Nagaur News: अचानक भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर बहने लगी जलधारा, मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Last Updated:September 16, 2026, 17:45 IST
Nagaur News: कुचामन सिटी के घाटी कुआं स्थित दिगंबर जैन तेरहपंथी मंदिर में भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर अचानक जलधारा प्रवाहित होती दिखाई दी. बिना किसी मानवीय प्रयास के पानी बहता देख श्रद्धालुओं में कौतूहल और आस्था का माहौल बन गया. खबर फैलते ही मंदिर में दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी.
नागौर. कुचामन सिटी के एक दिगंबर जैन मंदिर में ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को हैरान कर दिया. यहां घाटी कुआं स्थित दिगंबर जैन तेरहपंथी मंदिर में विराजमान मूलनायक भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर अचानक जलधारा प्रवाहित होती दिखाई दी. मंदिर में मौजूद लोगों के अनुसार, प्रतिमा पर बिना किसी मानवीय प्रयास के पानी बह रहा था. देखते ही देखते यह बात शहर में फैल गई और मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी.
मंदिर समिति के सचिव सुभाष पहाड़िया ने बताया कि श्रावक प्रतिदिन की तरह प्रक्षाल और कलशाभिषेक की तैयारियों के लिए मंदिर पहुंचे थे, इसी दौरान उनकी नजर भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर पड़ी. प्रतिमा पर जल प्रवाहित होता देखकर पहले उन्होंने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन जब जलधारा लगातार दिखाई दी तो मंदिर में मौजूद अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी गई.
प्रतिमा पर जलधारा देख श्रद्धालु हुए भावविभोर
मंदिर में यह दृश्य देखते ही श्रद्धालुओं के बीच कौतूहल के साथ आस्था का माहौल बन गया, कई श्रद्धालुओं ने प्रतिमा पर जलधारा प्रवाहित होते देखने की बात कही. श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की, कुछ ही समय में मंदिर परिसर में लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी. घटना की जानकारी कुचामन शहर में फैलते ही घाटी कुआं स्थित मंदिर में दर्शनार्थियों का पहुंचना शुरू हो गया. जैन समाज के लोगों के साथ अन्य समाजों के लोग भी मंदिर पहुंचे. श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ के दर्शन किए और इस घटना को लेकर अपनी आस्था व्यक्त की.
जैन परंपरा में शुभ माना जाता है ऐसा जलाभिषेक
स्थानीय जैन समाजजनों के अनुसार, जैन धार्मिक परंपरा में तीर्थंकर प्रतिमाओं पर स्वतः या देवकृत जलाभिषेक जैसी घटनाओं को शुभ और मंगलकारी माना जाता है. श्रद्धालुओं का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज और नगर के लिए सुख-समृद्धि तथा कल्याण का संदेश मानी जाती हैं. हालांकि जलधारा किस कारण से प्रवाहित हुई, इसका कोई वैज्ञानिक या तकनीकी कारण सामने नहीं आया है. फिलहाल श्रद्धालु इस घटना को अपनी धार्मिक आस्था और मान्यताओं से जोड़कर देख रहे हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Nagaur,Rajasthan
First Published :
September 16, 2026, 17:45 IST



