Army Chief Russia Visit। Gen Dheeraj Seth Moscow Visit। PM मोदी-पुतिन की मीटिंग, अब रूस पहुंचे आर्मी चीफ; उड़ने वाली है मुनीर की नींद

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PM मोदी-पुतिन की मीटिंग, अब रूस पहुंचे आर्मी चीफ; उड़ने वाली है मुनीर की नींद
Last Updated:September 16, 2026, 19:27 IST
Army Chief Russia Visit: पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया दो मुलाकातों के बाद भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ मॉस्को के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं. 16 से 18 सितंबर तक चलने वाली इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के बेड़े में मौजूद रूसी मूल के हथियारों का आधुनिकीकरण, स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति और रखरखाव सुनिश्चित करना है. इस दौरान वे रूसी सैन्य नेतृत्व से अहम वार्ता करेंगे.रूस दौरे पर निकले आर्मी चीफ.
ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स का पारा एक बार फिर चरम पर है और इस बार खबर सीधे मॉस्को के रेड स्क्वायर से आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच महज 15 दिनों के भीतर दो-दो हाई-वोल्टेज मुलाकातों ने पहले ही पश्चिमी देशों के पसीने छुड़ा रखे थे. अब भारत के थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का अचानक मॉस्को लैंड करना साफ बता रहा है कि बैकग्राउंड में कोई बहुत बड़ा गेम चल रहा है। 30 जून 2026 को 31वें थलसेना प्रमुख के रूप में कमान संभालने वाले जनरल सेठ 16 से 18 सितंबर तक रूस के तीन दिवसीय हाई-स्टेक्स दौरे पर हैं। यह कोई आम कूटनीतिक चाय-पानी वाली मीटिंग नहीं है बल्कि भारतीय सेना के बेड़े में मौजूद रूसी मूल के घातक हथियारों को नेक्स्ट-लेवल अपग्रेड देने और रक्षा सौदों को शेप देने का एक फुल-ऑन मास्टरप्लान है.
रूसी सैन्य नेतृत्व के साथ हाई-लेवल मीटिंग्सजनरल धीरज सेठ की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रूस के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर आर्मी-टू-आर्मी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है. मॉस्को पहुंचने पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उन्होंने टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. यात्रा के दौरान जनरल सेठ रूस की थलसेना के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रेई निकोलायेविच मोर्दविचेव के साथ द्विपक्षीय सैन्य सहयोग और पेशेवर प्रशिक्षण पर गहन चर्चा करेंगे. इसके अलावा, वह मॉस्को स्थित नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर का दौरा करेंगे और रक्षा उद्योग व खरीद से जुड़े उप रक्षा मंत्री वासिली सर्गेयेविच ओस्माकोव से मुलाकात कर बदलते सैन्य हालात पर विचार साझा करेंगे.
भारतीय सेना के रूसी हथियारों को अपग्रेड करने का मास्टरप्लानइस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक पहलू भारतीय सेना के बेड़े में मौजूद रूसी मूल की सैन्य प्रणालियों को अपग्रेड करना और उनके रखरखाव को सुनिश्चित करना है. भारतीय थल सेना का एक बड़ा हिस्सा (जैसे T-90 और T-72 टैंक, BMP कॉम्बैट व्हीकल और आर्टिलरी गन) रूसी तकनीक पर निर्भर है. मॉस्को में उप रक्षा मंत्री वासिली ओस्माकोव से होने वाली बैठकों में क्रिटिकल स्पेयर पार्ट्स की निर्बाध सप्लाई, समय पर मरम्मत और इन सिस्टम को आधुनिक तकनीकों से लैस करने पर विस्तार से बातचीत होगी.
सेंट पीटर्सबर्ग में आर्टिलरी और मिलिट्री एजुकेशन पर फोकसअपने दौरे के अगले चरण में जनरल सेठ सेंट पीटर्सबर्ग जाएंगे, जहां वे प्रसिद्ध मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का दौरा करेंगे. यहां वे रूसी सैन्य अकादमी के फैकल्टी और रिसर्चर्स से मुलाकात कर आधुनिक तोपखाने, सटीक मारक क्षमता वाली मिसाइलों और भविष्य के युद्ध में इस्तेमाल होने वाली आर्टिलरी तकनीकों के आदान-प्रदान पर चर्चा करेंगे.
2025 के इंद्र अभ्यास से आगे बढ़ती सैन्य साझेदारीभारत और रूस के बीच रक्षा कूटनीति दशकों पुरानी है. वर्ष 2025 में आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास इंद्र ने दोनों सेनाओं के बीच समन्वय को और मजबूत किया था. पीएम मोदी और पुतिन के बीच लगातार हुई मुलाकातों के बाद सेना प्रमुख का सीधे मॉस्को जाना यह साफ संकेत देता है कि भारत अपनी सामरिक तैयारियों और हथियारों के आधुनिकीकरण के लिए रूस के साथ अपने पुराने और भरोसेमंद रिश्तों को और अधिक धार दे रहा है.
About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
September 16, 2026, 19:27 IST



