ममता के जाते ही बदलने लगा बंगाल, गणेश पूजा के रंग में रंगे CM सुवेंदु अधिकारी, इस बार की दुर्गा पूजा क्या होगी खास?

Last Updated:September 15, 2026, 20:34 IST
देश में गणेश पूजा की धूम है. बंगाल में भी इस बार गणेश पूजा धूमधाम से मनाया जा रहा है. मंगलवार को कोलकाता में गणेश पूजा के उद्घाटन में पारंपरिक बंगाली धोती-कुर्ता लिबास में पहुंचे सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल की बदलती आबोहवा की कहानी बता दी. ममता बनर्जी के शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार का दुर्गा पूजा बंगाल की नई पहचान बनेगी.पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी गणेश पूजा के रंग में दिखे.
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में जब सीएम सुवेंदु अधिकारी पारंपरिक बंगाली धोती-कुर्ता और शॉल में गणेश पूजा का उद्घाटन करने पहुंचे, तो पूरा पंडाल जय श्रीराम और सनातन संस्कृति के जयकारों से गूंज उठा. सुवेंदु अधिकारी का बंगाली भद्रलोक अवतार न केवल सोशल मीडिया पर छा गया, बल्कि बीजेपी कैडर और आम जनता के बीच यह संदेश देने में कामयाब रहा कि ममता राज के बाद अब बंगाल अपनी पुरानी जड़ों और सनातन अस्मिता की ओर लौट रहा है.
सालों बाद बंगाल में गणेश पूजा को लेकर इतना उल्लास देखने को मिला. अमूमन बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान ही इस तरह का उत्सव का माहौल रहता है. वह भी बीते कई सालों से विवादों से भरा रहता था. लेकिन ममता बनर्जी का राज जाते ही अब बंगाल में सभी हिंदू पर्व को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है. सीएम सुवेंदु अधिकारी और बीजेपी नेताओं के दावा करते रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को राजनीतिक तुष्टिकरण के चक्रव्यूह में उलझा दिया गया था, जिसे फिर से सही रास्ते पर लाया जा राह है.
गणेश पूजा के रंग में रंगा बंगाल
गणेश पूजा के मंच से सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी सरकार के दौरान हुए कथित तुष्टिकरण और वर्तमान बदलावों के बारे में बताया. बता दें कि बंगाल में बीते 15 सालों से दुर्गा पूजा और मूर्ति विसर्जन के दौरान कई घटनाएं हुई. मुहर्रम के जुलूसों के कारण कई बार दुर्गा पूजा विसर्जन पर रोक या समय सीमा तय की जाती थी. धार्मिक अनुष्ठानों और विसर्जन की पूरी स्वतंत्रता, बिना किसी तुष्टिकरण या सरकारी अड़चन के बिना अब मिल रही है.
VIDEO | Kolkata: West Bengal Chief Minister Suvendu Adhikari inaugurates Ganesh Puja organised by Bharat Sevashram Sangha.



