील टूटी, फिर जंगल में फेंके गए 5 दुर्लभ ओरंगुटान… STF जांच में सामने आया सच

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डील टूटी, फिर जंगल में फेंके गए 5 दुर्लभ ओरंगुटान… STF जांच में सामने आया सच
Last Updated:September 15, 2026, 23:49 IST
ओडिशा के बालेश्वर में मिले पांच दुर्लभ ओरंगुटान बच्चों के रेस्क्यू के पीछे अंतर्राष्ट्रीय वाइल्डलाइफ रैकेट का खुलासा हुआ है. पश्चिम बंगाल के दीघा स्थित होटल में डील कैंसिल होने पर तस्करों ने इन्हें छोड़ दिया, जिसके बाद होटल मालिक ने इन्हें थार से जंगल में फेंका. फिलहाल नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में मैसूर जू और ओयूएटी के एक्सपर्ट्स की टीम इन मासूमों का इलाज कर रही है. एसटीएफ पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है.
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मामले में नई जानकारी सामने आई.
ओडिशा के बालेश्वर में मिले पांच दुर्लभ ओरंगुटान के बच्चों के रेस्क्यू के पीछे एक ऐसे अंतर्राष्ट्रीय वाइल्डलाइफ ट्रैफिकिंग रैकेट की कहानी सामने आई है जिसने पुलिस और एसटीएफ (STF) दोनों के होश उड़ा दिए हैं. पश्चिम बंगाल के दीघा स्थित एक होटल में लाखों रुपये की यह वाइल्डलाइफ डील होने वाली थी, लेकिन एन मौके पर खरीदार के न पहुंचने पर पूरा प्लान चौपट हो गया. इसके बाद जो ड्रामेटिक मोड़ आया, उसने ओडिशा से लेकर बंगाल तक सनसनी फैला दी है. फिलहाल नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क में मैसूर जू और OUAT के डॉक्टर्स की स्पेशल टीम इन नन्हे मेहमानों को बचाने में जुटी है.
दीघा के होटल में डील क्रैश, थार से जंगल में फेंके मासूमसूत्रों के मुताबिक, तस्कर पांचों ओरंगुटान के बच्चों को लेकर पश्चिम बंगाल के दीघा स्थित ग्रैंड हेरिटेज होटल पहुंचे थे. यहां गुप्त रूप से किसी बड़े खरीदार के साथ सौदा तय होना था. लेकिन जब तय वक्त पर बायर नहीं पहुंचा, तो पुलिस के पकड़े जाने के डर से तस्करों के हाथ-पांव फूल गए. वे बच्चों को वहीं छोड़कर रफूचक्कर हो गए. इसके बाद होटल मालिक जयंत माइती और उसके बेटे सौम्यदीप माइती ने पकड़े जाने के डर से एक खौफनाक कदम उठाया. दोनों ने पांचों ओरंगुटान को अपनी काली थार गाड़ी में लादा और दीघा के पास भोगराई के उदययपुर जंगल में ले जाकर छोड़ दिया.
पुराने खिलाड़ी हैं बाप-बेटेशुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि होटल मालिक बाप-बेटे का यह कोई पहला मामला नहीं है. वे लंबे समय से अंतरराज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं. इस गैंग के सदस्य पहले उत्तर प्रदेश में भी अरेस्ट होकर जेल की हवा खा चुके हैं. अब एसटीएफ (STF) और स्थानीय पुलिस इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए छापेमारी कर रही है.
नंदनकानन में इमरजेंसी मेडिकल केयर
उदययपुर जंगल से रेस्क्यू करने के बाद पांचों ओरंगुटान बच्चों को भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क के हैंड रियरिंग सेंटर (Hand Rearing Centre) में रखा गया है.• मैसूर जू और OUAT के एक्सपर्ट्स: इन दुर्लभ प्राणियों की सेहत बहुत नाजुक होने के कारण मैसूर चिड़ियाघर के वेटेनरी डॉक्टर्स और ओयूएटी (OUAT) के विशेषज्ञों की एक टेक्निकल कमेटी बनाई गई है.• ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट जारी होगी: यह टेक्निकल टीम लगातार 24 घंटे ओरंगुटान के बच्चों का हेल्थ चेकअप कर रही है और जल्द ही अपनी डिटेल रिपोर्ट जमा करेगी.
फ्यूचर थ्रेट: कितना बड़ा है ये अंतर्राष्ट्रीय रैकेट?रेयर ओरंगुटान मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया के जंगलों में पाए जाते हैं. भारत के बॉर्डर तक इनका पहुंचना यह साबित करता है कि यह सिर्फ स्थानीय चोरी नहीं बल्कि एक बहुत बड़ा ग्लोबल ब्लैक मार्केट नेटवर्क है. ओडिशा एसटीएफ अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन ओरंगुटान को भारत के किस रास्ते से लाया गया था और इसकी असली लॉजिस्टिक्स चेन कहां से ऑपरेट हो रही थी.
About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
September 15, 2026, 23:49 IST



